पुणे शिक्षक सीट पर कल गिनती, किसके सिर सजेगा जीत का सेहरा
पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के नतीजे कल 27 अक्टूबर को आएंगे। महायुति और महाविकास अघाड़ी दोनों ने इसे प्रतिष्ठा का सवाल बना रखा है।
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पुणे विभाग के स्नातक और शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के लिए हाल ही में वोटिंग हुई थी। अब सबकी नज़र गिनती पर टिकी है। पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में वोट 23 अक्टूबर को डाले गए थे और गिनती कल यानी 27 अक्टूबर को होगी, ऐसी जानकारी दी गई है। गिनती के बाद साफ हो जाएगा कि किस उम्मीदवार के गले में जीत की माला पड़ती है और किसे हार का सामना करना पड़ता है। महायुति और महाविकास अघाड़ी ने यह चुनाव प्रतिष्ठा का बना लिया है, इसलिए सियासी गलियारों में नतीजे को लेकर उत्सुकता है।
इस चुनाव में अलग-अलग राजनीतिक पार्टियों के उम्मीदवार और निर्दलीय मैदान में उतरे थे। भाजपा, शिवसेना (एकनाथ शिंदे गुट), कांग्रेस और निर्दलीय उम्मीदवारों के बीच कड़ी टक्कर देखने को मिली।
मुख्य उम्मीदवार ये हैं: कौस्तुभ गावडे भाजपा से, सचिन सानप शिवसेना (शिंदे गुट) से, जयंत आसगावकर कांग्रेस से और दत्तात्रय सावंत निर्दलीय। शिक्षक मतदाताओं के साथ राजनीतिक पार्टियों की भी इन उम्मीदवारों के प्रदर्शन पर नज़र है। वोटिंग के बाद अब यह जानने की उत्सुकता बढ़ गई है कि मतदाताओं ने किसे पसंद किया।
अब वोटिंग के आंकड़े देखें। पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कुल 61 हजार 940 मतदाता रजिस्टर्ड थे। 23 अक्टूबर को सुबह 8 से दोपहर 4 बजे के बीच वोटिंग हुई। इस चुनाव में 82 प्रतिशत से ज़्यादा मतदान हुआ था। दूसरी तरफ, पुणे स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में भी मतदाताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, ऐसा बताया जा रहा है। वहां 62 प्रतिशत से ज़्यादा वोट पड़े। इसलिए दोनों निर्वाचन क्षेत्रों के नतीजों पर पार्टियों की नज़र है।
शिक्षक और स्नातक निर्वाचन क्षेत्र विधान परिषद के लिहाज़ से अहम माने जाते हैं। इसी वजह से महायुति और महाविकास अघाड़ी ने अपना असर बनाए रखने के लिए पूरा ज़ोर लगाया था।
पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र का चुनाव दोनों बड़े गठबंधनों के लिए प्रतिष्ठा का माना जा रहा है। कल की गिनती में किस तरफ कामयाबी मिलेगी, इस पर सबकी नज़र है। शिक्षक मतदाताओं का रुझान किधर गया, इसे लेकर सियासी गलियारों में तरह-तरह के अंदाज़े लगाए जा रहे हैं। लेकिन असली नतीजा आने के बाद ही उम्मीदवारों का प्रदर्शन और पार्टियों को मिला समर्थन साफ होगा। गिनती के दौरान उम्मीदवारों को मिले वोट, जीत का अंतर और बड़े प्रतिद्वंद्वियों का प्रदर्शन खास तौर पर देखा जाएगा। नतीजे का असर पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के सियासी समीकरणों पर भी पड़ सकता है।
पिछले चुनाव की बात करें तो पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में कांग्रेस के जयंत आसगावकर जीते थे। उन्होंने दत्तात्रय सावंत और भाजपा समर्थित उम्मीदवार जितेंद्र पवार को हराया था। उपलब्ध जानकारी के मुताबिक आसगावकर को कुल 25 हजार 985 वोट मिले थे और वे 10 हजार 626 वोटों के अंतर से जीते थे। इसलिए राजनीतिक जानकारों की नज़र इस पर है कि क्या वे इस बार भी अपना प्रदर्शन बरकरार रख पाएंगे।
वोटिंग पूरी हो चुकी है और अब गिनती का इंतज़ार है। कल 27 अक्टूबर की गिनती के बाद साफ होगा कि मतदाताओं ने किसके पक्ष में फैसला दिया। दोनों गठबंधनों ने चुनाव में ताकत झोंकी है, इसलिए नतीजे की अहमियत और बढ़ गई है। पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र में बाज़ी कौन मारेगा, यह उत्सुकता अब चरम पर है।
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