महाराष्ट्र FDA की कार्रवाई: एक्सपायर्ड माल के रिकॉर्ड में गड़बड़ी पर रिलायंस, ज़ोमैटो, ब्लिंकिट के यूनिट
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
महाराष्ट्र FDA ने ठाणे, नवी मुंबई और पुणे में छह लाइसेंस सस्पेंड किए और दो को सस्पेंशन आदेश दिए। 10 जगहों से 5 करोड़ रुपये से ज्यादा का माल जब्त हुआ।
महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने ठाणे, नवी मुंबई और पुणे जिलों में एक्सपायर्ड, खराब और लौटाए गए खाने के सामान को संभालने और नष्ट करने में गड़बड़ियां पकड़ीं। इसके बाद छह फूड बिजनेस के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए गए और दो और प्रतिष्ठानों के खिलाफ सस्पेंशन के आदेश जारी हुए।
FDA के मुताबिक अक्टूबर 2026 में एक साझा निरीक्षण अभियान चला। इसमें 10 जगहों पर 5,00,14,040 रुपये का खाद्य माल जब्त किया गया। सबसे बड़ी जब्ती नवी मुंबई के तुर्भे में एक कोल्ड स्टोरेज में हुई, जहां 4.12 करोड़ रुपये के 91,353 किलो ड्राई फ्रूट और मसाले पकड़े गए।
कार्रवाई की जद में रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स, रिलायंस रिटेल, ज़ोमैटो हाइपरप्योर और ब्लिंकिट कॉमर्स के यूनिट हैं। FDA ने कहा कि जांच में रिकॉर्ड में कमियां मिलीं और ऐसा कोई स्वतंत्र रूप से जांचा जा सकने वाला सबूत नहीं मिला कि एक्सपायर्ड और रिजेक्ट किया गया माल सच में नष्ट हुआ।
यह कार्रवाई ऐसे वक्त हुई है जब FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे एक्सपायर्ड, खराब और लौटाए गए खाने के निपटान पर पूरे राज्य के लिए कंप्लायंस ऑर्डर ला रहे हैं। उन्होंने इसे देश में अपनी तरह का पहला बताया है।
तुर्भे के सावला फूड्स एंड कोल्ड स्टोरेज प्रा. लि. में 4,12,53,300 रुपये का 91,353 किलो माल जब्त हुआ और लाइसेंस सस्पेंड किया गया। भिवंडी के पिसे (पगांव) में ब्लिंक कॉमर्स प्रा. लि. के गोदाम में 32,71,774 रुपये का एक्सपायर्ड और खराब माल मिला। उसका लाइसेंस सस्पेंड हुआ और भिवंडी तालुका पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई। पडघा में क्लाउडस्टोर रिटेल प्रा. लि. से 6,88,042 रुपये का माल जब्त हुआ, लाइसेंस सस्पेंड हुआ और पडघा पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज हुई।
भिवंडी के वडपे में रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स और रिलायंस रिटेल के प्रतिष्ठानों के लाइसेंस और अंबरनाथ के उसाटने में ज़ोमैटो हाइपरप्योर का लाइसेंस 15 अक्टूबर को सस्पेंड किए गए। पुणे जिले में चाकण में रिलायंस रिटेल लि. और निघोजे में ब्लिंकिट कॉमर्स प्रा. लि. के खिलाफ लाइसेंस सस्पेंशन के आदेश जारी हुए।
FDA के अनुसार कंपनियों को ऐसे रिकॉर्ड दिखाने होते हैं जिन्हें स्वतंत्र रूप से जांचा जा सके। इनमें माल की पहचान और मात्रा, बैच की जानकारी, गोदाम से उसकी आवाजाही, ढुलाई, प्राप्ति और आखिर में नष्ट करने या कानूनी तरीके से निपटान का ब्योरा शामिल है। निरीक्षकों ने पाया कि कई प्रतिष्ठान पूरे रिकॉर्ड नहीं दे सके।
कमियों में एक्सपायर्ड और ग्राहकों से लौटे माल के लिए अलग, ताले वाले क्वारंटीन एरिया का न होना शामिल है। जितना माल एक्सपायर्ड बताया गया और जितना असल में नष्ट हुआ, उसमें मिलान भी नहीं था। कुछ प्रतिष्ठानों ने प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति के बिना निपटान एजेंसियां लगाईं और कुछ ने बिना लाइसेंस वाली एजेंसियां। कुछ मामलों में भेजने वाला और पाने वाला एक ही था, जबकि माल राज्यों के बीच भेजा गया और नष्ट करना उसी दिन दर्ज दिखा। कार्टन की गिनती और वजन में फर्क मिला। एक मामले में ऐसी एजेंसी के नाम इनवॉइस बना था जो थी ही नहीं।
14 और 15 अक्टूबर के पहले दौर में भिवंडी के गुलजार नगर, चविंद्रा, वडपे, खोनी, खडीपार और कांबा गांव, अंबरनाथ के उसाटने और पुणे जिले के चाकण व निघोजे में जांच हुई। गुलजार नगर के डिस्काउंट स्टोर में करीब 80,575 रुपये का एक्सपायर्ड, खराब और लीक करता माल बिक्री के लिए रखा मिला। खरीद बिल और सप्लायर के कागज़ नहीं थे, इसलिए खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 की धारा 38 के तहत माल जब्त हुआ। चविंद्रा में गुलजार अब्दुल मुबीन खान के परिसर में करीब 429.37 किलो खराब माल (86,825 रुपये) मिला। वहां वैध रजिस्ट्रेशन या लाइसेंस नहीं था, फर्श पर खाना रखा था और चूहे व तिलचट्टे थे। कारोबार बंद करने के निर्देश दिए गए। इस अभियान में कुल 48,00,924 रुपये का एक्सपायर्ड और खराब माल दर्ज हुआ।
वडपे में रिलायंस कंज्यूमर प्रोडक्ट्स लि. में करीब 4,659 किलो एक्सपायर्ड माल (3,71,984 रुपये) और 1,414.19 किलो क्षतिग्रस्त माल (1,19,864 रुपये) दर्ज हुआ। रिलायंस रिटेल की वडपे यूनिट के क्वारंटीन एरिया में करीब 300 किलो खराब और एक्सपायर्ड माल मिला। उसाटने में ज़ोमैटो हाइपरप्योर के यहां 5,431 प्रोडक्ट, करीब 9,590 किलो और 7,80,620 रुपये का माल खराब, एक्सपायर्ड या रिजेक्टेड दर्ज हुआ। निरीक्षकों ने वहां तिलचट्टे, चूहे, कुतरे हुए पैकेट और एक ही रैक पर खाने का सामान व आयुर्वेदिक दवाएं रखी पाईं।
पगांव में ब्लिंक कॉमर्स के गोदाम में करीब 18,405 आइटम मिले। कंपनी के प्रतिनिधि ने कहा कि कुछ निपटान एजेंसियों से उसके करार हैं। FDA के मुताबिक वजन पर्चियां, ढुलाई का ब्योरा और अंतिम निपटान के प्रमाणपत्र जरूरी हद तक नहीं मिले। FDA ने 21 अक्टूबर तक रिकॉर्ड जमा करने के लिखित निर्देश दिए, 22 अक्टूबर को सुनवाई की और उसी दिन लाइसेंस सस्पेंड किया। FIR नंबर 0817/2026 भिवंडी तालुका पुलिस स्टेशन में 23 अक्टूबर को दर्ज हुई।
पडघा टोल नाके के पास वन के-स्क्वायर पार्क में क्लाउडस्टोर रिटेल की यूनिट-2 में 24 अक्टूबर को 7,566 आइटम मिले। सुनवाई के बाद 26 अक्टूबर को लाइसेंस सस्पेंड हुआ और उसी दिन पडघा पुलिस स्टेशन में FIR नंबर 0454/2026 दर्ज हुई।
तुर्भे में 24 और 25 अक्टूबर की जांच में FDA ने करीब 17,144 किलो एक्सपायर्ड माल (लगभग 1,62,18,650 रुपये) और 74,209 किलो माल (2,50,34,650 रुपये) जब्त किया। अनलेबल्ड और गलत लेबल वाले खाद्य उत्पादों के 32 सैंपल जांच के लिए लिए गए। जनस्वास्थ्य के हित में लाइसेंस तुरंत सस्पेंड किया गया।
FDA ने कहा कि सिर्फ वेंडर का नाम, करार या टैक्स इनवॉइस दिखाने से यह साबित नहीं होता कि माल नष्ट हुआ। नए कंप्लायंस ऑर्डर के तहत एक्सपायर्ड, खराब, लौटाया और रिजेक्ट माल अलग ताले वाले क्वारंटीन एरिया में रखना होगा, ताकि वह दोबारा बिक्री के लिए न पहुंचे। निपटान प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की सहमति वाली अधिकृत एजेंसियों से कराना होगा। वाहन का ब्योरा, वजन पर्चियां, ई-वे बिल और समय दर्ज वाली फोटो व वीडियो भी रखने होंगे। FDA ने कहा कि राज्य भर में विशेष जांच और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
विभाग ने ग्राहकों से कहा है कि पैकेट वाला खाना खरीदने से पहले निर्माण की तारीख, बैच नंबर, बेस्ट बिफोर और पैकेजिंग की हालत देख लें। बिक्री में एक्सपायर्ड, खराब या संदिग्ध सामान दिखे तो FDA की टोल-फ्री हेल्पलाइन 1800-222-365 या ऑनलाइन पोर्टल https://complaints.mahafda.in पर शिकायत की जा सकती है।
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