बुधवार, 28 अक्टूबर 2026

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खराड़ी में युवा इंजीनियर की खुदकुशी: ब्लैकमेलिंग के आरोप में बिहार के दो युवक गिरफ्तार

खराड़ी में युवा इंजीनियर की खुदकुशी: ब्लैकमेलिंग के आरोप में बिहार के दो युवक गिरफ्तार तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
जुर्म PT24 टीम

पुणे पुलिस ने 1.77 लाख रुपये वसूलने और अश्लील वीडियो से ब्लैकमेल करने के आरोप में बिहार से दो युवकों को पकड़ा है। चार और संदिग्धों की तलाश जारी है।

पुणे पुलिस ने बिहार से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने एक्सेंचर में काम करने वाले 22 साल के युवक को अश्लील वीडियो के सहारे ब्लैकमेल किया और उससे 1.77 लाख रुपये वसूले। यह युवक 1 अक्टूबर को खराड़ी में खुदकुशी कर चुका है।

गिरफ्तार आरोपियों में गोपालगंज जिले के बैकुंठपुर का आकाशकुमार संजय सिंह (18) और बांका जिले के बराहट का राजकुमार संपूर्णानंद सिंह (20) शामिल हैं। सब-इंस्पेक्टर संतोष म्हेत्रे की अगुवाई वाली टीम ने 21 अक्टूबर को दोनों को पटना जिले के दानापुर से पकड़ा और उनके मोबाइल फोन जब्त किए।

दोनों को मंगलवार को न्यायिक मजिस्ट्रेट (प्रथम श्रेणी) बी एस बंकर के सामने पेश किया गया। सोमवार को अदालत ने उन्हें पुलिस हिरासत में भेजा था, अब यह हिरासत 31 अक्टूबर तक बढ़ा दी गई है।

पुलिस के मुताबिक आरोपियों ने 29 सितंबर के आसपास एक लड़की के नाम से बने फर्जी इंस्टाग्राम अकाउंट के जरिए युवक से संपर्क किया। फिर टेलीग्राम लिंक के सहारे उसे अश्लील वीडियो कॉल में खींचा और वह कॉल रिकॉर्ड कर ली। इसके बाद वे उसे ब्लैकमेल करने लगे और अलग-अलग बैंक खातों में 1.77 लाख रुपये डलवाए। पुलिस को शक है कि इनमें से एक खाता किसी मृत व्यक्ति के नाम पर था।

आरोप है कि आकाशकुमार ने खुद को "हरियाणा पुलिस अफसर अजयकुमार भाटिया" बताया और युवक को ड्रग तस्करी के मामले में फंसाने की धमकी दी।

युवक के पिता ने 14 अक्टूबर को खराड़ी पुलिस स्टेशन में एफआईआर दर्ज कराई। उनके मुताबिक 30 सितंबर को आरोपियों में से किसी ने बेटे के फोन पर कॉल किया। फोन बंद था, इसलिए कॉल मां के फोन पर चली गई। कॉल करने वाले ने पहले कहा कि वह दोस्त है और उसे कुछ पीडीएफ चाहिए, फिर बोला कि दोनों पबजी खेलते हुए मिले थे। पिता ने पलटकर फोन किया तो उसने खुद को हरियाणा का सब-इंस्पेक्टर बताया और कहा कि वह ड्रग्स के मामले में बेटे को गिरफ्तार करना चाहता है।

पिता को यह बात संदिग्ध लगी और वे उसी रात उत्तराखंड से पुणे के लिए निकल पड़े। अगले दिन युवक ने जान दे दी। 13 अक्टूबर को पिता के पास एक और कॉल आया, इस बार कॉल करने वाले ने खुद को "कूरियर ऑफिस" का बताया।

पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 108 (खुदकुशी के लिए उकसाना), 308(6) (वसूली) और 351(4) (गुमनाम संदेश से आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया। बाद में धारा 61(2) (आपराधिक साजिश), 204 (सरकारी कर्मचारी बनकर धोखा देना) और आईटी एक्ट की धाराएं भी जोड़ी गईं।

पुलिस अब चार और संदिग्धों की तलाश में है। इनमें कथित मुख्य आरोपी अनिकेतकुमार गुप्ता भी है। सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर संजय चव्हाण ने बताया कि फोन कॉल, सोशल मीडिया अकाउंट और बैंक लेनदेन की जांच हो रही है और वरिष्ठ अफसर जांच पर नजर रखे हुए हैं।

हिरासत बढ़ाने की मांग करते हुए सहायक सरकारी वकील नितिन अडागले ने अदालत को बताया कि दूसरे राज्य में रहने वाले वांछित आरोपियों की जानकारी जुटाने की कोशिश चल रही है। उन्होंने कहा कि इस अपराध से जुड़ी ईमेल आईडी, इंस्टाग्राम और टेलीग्राम अकाउंट तथा इंटरनेट बैंकिंग रिकॉर्ड की जांच हो रही है। पुलिस यह भी देख रही है कि आरोपियों ने और लोगों को तो निशाना नहीं बनाया।

युवक के पिता ने कहा कि सभी आरोपियों और उनके साथियों को गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जानी चाहिए। उनके शब्द थे, "उन्होंने ऐसा जुर्म किया है जो कत्ल से कम नहीं है। मेरे बेटे को इंसाफ मिलना चाहिए।" उन्होंने यह भी कहा कि देशभर में सक्रिय साइबर अपराधियों के खिलाफ पुलिस और सरकार को सख्त कदम उठाने चाहिए।

मृतक युवक हिमाचल प्रदेश के नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एनआईटी) से बीटेक कर चुका था। वह जुलाई में कैंपस प्लेसमेंट के जरिए एक्सेंचर के हडपसर ऑफिस में नौकरी पर लगा था।

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