पुणे शिक्षक सीट पर बिचुकले बाहर, 19 वोट मिले; स्नातक सीट पर अब भी मैदान में
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डॉ. अभिजीत बिचुकले पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में एलिमिनेशन राउंड में बाहर हो गए, पर पुणे स्नातक में उनकी चुनौती बनी हुई है।
पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव में डॉ. अभिजीत बिचुकले को सिर्फ 19 वोट मिले और वे दौड़ से बाहर हो गए। चुनाव का फॉर्म भरने के बाद उन्होंने कहा था कि शिक्षकों के सवालों पर वे किसी से भी भिड़ सकते हैं। नतीजा यह रहा कि एलिमिनेशन राउंड में बाहर होने वाले उम्मीदवारों में उनका नाम भी आ गया।
बिचुकले ने शिक्षक और स्नातक, दोनों चुनावों के लिए फॉर्म भरा था। शिक्षक सीट पर वे बाहर हो चुके हैं, लेकिन पुणे स्नातक में उनकी चुनौती अब भी कायम है। अब देखना यह है कि शिक्षक सीट पर बाहर हुए बिचुकले स्नातक में कुछ कर पाते हैं या नहीं।
पुणे शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ने वाले अंतिम 30 उम्मीदवारों की सूची तय हुई थी। इसमें अलग-अलग पार्टियों के साथ निर्दलीय उम्मीदवार भी थे। अपने बयानों की वजह से अक्सर चर्चा में रहने वाले बिचुकले भी इस सूची में शामिल थे। पर पहले दो राउंड में ही सिर्फ 19 वोट मिलने की वजह से उन्हें बाहर होना पड़ा। शिक्षक सीट पर एलिमिनेशन राउंड में कुल 19 उम्मीदवार बाहर हुए हैं।
शिक्षक सीट की गिनती में कौस्तुभ गावडे को 17 हजार 600 वोट मिले हैं। सचिन सानप को 11 हजार 328, दत्तात्रय सावंत को 10 हजार 377 और जयंत आसगावकर को 8 हजार 350 वोट मिले हैं। इस सीट के लिए कोटा 25 हजार 756 वोट का है, इसलिए नतीजे के लिए अभी काफी इंतजार करना पड़ेगा।
पुणे स्नातक में पहले राउंड में हर्षदा जाधव को 1 लाख 12 हजार 400 वोट मिले हैं। स्मित जाधव को 1 लाख 2 हजार वोट मिले हैं। स्नातक के लिए कोटा 1 लाख 13 हजार 113 वोट तय हुआ है और जीत का कोटा पूरा करने के लिए हर्षदा जाधव को 716 वोट और चाहिए।
फॉर्म भरने के बाद बिचुकले ने कहा था कि शिक्षकों के सवालों पर वे किसी से भी भिड़ सकते हैं। उनके मुताबिक उनकी कोई भी टेस्ट की जाए तो यही सामने आएगा कि वे नशे से दूर रहने वाले हैं। उन्होंने यह भी कहा था कि शिक्षक क्या करते हैं, यह उन्हें भी अच्छी तरह मालूम है।
स्नातकों से बिचुकले ने कहा था कि अगर उन्होंने उन्हें चुना तो उन्हें सड़क पर बैठकर आंदोलन नहीं करना पड़ेगा। उनका कहना था कि तुम्हारे लीडर ढीले-ढाले हैं और लीडर डॉ. अभिजीत बिचुकले जैसा होना चाहिए। उन्होंने कहा था कि जिताया गया तो वे देवाभाऊ की नाक में दम कर देंगे। अपना एकमात्र नारा बताते हुए उन्होंने कहा था, मैं खड़ा तो सरकार से बड़ा, और इसी के साथ बाकी उम्मीदवारों को चुनौती दी थी।
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