टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग: हथियार पहुंचाने के शक में दो महिलाओं समेत चार और पकड़े गए
दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने हथियार सप्लाई नेटवर्क से जुड़े चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, इस मामले में अब कुल सात गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।
मुंबई में बॉलीवुड एक्टर टाइगर श्रॉफ की कार पर हुई फायरिंग की जांच अब और आगे बढ़ गई है। दिल्ली पुलिस स्पेशल सेल ने हथियार सप्लाई करने वाले नेटवर्क से जुड़े चार और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महिलाएं भी हैं। इन दोनों पर शक है कि उन्होंने हमले के लिए हथियार मुंबई तक पहुंचाए।
गिरफ्तार किए गए लोगों की पहचान कुणाल (21) और सुमित (19) के रूप में हुई है, जो हरियाणा के सोनीपत जिले के रहने वाले हैं। दोनों महिलाओं के नाम राधा (23) और बबीता (23) हैं और वे उत्तर प्रदेश की रहने वाली हैं। ये गिरफ्तारियां 20 अक्टूबर, 2026 को हुईं। उस वक्त जांच करने वाले मुंबई के जुहू इलाके में 18 अक्टूबर को हुई गोलीबारी के पीछे का नेटवर्क खंगाल रहे थे।
बाद में मुंबई पुलिस के क्राइम इन्वेस्टिगेशन डिपार्टमेंट (CID) ने चारों को ऑफिशियली गिरफ्तार कर लिया। आगे की जांच के लिए CID को तीन दिन की ट्रांजिट रिमांड मिली है।
जांच करने वालों के मुताबिक, कुणाल ने कथित तौर पर अनिल पंडित के कहने पर अमृतसर से एक पिस्टल और 20 राउंड गोलियां इकट्ठा की थीं। अनिल पंडित को लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा संदिग्ध ऑपरेटिव बताया गया है। कथित तौर पर इस पूरे काम में सुमित भी कुणाल के साथ था। राधा और बबीता पर शक है कि उन्होंने हथियार मुंबई पहुंचाए। जांच करने वाले यह देख रहे हैं कि शूटिंग में इस्तेमाल हुए हथियारों का इंतज़ाम करने और उन्हें डिलीवर करने में हर आरोपी की कथित भूमिका क्या थी।
जांच में एक "डेड लेटर बॉक्स" सिस्टम के कथित इस्तेमाल की बात भी सामने आई है। इसमें हथियार एक आदमी से दूसरे को सीधे हाथ में नहीं दिए जाते, बल्कि पहले से तय जगह से उठाए जाते हैं। इन्वेस्टिगेटर एन्क्रिप्टेड कम्युनिकेशन की भी पड़ताल कर रहे हैं, और उस बड़े नेटवर्क की भी, जो कथित तौर पर इस ऑपरेशन को कोऑर्डिनेट करने में शामिल था।
गोलीबारी 18 अक्टूबर को हुई थी। मुंबई के जुहू इलाके में टाइगर श्रॉफ की कार पर कथित तौर पर तीन हमलावरों ने गोलियां चलाईं। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और हमले व हथियारों की सप्लाई में शामिल लोगों की तलाश में लग गई।
इससे पहले मुंबई पुलिस राजस्थान के कोटा में तीन कथित हमलावरों को गिरफ्तार कर चुकी थी। रिपोर्ट्स के मुताबिक, नई गिरफ्तारियों के बाद इस मामले में पकड़े गए लोगों की कुल संख्या सात हो गई है।
अब इन्वेस्टिगेटर का ध्यान शूटरों, हथियार सप्लायरों और ऑपरेशन को कोऑर्डिनेट करने के शक वाले लोगों के बीच कथित कड़ियों पर है। पुलिस यह भी देख रही है कि नेटवर्क के बाकी सदस्य इसमें शामिल थे या नहीं।
फायरिंग के पीछे का मकसद क्या था और गिरफ्तार लोगों की असल भूमिका क्या रही, यह अभी जांच का विषय है। अधिकारियों को उम्मीद है कि आगे की पूछताछ से पता चलेगा कि हथियार कैसे खरीदे गए, कैसे ट्रांसपोर्ट किए गए और कथित शूटरों तक कैसे पहुंचे।
खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।
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