दिवाली की जांच में एफडीए ने 326 लाइसेंस रोके, 44.37 करोड़ रुपये का खाद्य माल जब्त
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तुकाराम मुंढे की अगुवाई वाले महाराष्ट्र एफडीए ने 15 अक्टूबर से 3 नवंबर के बीच राज्य भर में 3,332 प्रतिष्ठानों की जांच की।
तुकाराम मुंढे की अगुवाई वाले महाराष्ट्र खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने दिवाली को देखते हुए 15 अक्टूबर से 3 नवंबर तक खाद्य सुरक्षा की विशेष मुहिम चलाई। इस दौरान राज्य भर में 3,332 खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच की गई। एक सरकारी बयान में यह जानकारी दी गई।
बयान के मुताबिक इस अवधि में 326 लाइसेंस और रजिस्ट्रेशन निलंबित किए गए, जबकि 15 को रद्द करने की कार्रवाई शुरू की गई। विभाग ने 1,501 सुधार नोटिस जारी किए और 3,864 खाद्य नमूने लिए। कुल 1,886.44 मीट्रिक टन खाद्य माल जब्त हुआ, जिसकी कीमत 44.37 करोड़ रुपये है।
मुंबई में इस विशेष मुहिम के दौरान 1,037 निरीक्षण हुए। यहां एफडीए ने 583 सुधार नोटिस दिए, 76 लाइसेंस निलंबित किए और चार लाइसेंस रद्द करने की प्रक्रिया शुरू की। मुंबई में 438 खाद्य नमूने लिए गए और करीब 92.82 लाख रुपये का 28.745 मीट्रिक टन खाद्य माल जब्त किया गया। दिवाली मुहिम में सबसे ज्यादा कीमत का माल कोंकण डिवीजन में जब्त हुआ, जो 17.68 करोड़ रुपये का था।
एफडीए के मुताबिक 1 सितंबर से 3 नवंबर 2026 तक चले पूरे राज्यव्यापी अभियान में 63.45 करोड़ रुपये का खाद्य माल जब्त किया गया और 954 खाद्य कारोबार लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन निलंबित हुए। इस अभियान में 9,667 प्रतिष्ठान शामिल थे। विभाग ने 4,603 सुधार नोटिस दिए, 25 लाइसेंस व रजिस्ट्रेशन रद्द करने की कार्रवाई शुरू की और जांच के लिए 8,835 नमूने लिए। यह कार्रवाई खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 के तहत हुई, जब मिठाई, खोया, दूध से बने उत्पाद, घी, खाद्य तेल, सूखे मेवे और त्योहार की दूसरी खाने की चीजों की मांग बढ़ी हुई थी।
कमोडिटी के हिसाब से आंकड़ों में खाद्य तेल और नमक, मसाले व मसाला सामग्री का हिस्सा बड़ा रहा। 925.11 मीट्रिक टन खाद्य तेल जब्त हुआ, जिसकी कीमत 16.31 करोड़ रुपये है। 895.32 मीट्रिक टन नमक, मसाले और मसाला सामग्री 21.09 करोड़ रुपये की थी। घी और खोया समेत दूध के उत्पाद 171.57 मीट्रिक टन (7.63 करोड़ रुपये) और सूखे मेवे 156.66 मीट्रिक टन (7.47 करोड़ रुपये) जब्त हुए। इसके अलावा 59.78 मीट्रिक टन मिठाई 1.36 करोड़ रुपये की और 48 मीट्रिक टन नमकीन व स्नैक्स 1.18 करोड़ रुपये के जब्त किए गए।
विभाग ने बताया कि दूसरे राज्यों से आने वाले खोया और मावा की ढुलाई पर खास निगरानी रखी जा रही है। जांच टीमों से कहा गया है कि वे मिलावटी या सिंथेटिक खोया, कोल्ड चेन स्टोरेज की हालत और माल का स्रोत बताने वाले रिकॉर्ड देखें। मुहिम में मिठाई की दुकानें, डेयरी, फरसाण बनाने वाले, सूखे मेवे के विक्रेता, सुपरमार्केट, ऑनलाइन ग्रॉसरी प्लेटफॉर्म, क्विक-कॉमर्स गोदाम, होटल, रेस्तरां, केटरर, स्ट्रीट-फूड वाले, फल पकाने की इकाइयां और पैकेज्ड पीने के पानी के निर्माता शामिल रहे। एफडीए गैर-मंजूर खाद्य रंगों के इस्तेमाल, घी और खाद्य तेल में मिलावट, एक्सपायर्ड माल, गलत लेबलिंग, असुरक्षित स्टोरेज और एनालॉग पनीर को असली पनीर बताकर बेचने जैसी गड़बड़ियां जांच रहा है।
उपभोक्ताओं से कहा गया है कि वे सिर्फ लाइसेंस वाली या रजिस्टर्ड दुकानों से खाना खरीदें, दुकान पर लगा FSSAI लाइसेंस नंबर देखें और FSSAI नंबर वाला बिल मांगें। बहुत सस्ती मिठाई, खोया, घी और सूखे मेवे खरीदते समय सावधान रहने की सलाह है। बहुत चटख रंग की मिठाई से बचें, और खट्टी गंध, चिपचिपापन या फफूंद दिखे तो न लें। दूध की मिठाई थोड़ी मात्रा में खरीदें, फ्रिज में रखें और एक-दो दिन में खा लें। गिफ्ट हैंपर में हर चीज की एक्सपायरी तारीख और लेबल देखें। ऑनलाइन ऑर्डर में डिलीवरी के वक्त सील और एक्सपायरी डेट जांचें, जल्दी खराब होने वाली चीजें ठंडी हालत में आनी चाहिए, और एक्सपायर्ड, खराब या खुले पैकेट लौटा दें। सड़क किनारे ठेलों पर कटे फल या खुला रखा खाना न खाएं और अखबार में लपेटा खाना न लें।
खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई रखने, लाइसेंस वाले सप्लायरों से कच्चा माल लेने, वैध FSSAI लाइसेंस दिखाने और खाना संभालने वाले कर्मचारियों से स्वच्छता के नियम मनवाने के निर्देश हैं। एफडीए ने चेताया है कि असुरक्षित खाना बेचने पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम की धारा 59 के तहत कैद हो सकती है। अगर असुरक्षित खाने से मौत हो जाए, तो उम्रकैद तक की सजा और कम से कम 10 लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान है। बिना वैध लाइसेंस के कारोबार करने पर धारा 63 के तहत छह महीने तक की कैद और 5 लाख रुपये तक का जुर्माना हो सकता है, और लाइसेंस निलंबित या रद्द भी किया जा सकता है।
एफडीए आयुक्त तुकाराम मुंढे ने कहा कि प्रशासन ईमानदार कारोबारियों का साथ देगा, लेकिन जन स्वास्थ्य को खतरे में डालने वालों पर सख्त कार्रवाई करेगा। खाने की गुणवत्ता या गड़बड़ी की शिकायत एफडीए के टोल-फ्री नंबर 1800 222 3365 या उसके शिकायत पोर्टल पर की जा सकती है।
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