नागरिकों की पिटाई से ही हुई नराधम की मौत
शरीर पर मिले 28 जख्म, आंतरिक चोट का भी पोस्टमार्टम में खुलासा, सदोष मनुष्य वध का मामला दर्ज, कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवाल
नागपुर.
नऊ साल की बालिका को घर में घूसकर हवश का शिकार बनानेवाले युवक की नागरिकों की धुनाई से ही मौत हुई है. आरंभिक पोस्टमार्टम रिपोर्ट में इसका खुलासा होने के बाद से शहर पुलिस में भुचाल मचा हुआ है. पारडी पुलिस ने सदोष मनुष्य वध का मामला दर्ज कर जांच आरंभ की है. देर रात तक आला अधिकारी पारडी थाने में घटना की पड़ताल करने में जूटे हुए थे.
यह वारदात 5 अक्तूबर की रात पारडी थाने के तहत हुई थी. बस्ती में मनोरंजन कार्यक्रम का आयोजन किया गया था. वहां 9 साल की पीड़ित बालिका भी आई थी. तभी 35 वर्षीय आरोपी नारायणदास ने बालिका से कहा कि तेरे माता-पिता ने तुझे आधा घंटे के लिए मेरे घर ले जाने के लिए बोला है. बालिका ने मेरे माता-पिता ने अंजान व्यक्ति के साथ नहीं जाने का बताया है कहते हुए साथ चलने से इनकार कर दिया. इसके बाद भी नारायणदास बालिका को पैसे देने का लालच देकर अपने साथ घर ले गया. वहां उसे बालिका से अश्लील कृत्य किया. बालिका उसके हाथ पर दांत से काटकर बाहर आ गई. उसने लोगों को जानकारी दी. जिसके बाद वहां इकट्ठा हुए लोगों ने नारायणदास की पिटाई कर दी. इसी बीच घटना का पता चलने से मौके पर पहुंची पारडी पुलिस ने नारायणदास को मेयो अस्पताल पहुंचाया जहां 6 अक्तूबर की दोपहर नारायणदास ने दम तोड़ दिया. आज शव का पोस्टमार्टम किया गया. इसकी आरंभिक रिपोर्ट में नारायणदास के शरीर पर 28 जख्मी पाए गए है. इसी तरह आंतरिक चोट होने का भी पता है. पिटाई से उसके शरीर पर कई फ्रैक्चर पाए गए है. इन चोटों की वजह से ही नारायणदास की मौत होने का बताया गया है. इसके आधार पर पारडी पुलिस ने आठ से दस लोगों के खिलाफ सदोष मनुष्य वध का मामला दर्ज किया है.
इस प्रकरण ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए है. मासुम बच्चियों से होनेवाले अपराध को लेकर नागरिकों में तीव्र रोष है. उनका कहना है कि कानून की लाख सख्ती के बावजूद बच्चियां शिकार हो रही है. गिरफ्तारी के कुछ समय बाद नराधम रिहा हो जाता है. इस वजह से लोग कानून हाथ में लेने से भी नहीं करता रहे है. मजदूरों की घनी बस्ती में हालात अधिक खराब है. ताजा घटनास्थल परिसर भी मजदूर अथावा सामान्य कामकाजी लोगों की बस्ती है. 29 सितंबर को बेलतरोडी थाने के तहत घर में घूसकर मंगलसूत्र लूटनेवाले सुमेध गजभिये की भी नागरिकों ने पिटाई की थी. उसका साथी दीपक पाटील जान बचाकर फरार हो गया था. सुमेध की उपचार के दौरान मृत्यु हो गई थी. उसकी पोस्टमार्टम रिपोर्ट से हार्ट अटैक से मृत्यु होने का खुलासा हुआ था.