दिवाली से पहले FDA आयुक्त मुंढे की चेतावनी: एक्सपायरी माल बाजार में गया तो होगी कार्रवाई
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अन्न व औषध प्रशासन के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने खाद्य कारोबारियों को खबरदार किया है। मिलावटी तेल के खिलाफ मुहिम जारी रहेगी।
दिवाली करीब है और त्योहार में खाने-पीने की अपनी एक परंपरा है। ऐसे में अन्न व औषध प्रशासन (FDA) विभाग के आयुक्त तुकाराम मुंढे ने खाद्य कारोबारियों को साफ चेतावनी दी है। उनका कहना है कि खाना बनाते वक्त सही तेल का इस्तेमाल जरूरी है। मिलावटी तेल के खिलाफ विभाग की मुहिम चल रही है और आगे भी चलती रहेगी।
मुंढे ने बताया कि खाने के तेल की अब तक 1089 जांच की जा चुकी हैं। इनमें 80 लाइसेंस रद्द किए गए हैं। साथ ही 28753 क्विंटल माल जब्त किया गया है। उन्होंने कहा कि जो भी अन्न कारोबारी हैं, उन्हें एहतियात बरतनी होगी। यह जिम्मेदारी सिर्फ विक्रेता की नहीं है। कंपनी छोटी हो या बड़ी, इस बात का ध्यान रखा जाए कि एक्सपायरी वाले अन्न की एक भी थैली बाहर न आए।
मुंढे के मुताबिक कार्रवाई करना विभाग का लक्ष्य नहीं है, विभाग बस अपना काम लगातार कर रहा है। उन्होंने कहा कि सबसे बड़ा काम यह हुआ है कि कम्प्लायंस ऑर्डर लाए गए हैं। होटल, दूध और दूध के प्रोडक्ट, तेल, स्कूल का खाना या दूसरी चीजों में क्या नियम होने चाहिए, इसके ऑर्डर निकाले गए हैं। अब तक 22 रेगुलेशन आ चुके हैं। मुंढे ने कहा कि फूड बिजनेस, लाइसेंस होल्डर और अधिकारियों की जिम्मेदारी क्या है, यह भी वे बताएंगे।
आज का ऑर्डर एक्सपायर्ड, रिटर्न और डैमेज्ड फूड को लेकर है। मुंढे ने कहा कि किसी भी राज्य में ऐसा ऑर्डर नहीं है। यह ऑर्डर एक्सपायरी वाले और खराब हो चुके अन्न के बारे में है। उनका कहना है कि ऐसा खराब अन्न दोबारा इस्तेमाल में लाया जाता है। इसलिए अब कंपनी को इस बात का सबूत देना होगा कि अन्न पूरी तरह नष्ट कर दिया गया।
ऑर्डर निकालने की वजह भी मुंढे ने बताई। उनके मुताबिक खराब हुआ अन्न नष्ट किए बिना ही डिस्पोजल सर्टिफिकेट दिखा दिया जाता है और एजेंट के जरिए उसे फिर से चेन में डाल दिया जाता है। विभाग की नजर में यह भी आया है कि तारीख में हेराफेरी की जाती है।
मुंढे ने बताया कि पिछले 15 दिनों में विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। भिवंडी में 80 हजार रुपये का स्टॉक जब्त किया गया। इसके बाद 26 लाख रुपये का स्टॉक भी जब्त हुआ। वडपे में भी दो जगह स्टॉक जब्त कर परमिट निलंबित किया गया।
कुल मिलाकर 5 करोड़ रुपये का स्टॉक जब्त किया गया है। मुंढे के अनुसार 10 कार्रवाइयों के बाद 2 मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें मालिकों के नाम भी डाले गए हैं और आरोपियों की संख्या 32 है। एक्सपायरी वाला माल अलग जगह रखना जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं पाया गया। मुंढे ने यह भी बताया कि महाराष्ट्र प्रदूषण नियंत्रण मंडल के पास जो डिस्पोजल कंपनियां दर्ज हैं, उनकी तरफ से अन्न नष्ट करने के सर्टिफिकेट मिले हैं। उन्होंने कहा कि यह एक दिन की कार्रवाई नहीं है, विभाग 2 महीने से यह काम कर रहा है।
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