शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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कुर्ला-ट्रॉम्बे में रेलवे ट्रैक किनारे बसे लोगों के पुनर्वास पर SRA से DPR मांगी गई: शिंदे

कुर्ला-ट्रॉम्बे में रेलवे ट्रैक किनारे बसे लोगों के पुनर्वास पर SRA से DPR मांगी गई: शिंदे
एकनाथ शिंदे | फाइल फोटो | Navbharat Live
शहर PT24 शहर डेस्क

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी को कुर्ला-ट्रॉम्बे में रेलवे ट्रैक किनारे रहने वालों के पुनर्वास की डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट जमा करने का निर्देश दिया।

डिप्टी चीफ मिनिस्टर एकनाथ शिंदे ने स्लम रिहैबिलिटेशन अथॉरिटी (SRA) से कहा है कि कुर्ला-ट्रॉम्बे इलाके में रेलवे ट्रैक के किनारे सालों से रह रहे झुग्गी-झोपड़ी वालों के पुनर्वास के लिए डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) जमा की जाए। शिंदे ने सह्याद्री गेस्ट हाउस में चेंबूर, कुर्ला और चांदीवली विधानसभा क्षेत्रों के अलग-अलग मुद्दों पर मीटिंग की, जिसमें इन सब मुद्दों का डिटेल्ड रिव्यू किया गया।

सिविक समस्याओं को सुलझाने के लिए रखी गई इस मीटिंग में पूर्व MP प्रकाश अंबेडकर, पूर्व MP राहुल शेवाले, MLA तुकाराम काटे, MLA दिलीप लांडे, MLA मंगेश कुडालकर और सुजात अंबेडकर वगैरह मौजूद थे। डिप्टी चीफ मिनिस्टर के प्रिंसिपल सेक्रेटरी नवीन सोना, मुंबई सबअर्बन डिस्ट्रिक्ट कलेक्टर सौरभ कटियार, SRA के चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर महेंद्र कल्याणकर और बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के एडिशनल कमिश्नर डॉ. अविनाश ढकने भी थे। MMRDA और संबंधित डिपार्टमेंट के सीनियर ऑफिसर वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए जुड़े।

मीटिंग में चिखलवाड़ी और RCF-प्रियदर्शिनी से लेकर कुर्ला-ट्रॉम्बे इलाके में माहुल तक रेलवे ट्रैक के किनारे रहने वालों के पुनर्वास का मुद्दा उठा। शिंदे ने इसी दौरान केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से संपर्क किया, उन्हें पूरी स्थिति बताई और उनसे मामले को देखने का अनुरोध किया। शिंदे ने कहा कि रेलवे प्रशासन के जारी किए नोटिस से कई सालों से वहां रह रहे इन लोगों में बेचैनी है। किसी भी कार्रवाई से कानून-व्यवस्था की समस्या न खड़ी हो, इसके लिए SRA को बृहन्मुंबई नगर निगम प्रशासन और संबंधित एजेंसियों के साथ तालमेल बिठाकर इन लोगों के पुनर्वास की DPR पेश करनी चाहिए।

खारदेव नगर में मुंबई नगर निगम कर्मचारियों की बैठी पात्रा चॉल बस्ती का SRA के जरिए पुनर्विकास और दूसरे लंबित मुद्दों पर भी बात हुई। चेंबूर विधानसभा क्षेत्र में नगर निगम कर्मचारियों की आवासीय सहकारी आवास समितियों के पुनर्विकास का मुद्दा भी रखा गया। शिंदे ने साफ किया कि कर्मचारियों की हाउसिंग सोसाइटियों के रीडेवलपमेंट के लिए लिए जाने वाले प्रीमियम पर नई पॉलिसी लागू करने पर पॉजिटिव विचार किया जाएगा।

मीटिंग में यह मुद्दा भी आया कि रिटायरमेंट के बाद घर खाली न करने की वजह से कई रिटायर्ड नगर निगम कर्मचारियों के फाइनेंशियल बेनिफिट्स और पेंशन रोक दी गई है। इस पर डिप्टी चीफ मिनिस्टर ने कहा कि रिटायर्ड कर्मचारियों की पूरी रकम रोकना सही नहीं है। कुछ रिटायर्ड कर्मचारियों के बच्चे अनुकंपा के आधार पर नगर निगम में लग गए हैं, इसलिए उनके लिए तुरंत घर खाली करना मुमकिन नहीं है। उन्होंने इस मामले पर सहानुभूति से विचार करने और प्राथमिकता के आधार पर प्रस्ताव पेश करने का निर्देश दिया।

कुर्ला विधानसभा क्षेत्र की नेहरू नगर, तिलक नगर, सहकार नगर और नवीन तिलक नगर MHADA कॉलोनियों में सीवेज चैनलों की समस्याओं पर भी चर्चा हुई। शिंदे ने निर्देश दिया कि संबंधित एजेंसियां मिलकर इन कॉलोनियों के निवासियों की समस्याओं पर कार्रवाई करें। इसके अलावा साबले नगर, क्रांति नगर और संतोषीमाता नगर में रेलवे के किनारे बसी झुग्गियों के पुनर्वास और बर्मा सेल लाइन पर रेलवे प्रोजेक्ट से प्रभावित लोगों का मुद्दा भी उठा। इन मुद्दों पर संबंधित नागरिकों के पुनर्वास और राहत को लेकर बात की गई।

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