सोम‌वार, 26 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट
AQI 114 | Moderate 08:42 IST

टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग: आरोपियों पर अब संगठित अपराध की धारा 111 भी लगी

मुंबई क्राइम ब्रांच ने अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर फायरिंग के मामले में आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 111 जोड़ी है। यह धारा संगठित अपराध से जुड़ी है।

अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर हुई फायरिंग के मामले में मुंबई क्राइम ब्रांच ने जांच के दौरान एक बड़ा कदम उठाया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 111 जोड़ दी है। यह धारा संगठित अपराध से जुड़ी हुई है।

इससे पहले इस मामले में हत्या की कोशिश और आर्म्स एक्ट समेत कुछ और धाराओं में केस दर्ज हुआ था। अब संगठित अपराध वाली धारा जुड़ने के बाद जांच का दायरा बढ़ गया है।

धारा 111 क्या कहती है, यह भी समझ लें। भारतीय न्याय संहिता की यह धारा संगठित अपराध से जुड़ी है। संगठित अपराध ऐसा जुर्म है, जो समाज के लिए दिन-प्रतिदिन गंभीर खतरा बनता जा रहा है। इसके दायरे में जबरन वसूली, जमीन पर अवैध कब्जा, सुपारी लेकर हत्या, आर्थिक अपराध, साइबर अपराध और नशीले पदार्थों, हथियारों या इंसानों की संगठित तस्करी जैसे जुर्म आते हैं।

अगर संगठित अपराध में किसी की मौत हो जाती है, तो दोष साबित होने पर मृत्युदंड या आजीवन कारावास का प्रावधान है। साथ में कम से कम 10 लाख रुपये का जुर्माना भी लग सकता है।

साजिश रचने, कोशिश करने, उकसाने या संगठित अपराध में शामिल होने पर जुर्म की प्रकृति के हिसाब से कम से कम पांच साल से लेकर आजीवन कारावास तक की सजा हो सकती है। इसके साथ कम से कम 5 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान भी हो सकता है।

जो लोग संगठित अपराध में शामिल लोगों को जानबूझकर शरण देते हैं या छिपाते हैं, उनके खिलाफ भी संबंधित प्रावधानों के तहत सख्त कार्रवाई हो सकती है। इसी तरह संगठित अपराध से कमाई गई संपत्ति रखने वालों पर भी कानून के तहत कार्रवाई का प्रावधान है।

टाइगर श्रॉफ फायरिंग केस में धारा 111 जोड़े जाने को जांच की दिशा में अहम घटनाक्रम माना जा रहा है। हालांकि, आरोपियों पर लगे आरोपों की पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान होगी।

अब वारदात की बात करें। मुंबई के जुहू इलाके में रविवार शाम अभिनेता टाइगर श्रॉफ की कार पर फायरिंग हुई थी। इसमें टाइगर श्रॉफ बाल-बाल बच गए, लेकिन उनके ड्राइवर और एक दूसरे व्यक्ति को चोट आई थी।

वारदात के 15 घंटे के भीतर मुंबई पुलिस की क्राइम ब्रांच ने हमले के तीनों आरोपियों को कोटा रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार कर लिया था। इसके बाद इस मामले में चार और लोग पकड़े गए, यानी तीनों शूटर समेत कुल 7 लोग गिरफ्तार हो चुके हैं।

पुलिस ने हमलावरों तक हथियार पहुंचाने में मदद करने वालों में दो युवकों और दो महिलाओं को पकड़ा है। इस मामले के तार लॉरेंस गैंग के सहयोगी गैंगस्टर अनिल पंडित से जुड़े बताए जा रहे हैं। आरोप है कि इस हमले की योजना उसी ने बनाई थी।

जांच अभी जारी है। सभी आरोपियों की भूमिका और उनके आपसी संबंधों पर अंतिम नतीजा पुलिस की जांच और मिले सबूतों के आधार पर ही सामने आएगा।

अभी कोई अपडेट नहीं

खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप You पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे