टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग: साबरमती जेल में बंद बिश्नोई को मुंबई पुलिस क्यों नहीं ले सकती हिरासत में
जुहू में टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग की जांच बिश्नोई गैंग तक पहुंची है, पर लॉरेन्स बिश्नोई पर गृह मंत्रालय के आदेश की पाबंदी है।
जुहू में एक्टर टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के बाद बिश्नोई गैंग पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है। रविवार, 18 अक्टूबर को शाम साढ़े सात बजे जुहू इलाके में टाइगर की कार पर ताबड़तोड़ गोलियां चलाई गईं। हमले के वक्त टाइगर कार के अंदर ही थे। वे बाल-बाल बच गए।
इसके बाद जांच में चौंकाने वाली बात सामने आई है। आरोपियों ने अमिताभ बच्चन, सलमान खान, आमिर खान और अक्षय कुमार के घरों की रेकी की थी। यानी गैंग बॉलीवुड को हिला देने का प्लान बना रही थी।
लॉरेन्स बिश्नोई इस वक्त साबरमती सेंट्रल जेल में बंद है। सवाल यह उठता है कि जांच के लिए मुंबई पुलिस या दूसरे राज्यों की पुलिस उसे अपनी हिरासत में क्यों नहीं ले सकती।
इसकी वजह केंद्रीय गृह मंत्रालय का एक खास आदेश है। गुजरात की यह साबरमती जेल बेहद सुरक्षित मानी जाती है। अगस्त 2023 में गृह मंत्रालय ने CrPC की धारा 268 के तहत बिश्नोई के लिए यह विशेष आदेश जारी किया था। अब वही आदेश भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 303 के हिसाब से लागू है। पिछले तीन साल में इसे वक्त-वक्त पर बढ़ाया गया है।
इस कानून के तहत केंद्र या राज्य सरकार के पास एक खास अधिकार होता है। किसी खतरनाक कैदी को सुरक्षा की वजह से, या कानून-व्यवस्था का सवाल खड़ा न हो इसलिए, जेल से बाहर ले जाने या दूसरे राज्यों की पुलिस के हवाले करने पर रोक लगाई जा सकती है। इसी वजह से बिश्नोई कई मामलों में वॉन्टेड है और उसके नेटवर्क और मास्टरमाइंड के बारे में पूछताछ करनी हो, तब भी उसे हिरासत में नहीं लिया जा सकता।
तो क्या जांच रुक जाती है? ऐसा नहीं है। कानूनी रास्ता मौजूद है। जिन-जिन मामलों में बिश्नोई से जुड़े केस दर्ज हैं, या उसके नाम पर जुर्म करवाए जा रहे हैं, उनकी जांच और अदालती सुनवाई के लिए खास इंतजाम किया गया है। इन मामलों की सुनवाई में बिश्नोई को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश किया जाता है।
एक और कानूनी रास्ता यह है कि मुंबई पुलिस या दूसरे राज्यों की पुलिस को किसी केस में उससे पूछताछ करनी हो, तो वह सीधे उसकी हिरासत लिए बिना, कोर्ट की इजाजत से साबरमती जेल जाकर उससे पूछताछ कर सकती है।
बिश्नोई किसी के संपर्क में न आए, इसका पूरा ध्यान रखा जाता है। फिर भी उसके नाम पर जुर्म होते रहने की वजह से उसका नेटवर्क ढूंढकर उसे खत्म करना सुरक्षा एजेंसियों के सामने बड़ी चुनौती बना हुआ है।
खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।
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