गुरूवार, 8 अक्टूबर 2026

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05:57 IST

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग: 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर CJP के साथ किसान यूनियन भी

कॉकरोच जनता पार्टी के जंतर-मंतर आंदोलन को राकेश टिकैत की भारतीय किसान यूनियन का समर्थन मिला है।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग: 10 अक्टूबर को जंतर-मंतर पर CJP के साथ किसान यूनियन भी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर 10 अक्टूबर को दिल्ली के जंतर-मंतर पर बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। यह मांग अब और जोर पकड़ती दिख रही है।

इस आंदोलन को अब किसान संगठनों का भी समर्थन मिल गया है। जानकारी सामने आई है कि भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत आंदोलन में शामिल होंगे। इससे राजधानी दिल्ली का राजनीतिक माहौल फिर गरमाने की संभावना जताई जा रही है।

संगठन की भागीदारी की जानकारी भारतीय किसान यूनियन के यूपी युवा प्रदेश अध्यक्ष अनुज सिंह ने दी। उन्होंने सोशल मीडिया पर पोस्ट और वीडियो जारी करके बताया कि यूनियन इस आंदोलन में साथ रहेगी।

अनुज सिंह ने किसानों से 10 अक्टूबर को दिल्ली आने की अपील की है। उन्होंने कहा कि दिल्ली पुलिस आंदोलन करने वालों से टकराने की कोशिश न करे, और चेतावनी दी कि किसानों के ट्रैक्टर पुलिस के बैरिकेड्स तोड़ने के लिए तैयार हैं। उन्होंने यह मांग भी की कि ज्ञानेश कुमार फौरन अपने पद से इस्तीफा दें।

अपने वीडियो संदेश में अनुज सिंह ने वोट के अधिकार का मुद्दा भी उठाया। उनका आरोप है कि डॉ. बाबासाहेब आंबेडकर ने संविधान के जरिए हर नागरिक को जो "एक वोट" का अधिकार दिया है, उसे छीनने की कोशिश हो रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि ज्ञानेश कुमार केंद्र की मोदी सरकार और भाजपा के लाडले हैं, और देश में तानाशाही कायम करने की कोशिश की जा रही है।

अनुज सिंह का दावा है कि यह सिर्फ एक राजनीतिक पार्टी का आंदोलन नहीं, बल्कि आम नागरिकों का आंदोलन है। इसी वजह से अपील की गई है कि देश भर के नागरिक और किसान 10 अक्टूबर को पूरी ताकत के साथ जंतर-मंतर पर जमा हों।

किसान संगठन के समर्थन के बाद CJP की प्रतिक्रिया भी आई है। राकेश टिकैत और भारतीय किसान यूनियन के समर्थन के लिए CJP ने उनका शुक्रिया अदा किया है। CJP का दावा है कि किसान और आम जनता के एक साथ आने से लोकतंत्र बचाने की लड़ाई और मजबूत होगी।

अब राजनीतिक गलियारों की नजर इस पर है कि 10 अक्टूबर के जंतर-मंतर आंदोलन में टिकैत के शामिल होने से यह आंदोलन कितना बड़ा रूप लेता है। इस आंदोलन को लेकर दिल्ली पुलिस क्या रुख अपनाती है, यह भी अहम माना जा रहा है।

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