अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन, गोवा के घर में बेहोश मिले थे
वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर का 75 साल की उम्र में निधन हो गया। 1999 की कारगिल लड़ाई के दौरान उन्होंने सेना के जवानों के साथ करीब 60 दिन बिताए थे।
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हिंदी और मराठी फिल्मों के वरिष्ठ अभिनेता नाना पाटेकर अब नहीं रहे। उन्होंने 75 साल की उम्र में आखिरी सांस ली। इस खबर से फिल्म इंडस्ट्री में हर कोई सन्न है। उनके चाहने वालों को भी अब तक यकीन नहीं हो रहा कि इतनी अचानक यह सब हो गया।
अब तक मिली जानकारी के मुताबिक नाना पाटेकर गोवा में अपने घर पर बेहोशी की हालत में मिले थे। उन्हें तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन थोड़ी ही देर बाद उन्होंने दम तोड़ दिया।
नाना पाटेकर को लोग उनकी दमदार एक्टिंग के लिए तो जानते ही थे, पर भारतीय सेना से उनका खास रिश्ता भी उतना ही चर्चा में रहा। सेना से उनका नाता सिर्फ फिल्मों तक सीमित नहीं था। 1999 में जब कारगिल की लड़ाई चल रही थी, तब नाना पाटेकर ने भारतीय सेना के जवानों के साथ करीब 60 दिन गुजारे थे।
कहा जाता है कि सेना से उनका यह रिश्ता फिल्म प्रहार से शुरू हुआ। इस फिल्म की तैयारी के लिए उन्होंने बेलगाम में मराठा लाइट इन्फेंट्री के पास कड़ी ट्रेनिंग ली थी। यही ट्रेनिंग आगे चलकर कारगिल की लड़ाई के दौरान उनके काम आई। एक इंटरव्यू में नाना पाटेकर ने बताया था कि कारगिल की लड़ाई के वक्त उन्होंने सेना में सेवा करने की इच्छा जताई थी।
उसी दौर में उन्होंने रक्षा मंत्री जॉर्ज फर्नांडिस से सेना में शामिल होने की इजाजत मांगी थी। उनके मुताबिक शुरुआत में उन्हें बताया गया कि कोई आम नागरिक सीधे सेना में भर्ती नहीं हो सकता। इसके बाद नाना ने अपनी कमांडो ट्रेनिंग और निशानेबाजी के बारे में उन्हें समझाया।
उन्होंने यह भी बताया कि वे राष्ट्रीय स्तर पर राइफल शूटिंग में कांस्य पदक जीत चुके हैं। यानी निशानेबाजी उनके लिए सिर्फ शौक नहीं थी, उसमें उन्होंने बाकायदा मुकाबला भी जीता था।
नाना पाटेकर के निधन की खबर आते ही फिल्म इंडस्ट्री में शोक की लहर है। एक तरफ पर्दे पर उनकी दमदार मौजूदगी, दूसरी तरफ सेना के जवानों के साथ बिताए वे दो महीने, दोनों ही बातों के लिए लोग उन्हें याद कर रहे हैं।