शनिवार, 31 अक्टूबर 2026

अभी सब्सक्राइब करें
प्राइम अलर्ट
सारे लाइव अपडेट

महाराष्ट्र में खाद्य तेल पर FDA का शिकंजा: 18.95 करोड़ का तेल जब्त, 80 लाइसेंस सस्पेंड

महाराष्ट्र में खाद्य तेल पर FDA का शिकंजा: 18.95 करोड़ का तेल जब्त, 80 लाइसेंस सस्पेंड तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सेहत PT24 स्वास्थ्य डेस्क

महाराष्ट्र एफडीए की हालिया विशेष मुहिम में सबसे ज्यादा तेल पुणे डिवीजन में पकड़ा गया। नागपुर डिवीजन में 255.96 क्विंटल तेल जब्त हुआ और छह लाइसेंस सस्पेंड किए गए।

महाराष्ट्र में खाने के तेल का धंधा करने वालों पर फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने बड़ा शिकंजा कसा है। 1 अप्रैल से 29 अक्टूबर 2026 तक चले राज्यव्यापी अभियान में विभाग ने कुल 28,753 क्विंटल घटिया तेल पकड़ा। इसकी कीमत 18.95 करोड़ रुपये आंकी गई है। इसी दौरान फूड बिजनेस के 80 लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए। FDA ने यह जानकारी शुक्रवार को जारी प्रेस नोट में दी।

इस अभियान में तेल बनाने वाले, रीपैकिंग और रीलेबलिंग करने वाले, थोक विक्रेता और खुदरा दुकानदार, सब जांच के दायरे में आए। पूरे राज्य में 1,089 जगह निरीक्षण हुआ और लैब जांच के लिए तेल के 1,660 सैंपल उठाए गए। जितनी रिपोर्ट अब तक मिली हैं, उनमें 462 सैंपल मानकों पर सही निकले। 40 सैंपल घटिया (सबस्टैंडर्ड), 18 असुरक्षित (अनसेफ) और पांच मिसब्रांडेड पाए गए। बाकी 1,171 सैंपल की रिपोर्ट का विभाग को अभी इंतजार है।

FDA का कहना है कि जिन कारोबारियों के सैंपल घटिया, असुरक्षित या मिसब्रांडेड साबित होंगे, उन पर आगे कानूनी कार्रवाई होगी। यह कार्रवाई मुकदमे की शक्ल में भी हो सकती है और एडजुडिकेशन के जरिए भी।

जब्ती में पुणे डिवीजन सबसे ऊपर रहा। यहां 19,551.83 क्विंटल तेल पकड़ा गया। दूसरे नंबर पर छत्रपति संभाजीनगर रहा, जहां 5,736.27 क्विंटल तेल जब्त हुआ और उसकी कीमत 8.34 करोड़ रुपये है। कोंकण डिवीजन में 2,146.06 क्विंटल तेल पकड़ा गया, जिसकी कीमत 5.44 करोड़ रुपये बताई गई है। बाकी डिवीजनों का कुल आंकड़ा 3,466 क्विंटल के आसपास बैठता है। इसमें ग्रेटर मुंबई का 506.70 क्विंटल (67.13 लाख रुपये), नाशिक का 388.65 क्विंटल (73.53 लाख रुपये), नागपुर का 255.96 क्विंटल (51.65 लाख रुपये) और अमरावती का 167.61 क्विंटल (56.17 लाख रुपये) का तेल है।

लाइसेंस सस्पेंड करने का सिलसिला विभाग के सातों डिवीजनों में चला। सबसे ज्यादा 27 लाइसेंस छत्रपति संभाजीनगर में रुके। पुणे में 22 और मुंबई शहर में आठ लाइसेंस सस्पेंड हुए। कोंकण, नागपुर और नाशिक में छह-छह लाइसेंस पर गाज गिरी, जबकि अमरावती में पांच लाइसेंस सस्पेंड किए गए। कोंकण डिवीजन में नवी मुंबई और उसके आसपास का इलाका आता है।

मुंबई की सूची में आठ नाम हैं। कुर्ला की अंकित ऑयल्स और भायखला का ऑयल डिपो इसमें हैं। नागपाड़ा की राज ऑयल ट्रेडिंग, गोरेगांव की आशापुरा ट्रेडर्स और घाटकोपर की दीपा वुड प्रेस्ड ऑयल पर भी कार्रवाई हुई। मालाड की मोमाई ऑयल एंड ग्रेन डिपो भी लपेटे में आई। कांदिवली की अजंता ऑयल ट्रेडिंग की दो यूनिटें अलग-अलग एंट्री के तौर पर दर्ज हैं। कोंकण डिवीजन में कामोठे की अद्वैत कोल्ड प्रेस्ड ऑयल, तुर्भे की नोड एग्रो और शिलफाटा की ग्राम गुरु पर कार्रवाई हुई। भिवंडी में एवेन्यू सुपरमार्ट्स की दो यूनिटें भी इसमें आईं। सूची में पनवेल, कल्याण और राज्य के दूसरे हिस्सों के प्रतिष्ठान भी शामिल हैं।

FDA ने कार्रवाई के कारण भी गिनाए हैं। कई जगह तेल पुराने इस्तेमाल किए हुए टिन और बिना लेबल के डिब्बों में बेचा जा रहा था। कुछ जगह तेल के घटिया या मिलावटी होने का शक था। कहीं गंदगी भरे माहौल में तेल बनाया और रखा जा रहा था, तो कहीं इन-हाउस लैब या तकनीकी स्टाफ ही नहीं था। लेबलिंग के नियम तोड़ने के मामले भी सामने आए। जिन प्रतिष्ठानों का लाइसेंस सस्पेंड हुआ है, वे उस लाइसेंस पर फूड बिजनेस नहीं चला सकते। जब्त माल को सक्षम अधिकारी के लिखित आदेश के बिना न बेचा जा सकता है, न कहीं भेजा जा सकता है। उसे ट्रांसफर, रीपैक, रीलेबल करना या ठिकाने लगाना भी मना है।

कारोबारियों के लिए विभाग की हिदायत साफ है। वैध लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन रखें, अपनी इन-हाउस लैब चलाएं और खरीद, उत्पादन व बिक्री का पूरा रिकॉर्ड संभालकर रखें। रीपैकिंग में पुराने टिन या बिना लेबल के डिब्बे बिल्कुल न इस्तेमाल करें। सभी से फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 और उसके नियमों का पालन करने को कहा गया है। FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने कहा, "मिलावटी, घटिया या असुरक्षित खाद्य तेल बनाते, रखते या बेचते पाए जाने वाले किसी भी ऑपरेटर पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।"

आम ग्राहकों को भी सलाह दी गई है। तेल लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन वाले दुकानदार से ही लें और वह भी कंपनी की original, सील बंद और सही लेबल वाली पैकिंग में। खुला तेल, या बिना लेबल और इस्तेमाल हो चुके टिन में बिकने वाला तेल न खरीदें। खरीदते वक्त पैक पर निर्माता का नाम-पता, FSSAI लाइसेंस नंबर, बैच या लॉट नंबर, बनाने और पैकिंग की तारीख, Best Before या एक्सपायरी डेट और नेट वेट जरूर देख लें। पैकिंग साबुत हो, उसमें लीकेज, छेड़छाड़ या टूट-फूट न दिखे।

अगर तेल का रंग, गंध या शक्ल अजीब लगे, या उसमें गंदगी तैरती दिखे, तो उसे खाने में इस्तेमाल न करें। एक बार तलने में काम आ चुके तेल को दोबारा-दोबारा गरम करने से भी बचना चाहिए। मिलावट, घटिया तेल या बिना इजाजत बिक्री का शक हो तो टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-222-365 पर या विभाग के शिकायत पोर्टल पर FDA को खबर दी जा सकती है।

#मुंबई#सेहत#PT24#Health#Mumbai

विज्ञापन

क्या हम इस विज़िट को गिन लें? PT24 गूगल एनालिटिक्स से देखता है कि कौन सी खबरें किस पर पढ़ी जाती हैं। आपके हां कहने तक यह बंद है, आप सोच रहे हैं तब तक कुछ नहीं गिना जाता, और आप 'आप' पर कभी भी अपना मन बदल सकते हैं। हम क्या लेंगे