दशहरा रैली में बोले शिंदे: मुझे कोने में किसने बिठाया, आयोजकों पर मंच से ही भड़के
मुंबई के गोरेगांव में नेस्को सेंटर की शिवसेना की दशहरा रैली में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने विरोधियों पर हमला बोला और भाषण के बाद आयोजकों को मंच से ही फटकारा।
उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शिवसेना की दशहरा रैली के मंच से विरोधियों पर जमकर निशाना साधा। मुंबई के गोरेगांव में नेस्को सेंटर पर हुई इस रैली में उन्होंने उद्धव ठाकरे पर हमला करते हुए कहा कि महाराष्ट्र की पीठ में खंजर घोंपकर मुख्यमंत्री बनने वाले उबाठा के लोग असली वोट डकैत हैं।
भाषण खत्म होने के बाद शिंदे का गुस्सा आयोजकों पर भी फूटा। मंच पर ही उन्होंने कहा, "अरे मुझे कोने में किसने डाल दिया?" और आयोजक पर भड़क गए।
शिंदे नाराज क्यों हुए? रैली में उन्होंने बताया कि किसानों को मदद भेजी जा रही है। उन्होंने विरोधियों से सवाल किया कि हम सिर्फ भाषण देने वाले नहीं हैं, हम किसानों का चूल्हा जलाने वाले और राशन देने वाले हैं, क्या आपने बिस्कुट का एक पैकेट भी दिया है? विरोधियों को घेरने के बाद शिंदे कार्यकर्ताओं से विदा लेने लगे, लेकिन तभी उन्हें रैली की एक बात खटक गई। भाषण पूरा होने के बाद उन्होंने मंच से ही आयोजकों को कड़े शब्दों में सुनाया। उन्होंने पूछा कि आयोजन किसने किया था और मुझे कोने में किसने डाल दिया। साथ ही कहा, "अगली बार मुझे लोगों के सामने चाहिए, यह याद रखना।" इस तरह उन्होंने आयोजकों के कान खींचे।
किसानों के लिए शिंदे ने क्या घोषणा की? शिंदे ने किसानों के लिए बड़ी घोषणा की और बताया कि किसानों को दिवाली का राशन देने का काम शुरू कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि एक दिन भी ऐसा नहीं जाता जब मुझे गालियां न दी जाती हों। हम पर टीका-टिप्पणी होती है, लेकिन हम काम से जवाब देंगे। हम सिर्फ भाषण नहीं देते, हम किसानों को राशन देने वाले हैं।
शिंदे ने बताया कि परभणी में 25 हजार सिलाई मशीनें बांटी जा चुकी हैं। किसानों की बेटियों को 25000 साइकिलें बांटी जाएंगी और इसकी शुरुआत हो चुकी है। उन्होंने कहा कि किसान की बेटी की शादी हो तो उस बेटी की शादी कराने की जिम्मेदारी हमने ली है। किसानों की बेटियों के लिए सामूहिक विवाह समारोह आयोजित किए जाएंगे। शिंदे ने कहा कि इसमें हम कहीं पीछे नहीं रहेंगे।
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