बोरीवली में 27 दुकानें हटीं, सुप्रीम कोर्ट ने भिड़े की सैलरी रोकने का आदेश वापस लिया
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बीएमसी ने बोरीवली ईस्ट में बस स्टेशन के लिए आरक्षित प्लॉट से अतिक्रमण हटाया। बीएमसी के मुताबिक सुप्रीम कोर्ट ने कमिश्नर अश्विनी भिड़े की नवंबर की सैलरी रोकने का निर्देश वापस ले लिया।
बृहन्मुंबई महानगरपालिका (बीएमसी) ने बुधवार को बोरीवली ईस्ट में बस स्टेशन के लिए आरक्षित एक प्लॉट से 27 कमर्शियल ढांचे हटा दिए। यह कार्रवाई सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश के अगले ही दिन हुई, जिसमें कोर्ट ने अपने निर्देशों का पालन न होने पर निगम की प्रमुख की सैलरी फ्रीज करने को कहा था।
बीएमसी का कहना है कि बुधवार को ही सुप्रीम कोर्ट ने कमिश्नर अश्विनी भिड़े और उनके पर्सनल स्टाफ की नवंबर की सैलरी रोकने का निर्देश वापस ले लिया। उनके खिलाफ जारी कारण बताओ नोटिस भी वापस हो गया। निगम के मुताबिक यह तब हुआ जब उसने कोर्ट को बताया कि पहले के आदेशों के पालन के लिए कदम उठाए जा चुके हैं।
निगम ने एक बयान में बताया कि जमीन का यह टुकड़ा बोरीवली ईस्ट के स्वामी विवेकानंद रोड पर है, जो मुंबई का पश्चिमी उपनगर है। यह प्लॉट 3,400 वर्ग मीटर का है और टाउन प्लानिंग स्कीम-II के तहत बृहन्मुंबई इलेक्ट्रिक सप्लाई एंड ट्रांसपोर्ट (BEST) के बस स्टेशन के लिए आरक्षित है।
बीएमसी के R-सेंट्रल वार्ड ने यह कार्रवाई की। इसमें 70 वर्कर और कर्मचारी लगे थे। सुरक्षा बनाए रखने के लिए पुलिस का दस्ता भी मौके पर बुलाया गया था।
इससे एक दिन पहले, यानी मंगलवार को, सुप्रीम कोर्ट की बेंच ने कमिश्नर भिड़े को अवमानना का नोटिस जारी किया था। वजह यह थी कि जमीन से अतिक्रमण नहीं हटाया गया। कोर्ट ने उनकी और संबंधित दूसरे निगम अधिकारियों की नवंबर की सैलरी फ्रीज करने का आदेश भी दिया था। चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया सूर्य कांत की अगुआई वाली तीन जजों की बेंच ने निगम की वह अर्जी भी ठुकरा दी थी, जिसमें आदेशों के पालन के लिए 30 दिन और मांगे गए थे। इसके साथ 5 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था।
बोरीवली का यह प्लॉट बीएमसी और एक प्राइवेट डेवलपर के बीच लंबे समय से कानूनी विवाद में है। अगस्त 2025 में सुप्रीम कोर्ट ने डेवलपर को निर्देश दिया था कि वह प्लॉट अतिक्रमण से मुक्त करके, प्रशासनिक इमारत समेत, निगम को सौंपे।
बीएमसी के मुताबिक बुधवार को बेंच ने 3 नवंबर के अपने आदेश के पैराग्राफ 1 से 3 वापस ले लिए। निगम की तरफ से पेश सीनियर एडवोकेट आर पी भट ने कोर्ट को बताया कि अतिक्रमण हटाने के बारे में 13 नवंबर 2025 और 28 जुलाई 2026 के आदेशों का पालन हो चुका है।
बीएमसी ने यह भी बताया कि बेंच ने साफ किया कि पालन कितना हुआ है, इस पर वह कोई राय नहीं दे रही। कोर्ट ने भिड़े को निर्देश दिया कि अगली सुनवाई से पहले वह पर्सनल हलफनामा दाखिल करें, जिसमें बताया जाए कि आदेशों को लागू करने के लिए क्या-क्या कदम उठाए गए।
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