बुधवार, 14 अक्टूबर 2026

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19:56 IST

चंद्रपुर में कुणबी महासंघ ने मुख्यमंत्री से सूखे की मार झेल रहे किसानों के लिए फौरन मदद मांगी

राष्ट्रीय कुणबी महासंघ ने जिलाधिकारी के जरिए मुख्यमंत्री को निवेदन सौंपा है। ई-पीक पाहणी की शर्त हटाने समेत कई मांगें रखी गई हैं और मांगें न मानने पर सड़क पर उतरने की चेतावनी दी गई है।

राष्ट्रीय कुणबी महासंघ ने चंद्रपुर के जिलाधिकारी के जरिए महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री को एक निवेदन भेजा है। इसमें मांग की गई है कि सूखे की मार झेल रहे किसानों को तुरंत और सभी को आर्थिक मदद दी जाए। यह निवेदन महासंघ के संस्थापक अध्यक्ष डी. के. आरीकर और जिला कार्याध्यक्ष राजू कुडे की अगुवाई में सौंपा गया।

महासंघ का कहना है कि महाराष्ट्र में इस बार बारिश कम और बेतरतीब रही, बीच-बीच में लंबे खंड पड़े और फसलों को भारी नुकसान हुआ। इसी वजह से किसान गंभीर आर्थिक संकट में फंस गए हैं। निवेदन की सबसे बड़ी मांग ई-पीक पाहणी की शर्त रद्द करने की है। इसके साथ ही परेशान करने वाली दूसरी कागजी शर्तें भी खत्म करने को कहा गया है।

निवेदन में बताया गया है कि ई-पीक पाहणी करते समय लोकेशन समेत कई तकनीकी दिक्कतें आती हैं। इससे खासकर बुजुर्ग किसानों को बहुत तकलीफ झेलनी पड़ रही है। इसलिए महासंघ चाहता है कि यह शर्त फौरन हटाई जाए और खेतों में हुए असली नुकसान का सर्वे राजस्व विभाग, कृषि विभाग और ग्राम पंचायत के जरिए कराया जाए। मदद सिर्फ ऑनलाइन एंट्री के भरोसे तय न हो, बल्कि जमीन पर हुए नुकसान के आधार पर तय की जाए।

इसके अलावा निवेदन में कई और मांगें रखी गई हैं। पीक बीमा के जो दावे लंबित पड़े हैं, उन्हें तुरंत निपटाया जाए। पटवारी या कर्मचारियों के दखल के बिना 'फार्मर आईडी' के जरिए सीधे किसानों को आर्थिक मदद दी जाए। सूखा प्रभावित इलाकों में खेती के कर्ज का पुनर्गठन करके ब्याज माफ किया जाए। बकाया की वजह से खेती के बिजली कनेक्शन न काटे जाएं और बिजली बिल माफ किए जाएं। आर्थिक मदद दशहरे से पहले दी जाए। शिकायतों के निपटारे के लिए तालुका और जिला स्तर पर अलग मदद कक्ष शुरू किया जाए।

महासंघ ने साफ चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने इन मांगों पर जल्द सकारात्मक फैसला नहीं लिया तो पूरा किसान और कुणबी समाज सड़क पर उतरेगा। निवेदन में यह भी कहा गया है कि प्रशासन फौरन सही कदम उठाकर सूखा पीड़ित किसानों को राहत दे, वरना तीव्र आंदोलन किया जाएगा।

निवेदन सौंपते समय महासंघ के अध्यक्ष डी. के. आरीकर और जिला कार्याध्यक्ष राजू कुडे के साथ आशिष येडांगे, हनुमंत नागपुरे, अतुल ठाकरे, विद्याताई ठाकरे, सुधीर कोरडे, विजय ठाकरे, संजय फाले और एड. प्रफुल्ल मुरकुटे समेत प्रतिनिधिमंडल के लोग मौजूद थे।

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