गुरूवार, 8 अक्टूबर 2026

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19:38 IST

बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में SIR के खिलाफ प्रदर्शन, ध्रुव राठी और प्रकाश राज भी पहुंचे

गुरुवार, 8 अक्टूबर को बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में मतदाता सूची की SIR प्रक्रिया रद्द करने और बैलेट पेपर से चुनाव कराने की मांग पर प्रदर्शन और जन-न्यायालय हुआ।

बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में SIR के खिलाफ प्रदर्शन, ध्रुव राठी और प्रकाश राज भी पहुंचे तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में गुरुवार, 8 अक्टूबर को बड़ा प्रदर्शन हुआ। प्रदर्शन करने वालों की मांग थी कि मतदाता सूचियों की SIR प्रक्रिया रद्द की जाए और पूरे देश में चुनाव फिर से बैलेट पेपर पर कराए जाएं। इसी मकसद से यहां धरना-मोर्चा निकाला गया और साथ में 'जन-न्यायालय' भी लगाया गया।

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर अब देश के अलग-अलग हिस्सों में आंदोलन शुरू हो चुके हैं। दिल्ली में पहले AISF की तरफ से प्रदर्शन हुआ था, और अब नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की अगुवाई में INDIA गठबंधन का आंदोलन चल रहा है। कॉकरोच जनता पार्टी ने भी इससे पहले मुंबई के शिवाजी पार्क में बड़ा प्रदर्शन किया था, और आज बेंगलुरु के फ्रीडम पार्क में किया।

इस आंदोलन में अलग-अलग क्षेत्रों के कई जाने-माने लोग पहुंचे। मशहूर यूट्यूबर और डिजिटल कंटेंट क्रिएटर ध्रुव राठी ने भारत में इस तरह के किसी सार्वजनिक आंदोलन में पहली बार हिस्सा लिया। उनके साथ अभिनेता और कार्यकर्ता प्रकाश राज, राजनीतिक विश्लेषक पारकला प्रभाकर, वरिष्ठ लेखक देवनूर महादेव और CJP के संस्थापक अभिजीत दिपके भी मौजूद थे। इन लोगों के आने से युवाओं और Gen Z कार्यकर्ताओं की भी अच्छी-खासी भीड़ जुट गई।

मंच से बोलने वालों ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग केंद्र सरकार के पक्ष में काम कर रहा है। उन्होंने यह भी दावा किया कि SIR प्रक्रिया में पारदर्शिता की कमी है। आयोजकों का दावा है कि कर्नाटक के करीब 5.5 करोड़ मतदाताओं में से एक करोड़ से ज्यादा लोगों के नाम सूची से कटने का खतरा है। ये आंदोलन करने वालों के आरोप और दावे हैं।

प्रदर्शन स्थल पर 'जन-न्यायालय' यानी People's Tribunal भी लगाया गया। आयोजकों ने बताया कि जिन नागरिकों का दावा है कि उनका नाम मतदाता सूची से हटा दिया गया है, उनकी बात इसके जरिए सुनी जाएगी। आयोजकों के मुताबिक इस पीठ में सुप्रीम कोर्ट के रिटायर्ड जज वी. गोपाला गौडा और कानून के जानकार शामिल हैं।

प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर लिखा था 'ज्ञानेश कुमार को बर्खास्त करो', 'SIR रद्द करो' और 'मतपत्र वापस लाओ'। जगह-जगह भगत सिंह, चंद्रशेखर आजाद और चे ग्वेरा की तस्वीरों वाले बैनर भी लगाए गए थे।

बड़ी संख्या में लोगों के जुटने की संभावना को देखते हुए बेंगलुरु पुलिस ने फ्रीडम पार्क के आसपास कड़ी सुरक्षा रखी थी। कानून-व्यवस्था संभालने और शेषाद्री रोड पर ट्रैफिक चालू रखने के लिए करीब 900 पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।

ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग से लेकर SIR प्रक्रिया तक कई मुद्दों पर देशभर में आंदोलन चल रहे हैं। इसी बीच बेंगलुरु के इस प्रदर्शन से कर्नाटक का राजनीतिक माहौल भी गरमा गया है।

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