टाइगर श्रॉफ फायरिंग: बिश्नोई गैंग पर शूटरों को UPI से पैसा भिजवाने का आरोप
क्राइम ब्रांच के मुताबिक लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने मुंबई के ऑटो चालकों और छोटे दुकानदारों के खातों का कथित तौर पर इस्तेमाल किया।
जुहू में फुटबॉल टर्फ के बाहर टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के मामले में क्राइम ब्रांच को एक पूरे नेटवर्क का पता चला है। आरोप है कि लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने शूटरों तक पैसा पहुंचाने के लिए मुंबई के ऑटो चालकों और छोटे दुकानदारों के बैंक खातों का इस्तेमाल किया। यह नेटवर्क लोकल UPI लेन-देन पर टिका था, ताकि विदेश में बैठे हैंडलर सीधे पैसे के रास्ते से दूर रहें। फायरिंग 18 अक्टूबर को हुई थी।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक अनिल पंडित गैंग का एक अहम सदस्य है और कथित तौर पर विदेश से काम कर रहा है। वह शूटर फूल सिंह, रेहान और हृतिक के लगातार संपर्क में था। उसने इन्हें लोकल ऑटो चालकों और दुकानदारों के पास जाने को कहा। आरोप है कि शूटरों ने इन खाताधारकों को कमीशन का लालच देकर उनके UPI QR कोड लिए, और ये कोड आगे अनिल तक पहुंचाए गए।
QR कोड अनिल के छोटे भाई अभिषेक पंडित को भेजे गए। अभिषेक के कहने पर उसकी पत्नी सुनेहा पंडित ने हरियाणा के करनाल से इन कोड को स्कैन करके पेमेंट करवाए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, "इस इंतजाम से गैंग आम लेन-देन के जरिए पैसा घुमा रहा था, जिससे असली स्रोत और पाने वालों का पता लगाना मुश्किल था। लेकिन अब हमें यह रास्ता दिख रहा है।"
जांच में इन स्थानीय खाताधारकों की भूमिका भी देखी जा रही है। पुलिस यह पता कर रही है कि उनके बैंक डिटेल गैंग के पैसों के कारोबार में कैसे शामिल हुए। यह अभी साफ नहीं है कि ऑटो चालकों और दुकानदारों को कथित आपराधिक संबंधों की जानकारी थी, या वे सिर्फ कमीशन के लालच में आ गए।
क्राइम ब्रांच इससे पहले क्रिप्टोकरेंसी से जुड़ा एक रास्ता भी खोज चुकी है। इसमें अभिषेक को विदेशी क्रिप्टो वॉलेट से पैसा मिला और उसने करीब 47 लाख रुपये करनाल में अपने स्टेट बैंक ऑफ इंडिया खाते में डाले। यह खाता सुनेहा के मोबाइल नंबर से जुड़ा था। जांचकर्ताओं को शक है कि वसूली की रकम खास क्रिप्टो वॉलेट और VPN सेवाओं के जरिए घुमाई गई, जिनके तार कंबोडिया और डेनमार्क से जुड़े मिले हैं।
जांच में सुनेहा के जरिए हुए कई पेमेंट भी सामने आए हैं। इनमें शूटर हृतिक को 57,000 रुपये, शूटर फूल सिंह और रेहान के लॉज में रुकने के लिए 5,000 रुपये और एक साथी अमर को 50,000 रुपये भेजे गए। आरोप है कि शूटरों के ठहरने और मोटरसाइकिल के खर्च के लिए भी विदेश से आया पैसा इस्तेमाल हुआ।
डिजिटल फॉरेंसिक और तकनीकी निगरानी की मदद से जांचकर्ताओं ने वित्तीय नेटवर्क का बड़ा हिस्सा खोज निकाला है। पुलिस को शक है कि अभिषेक फिलहाल विदेश में है और क्रिप्टोकरेंसी और हवाला नेटवर्क से गैंग का पैसे का काम संभाल रहा है। क्राइम ब्रांच अब उन कई परतों की जांच कर रही है जिनसे पैसा घुमाया गया, जिनमें लोकल बैंक खाते और QR कोड पेमेंट भी हैं।
इस बीच गोली लगने से घायल टाइगर श्रॉफ के फैन उमेश चौहान को केईएम अस्पताल से छुट्टी मिल गई है और वह घर पर आराम कर रहे हैं। सेहत ठीक हो रही है, पर वह अभी काम पर नहीं लौट पाए हैं। चौहान ने कहा, "फायरिंग के इतने दिन बाद मैं अपने परिवार से मिला। जिंदा घर लौटना ही एक उपलब्धि लगती है। लेकिन मुझे चिंता है कि मैं उनकी देखभाल कैसे करूंगा। श्रॉफ परिवार ने आर्थिक मदद का भरोसा दिया है, पर मुझे जल्द से जल्द काम और वीडियो ब्लॉगिंग पर लौटना है।" उनकी पत्नी को अगले पंद्रह दिनों में दूसरे बच्चे की डिलीवरी होने की उम्मीद है।
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