सुप्रिया सुळे का आरोप: पुणे MLC चुनाव में पैसे बांटने के लिए स्पायकैम वाले पेन का इस्तेमाल
शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुळे ने भाजपा पर पुणे शिक्षक-स्नातक चुनाव में स्पायकैम वाले पेन से पैसे बांटने का आरोप लगाया। फडणवीस और भाजपा प्रवक्ता नवनाथ बन ने जवाब दिया।
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राज्य में विधान परिषद की शिक्षक और स्नातक सीटों के लिए वोटिंग चल रही है। वोटरों का रेस्पॉन्स जबरदस्त है। नागपुर और पुणे में तो लाइन लगाकर वोट डाले जा रहे हैं। चुनाव में कोई गड़बड़ी न हो, इसके लिए सभी पार्टियां पूरी नज़र रखे हुए हैं। इसी बीच शरद पवार गुट की सांसद सुप्रिया सुळे के एक चौंकाने वाले आरोप से बड़ी हलचल मच गई है।
सुळे का आरोप है कि इस चुनाव में भाजपा की तरफ से पैसे बांटने के लिए स्पायकैम लगे पेन का इस्तेमाल किया गया। उन्होंने ट्वीट करके यह बात कही। उनके मुताबिक पुणे शिक्षक और स्नातक चुनाव में ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं।
सुळे ने लिखा कि वोटर बता रहे हैं कि उनकी जेब में ऐसा पेन लगा दिया जाता है। वोटर को भाजपा के उम्मीदवार को वोट देने का वीडियो रिकॉर्ड करना होता है। वोटिंग के बाद वह वीडियो दिखाने पर तय किए गए पैसे दिए जाते हैं।
सुळे ने इन शिकायतों को बेहद गंभीर और चिंताजनक बताया। उनका कहना है कि इससे वोट की गोपनीयता और वोटरों की आज़ादी खतरे में पड़ती है। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग और सरकार तुरंत इसका नोटिस लेकर गहरी जांच करवाए और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करे। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के बुनियादी उसूलों को कुचलने वाली ऐसी हरकतें किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं होनी चाहिए। चुनाव निष्पक्ष, निडर और पारदर्शी माहौल में ही होना चाहिए। ट्वीट में उन्होंने @ECISVEEP, @MaharashtraSEC और @CMOMaharashtra को भी टैग किया।
सुळे ने एक और ट्वीट किया। इसमें उन्होंने पुणे शिक्षक सीट से भाजपा के उम्मीदवार कौस्तुभ गावडे का वोट डालते समय का वीडियो वायरल होने की बात कही। उनके मुताबिक मतदान केंद्र पर पार्टी की पहचान एक तरफ रखकर आम वोटर की तरह जाना चाहिए। लोकतंत्र की इस पवित्र प्रक्रिया की पवित्रता और मतदान केंद्र की निष्पक्षता हर किसी को बनाए रखनी चाहिए।
सुळे ने सवाल उठाया कि उम्मीदवार को गले में पार्टी का चिन्ह पहनकर मतदान केंद्र में कैसे जाने दिया गया। यह छूट सिर्फ सत्ताधारी उम्मीदवार को ही क्यों दी जाती है, और क्या यह आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन नहीं है। उन्होंने कहा कि महाराष्ट्र सरकार और चुनाव आयोग को बताना चाहिए कि इन उम्मीदवारों पर आखिर क्या कार्रवाई होगी।
मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस आरोप पर कहा कि उन्हें पता ही नहीं कि स्पायकैम क्या होता है और उन्होंने ऐसा कुछ कभी देखा नहीं। उनके मुताबिक अगर ऐसा कुछ है तो सुळे उसे उनके पास भेज दें, जांच ज़रूर करेंगे।
भाजपा के प्रवक्ता नवनाथ बन ने भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि सुळे सांसद हैं और स्पाय कैमरा हो तो जांच एजेंसियों या मीडिया को दें। उन्होंने सवाल किया कि कहीं यह वोटरों को डराने की कोशिश तो नहीं, ताकि वे घर से बाहर न निकलें। उनका कहना है कि जानबूझकर अफवाह फैलाई जा रही है। बन ने कहा कि एक भी कैमरा मिले तो खुद जाकर देख लें, बेवजह हवा में फायरिंग न करें। उनका दावा है कि स्नातक और शिक्षक वोटर बाहर निकले तो भाजपा और महायुति को वोट देंगे, इसीलिए डराने की यह कोशिश हो रही है।
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