महाराष्ट्र में खाने के तेल पर FDA की सख्ती, 18.95 करोड़ का माल जब्त, 80 लाइसेंस सस्पेंड
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FDA ने 1 अप्रैल से 29 अक्टूबर 2026 के बीच राज्यभर में चली कार्रवाई में 28,753 क्विंटल खाने का तेल जब्त किया।
महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने राज्यभर में खाने के तेल के कारोबारियों पर बड़ी कार्रवाई की है। 1 अप्रैल से 29 अक्टूबर 2026 के बीच चली इस मुहिम में मैन्युफैक्चरर, रीपैकर, रीलेबलर, थोक और खुदरा विक्रेताओं की जांच हुई। इस दौरान 28,753 क्विंटल खाने का तेल जब्त किया गया, जिसकी कीमत 18.95 करोड़ रुपये है। साथ ही फूड बिजनेस के 80 लाइसेंस सस्पेंड किए गए।
FDA ने शुक्रवार को जारी प्रेस नोट में बताया कि विभाग ने पूरे राज्य में 1,089 जगह निरीक्षण किया और तेल के 1,660 सैंपल लैब जांच के लिए लिए। अब तक जितनी रिपोर्ट आई हैं, उनमें 462 सैंपल तय मानकों पर खरे उतरे। 40 सैंपल घटिया, 18 असुरक्षित और पांच मिसब्रांडेड पाए गए। 1,171 सैंपल की रिपोर्ट अभी आनी बाकी है। FDA के मुताबिक जिन कारोबारियों के सैंपल घटिया, असुरक्षित या मिसब्रांडेड निकलेंगे, उनके खिलाफ आगे कानूनी कार्रवाई होगी, जिसमें मुकदमा या एडजुडिकेशन शामिल है।
विभाग के सातों डिवीजन में लाइसेंस सस्पेंड हुए। सबसे ज्यादा 27 सस्पेंशन छत्रपति संभाजीनगर में हुए। पुणे में 22 और ग्रेटर मुंबई में आठ लाइसेंस सस्पेंड हुए। कोकण, नागपुर और नाशिक में छह-छह और अमरावती में पांच लाइसेंस सस्पेंड किए गए।
FDA ने कार्रवाई की कई वजहें गिनाई हैं। इनमें इस्तेमाल किए हुए टिन और बिना लेबल के डिब्बों में तेल बेचना, तेल के घटिया या मिलावटी होने का शक, इन-हाउस लैब या तकनीकी स्टाफ का न होना, गंदगी भरे माहौल में बनाना और रखना, और लेबलिंग के नियम तोड़ना शामिल हैं। जिन प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड हुए हैं, वे उन लाइसेंस पर फूड बिजनेस नहीं कर सकते। जब्त किया गया माल सक्षम अधिकारी के लिखित निर्देश के बिना न बेचा जा सकता है, न कहीं ले जाया जा सकता है, न ट्रांसफर, रीपैक, रीलेबल या ठिकाने लगाया जा सकता है।
जब्ती की मात्रा में पुणे डिवीजन सबसे आगे रहा, जहां 19,551.83 क्विंटल तेल जब्त हुआ। छत्रपति संभाजीनगर में 5,736.27 क्विंटल तेल पकड़ा गया, जिसकी कीमत 8.34 करोड़ रुपये है। कोकण डिवीजन में 2,146.06 क्विंटल तेल जब्त हुआ, जिसकी कीमत 5.44 करोड़ रुपये है। ग्रेटर मुंबई में 506.70 क्विंटल तेल जब्त हुआ, जिसकी कीमत 67.13 लाख रुपये है। नाशिक में 388.65 क्विंटल (73.53 लाख रुपये), नागपुर में 255.96 क्विंटल (51.65 लाख रुपये) और अमरावती में 167.61 क्विंटल (56.17 लाख रुपये) का तेल जब्त हुआ।
ग्रेटर मुंबई में जिन आठ प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड हुए, उनमें कुर्ला की Anktt Oils, Byculla Oil Depot, नागपाड़ा की Raj Oil Trading, गोरेगांव की Ashapura Traders, घाटकोपर की Deepa Wood Pressed Oil और मालाड की Momai Oil and Grain Depot शामिल हैं। कांदिवली की Ajanta Oil Trading Co. की दो एंट्री भी सूची में हैं। सूची में भिवंडी, पनवेल, कल्याण-शिलफाटा, तुर्भे और राज्य के दूसरे हिस्सों के प्रतिष्ठान भी हैं।
FDA ने फूड बिजनेस करने वालों को निर्देश दिया है कि वे वैध लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन रखें, इन-हाउस लैब चलाएं और खरीद, उत्पादन और बिक्री का पूरा रिकॉर्ड रखें। विभाग ने चेताया है कि तेल की रीपैकिंग के लिए इस्तेमाल किए हुए टिन या बिना लेबल के डिब्बे न इस्तेमाल किए जाएं। मिलावटी, घटिया या असुरक्षित तेल बनाने, रखने या बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की बात कही गई है। कारोबारियों से फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स एक्ट, 2006 और उसके तहत बने नियमों का पालन करने को कहा गया है।
आम लोगों के लिए भी FDA ने सलाह दी है। तेल सिर्फ लाइसेंस या रजिस्ट्रेशन वाले विक्रेता से और कंपनी की original, सीलबंद और ठीक से लेबल लगी पैकिंग में ही खरीदें। खुला तेल या बिना लेबल और इस्तेमाल किए हुए टिन में बिकने वाला तेल न लें। खरीदने से पहले निर्माता का नाम-पता, FSSAI लाइसेंस नंबर, बैच या लॉट नंबर, बनाने और पैकिंग की तारीख, Best Before या एक्सपायरी डेट, नेट वेट जैसी लेबल की जानकारी देख लें। पैकिंग साबुत हो और उसमें लीकेज, छेड़छाड़ या टूट-फूट न हो।
विभाग ने अजीब रंग, गंध या शक्ल वाले तेल, या जिसमें गंदगी दिखे, उसे न खाने को कहा है। तलने में एक बार इस्तेमाल हुए तेल को बार-बार गरम करने से भी बचने की सलाह दी गई है। मिलावट, घटिया तेल या बिना इजाजत बिक्री का शक हो तो टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-222-365 या विभाग के शिकायत पोर्टल पर FDA को बताया जा सकता है।
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