गुरूवार, 5 नवंबर 2026

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गोकुल डेयरी पर फडणवीस का राहुल गांधी को जवाब, कहा सिर्फ 4,500 वोटर हैं

गोकुल डेयरी पर फडणवीस का राहुल गांधी को जवाब, कहा सिर्फ 4,500 वोटर हैं तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 राजनीति डेस्क

मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि कोरम पूरा न होने की वजह से सरकार ने फैसला लिया। राहुल गांधी ने भाजपा पर चुनाव के बाद नियम बदलने का आरोप लगाया है।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने गुरुवार को लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को जवाब दिया। मामला कोल्हापुर जिला सहकारी दूध उत्पादक संघ, यानी गोकुल डेयरी, के निदेशक मंडल के चुनाव का है। इसी चुनाव पर राहुल गांधी ने टिप्पणी की थी।

फडणवीस ने कहा कि इस मामले में सिर्फ 4,500 वोटर हैं और सवाल किया कि कांग्रेस नेता इसे दिल्ली से क्यों उठा रहे हैं। राहुल गांधी की सोशल मीडिया पोस्ट पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने कहा कि 25 सदस्यों के बोर्ड में किसी भी पैनल को साफ बहुमत नहीं मिला। एक गुट को 13 सीटें मिलीं और दूसरे को 12। फडणवीस के मुताबिक कोरम न होने से बैठकें बार-बार रद्द होती रहीं, और इसी वजह से सरकार को दखल देना पड़ा।

फडणवीस ने कहा, "राहुल गांधी की क्या हालत हो गई है। गोकुल में बस 4,500 वोटर हैं और उसके लिए राहुल गांधी को दिल्ली में बैठकर ट्वीट करना पड़ रहा है। गोकुल में किसी के पास बहुमत नहीं था। एक तरफ 13 सीटें जीती थीं और दूसरी तरफ 12।"

सरकार के फैसले की वजह बताते हुए उन्होंने कहा कि अध्यक्ष चुनने वाली बैठक के लिए जरूरी कोरम पूरा नहीं हो रहा था, इसलिए बैठक दो बार रद्द करनी पड़ी। फडणवीस ने कहा, "इसलिए बैठक के लिए जरूरी कोरम पूरा नहीं हो रहा था। कोरम की कमी से बैठक दो बार रद्द करनी पड़ी। अगर तीसरी बार भी कोरम की कमी से बैठक रद्द होती तो चुनाव ही रद्द हो जाता। इसीलिए सरकार ने यह फैसला लिया।"

फैसले की कानूनी वैधता पर पूछे गए सवालों के जवाब में फडणवीस ने कहा कि सरकार ने एडवोकेट जनरल की राय लेने के बाद ही कदम उठाया। उन्होंने कहा, "कुछ लोग कहते हैं कि यह फैसला कोर्ट में टिकेगा नहीं, तो कुछ कहते हैं कि टिकेगा। फैसला एडवोकेट जनरल की राय लेने के बाद ही लिया गया।" उन्होंने राहुल गांधी के दखल पर भी सवाल उठाया और कहा, "लेकिन यह राष्ट्रीय मुद्दा नहीं है। राहुल गांधी तो इसमें भी शामिल हो रहे हैं।"

इससे पहले गुरुवार को राहुल गांधी ने भाजपा पर गोकुल दूध सहकारी चुनाव में जनादेश पलटने की कोशिश का आरोप लगाया था। उनका कहना था कि कांग्रेस समर्थित पैनल ने भाजपा समर्थित महायुति गठबंधन को हराया, उसके बाद नियम बदल दिए गए। एक्स पर अपनी पोस्ट में उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव के बाद बोर्ड में बहुमत पाने के लिए नियम बदले, और इसे "दूध उत्पादकों के वोटों की चोरी" बताया।

राहुल गांधी ने लिखा, "गोकुल में दूध उत्पादकों ने भाजपा को हराया। तो भाजपा ने चुनाव के बाद नियम बदल दिए, 4 निदेशक ठूंस दो, 12 को 16 बना दो, बहुमत चुरा लो। यह दूध उत्पादकों के वोटों की चोरी है, जनादेश में मिलावट है। भाजपा इतनी बेचैन हो गई है कि सत्ता बचाने के लिए हर जगह किसी भी हद तक जा रही है। दूध उत्पादकों के वोट चुराने वालों, याद रखना, किसान भूलते नहीं।"

गोकुल दूध संघ के चुनाव 19 अक्टूबर 2026 को 25 निदेशक पदों के लिए हुए थे। मतदान लगभग 99.74 से 99.96 प्रतिशत रहा। कांग्रेस एमएलसी सतेज पाटिल की अगुवाई वाली कांग्रेस समर्थित राजर्षि शाहू शेतकरी समविचारी आघाडी ने 13 सीटें जीतीं, जबकि भाजपा समर्थित महायुति पैनल को बाकी 12 सीटें मिलीं।

लेकिन अध्यक्ष का चुनाव अटक गया। महायुति समर्थित 12 निदेशकों ने बैठकों का बार-बार बायकॉट किया, जिससे चुनाव कराने के लिए जरूरी 14 सदस्यों का कोरम पूरा नहीं हुआ। इसके बाद सतेज पाटिल के पैनल ने बॉम्बे हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने सभी 25 निर्वाचित निदेशकों को नोटिस जारी किए और अध्यक्ष का नया चुनाव 10 नवंबर 2026 को कराने का निर्देश दिया।

इस बीच 4 नवंबर को महाराष्ट्र कैबिनेट ने एक अध्यादेश को मंजूरी दी। इसके तहत सालाना टर्नओवर 500 करोड़ रुपये से ज्यादा वाली सहकारी संस्थाओं की प्रबंध समितियों में राज्य सरकार पांच सदस्य नामित कर सकेगी। इनमें से चार नामित सदस्यों को वोटिंग का अधिकार होगा। इस कदम से गोकुल बोर्ड का शक्ति संतुलन बदल सकता है और मौजूदा 13-12 का अंतर महायुति के पक्ष में जा सकता है।

अध्यादेश की आलोचना राहुल गांधी, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा और एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के नेता रोहित पवार समेत विपक्ष के कई नेताओं ने की। उनका आरोप है कि सरकार जनादेश और सहकारी संस्थाओं की स्वायत्तता को कमजोर कर रही है।

कांग्रेस ने कहा है कि वह अध्यादेश को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। कोल्हापुर में सतेज पाटिल ने दशहरा चौक से जिलाधिकारी कार्यालय तक विरोध मार्च निकाला और 4 नवंबर को महाराष्ट्र के सहकारी आंदोलन के लिए "काला दिन" कहा। एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के नेताओं ने गोकुल डेयरी मुख्यालय के घेराव की भी अपील की है।

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