दिवाली से पहले महाराष्ट्र में FDA की सख्ती, 18 कारोबारियों के लाइसेंस सस्पेंड, तीन गिरफ्तार
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तुकाराम मुंढे की अगुवाई वाले महाराष्ट्र FDA ने दिवाली से पहले मिलावटी और घटिया खाने के शक में पूरे राज्य में जांच चलाई। 18 लाइसेंस सस्पेंड हुए, चार प्रतिष्ठानों का कारोबार रोका गया।
दिवाली से पहले मिलावटी और घटिया खाद्य पदार्थों के शक में महाराष्ट्र के फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने पूरे राज्य में कार्रवाई शुरू की है। FDA की अगुवाई तुकाराम मुंढे कर रहे हैं। इस कार्रवाई में 18 फूड बिजनेस के लाइसेंस सस्पेंड किए गए, चार प्रतिष्ठानों का कामकाज बंद करवाया गया और तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
FDA के मुताबिक 3 नवंबर को खास जांच अभियान चलाया गया। इसमें राज्यभर के प्रतिष्ठानों से 37.49 लाख रुपये का खाद्य माल जब्त हुआ। इसके अलावा 16.86 लाख रुपये की प्रतिबंधित खाद्य सामग्री भी पकड़ी गई। प्रतिबंधित खाद्य पदार्थों की बिक्री और कब्जे को लेकर दो FIR दर्ज की गईं। कार्रवाई के दायरे में मिठाई, दूध से बने उत्पाद, फरसाण, मसाले, खाने के तेल, सूखे मेवे और दूसरे खाद्य उत्पाद बनाने वाले, स्टॉकिस्ट और बेचने वाले शामिल थे।
बुधवार, 4 नवंबर को चार डिवीजनों में कुल 18 फूड बिजनेस लाइसेंस सस्पेंड किए गए। सबसे ज्यादा सस्पेंशन पुणे और ग्रेटर मुंबई में हुए। डिवीजन के हिसाब से आंकड़े ये हैं: पुणे में 6, मुंबई में 5, छत्रपति संभाजीनगर में 5 और अमरावती में 2 लाइसेंस। विभाग ने कहा कि सस्पेंशन की अवधि में इन प्रतिष्ठानों को उन लाइसेंसों के तहत कोई भी फूड बिजनेस करने की इजाजत नहीं है।
मुंबई में एक आधिकारिक बयान के मुताबिक पांच प्रतिष्ठानों के लाइसेंस सस्पेंड हुए। इनमें दादर वेस्ट का Sheetals, अंधेरी ईस्ट का ITC Limited, मुलुंड का Dhanya Enterprises (Gupta Shev and Puri), कांदिवली ईस्ट का Zepto Limited और बोरीवली का Bhagwati Stores शामिल हैं। FDA ने कई प्रतिष्ठानों में खाना बनाने की जगह पर गंदगी का हवाला दिया।
पुणे में जिन छह प्रतिष्ठानों पर गाज गिरी, उनमें शिरोली का Ambika Foods, बारामती का Modi Brothers, मंचर का Rajmilan Sweets, कैंप का Karachi Sweet Mart, शिवाजीनगर का New Quality Dairy Farm और मोहम्मदवाड़ी का Bikaner Mithaiwale हैं। खामियों में शक के दायरे वाले घटिया खाद्य उत्पाद, गंदगी भरे हालात में निर्माण, गलत तरीके से स्टोरेज, एक्सपायर हो चुका कच्चा माल और लेबलिंग के नियमों का उल्लंघन शामिल थे।
जांच के बाद चार प्रतिष्ठानों को कारोबार बंद करने का आदेश दिया गया। ये हैं: शिक्रापुर (पुणे) का Shree Ganesh Ladduwale, वानवड़ी (पुणे) का Pournima Sweets, बिबवेवाड़ी (पुणे) का Sirvi Sweets और अमरावती का Maa Bhagwati Mithai and Faral Karkhana। विभाग ने घटिया या असुरक्षित खाना, गंदगी वाला निर्माण, वैध लाइसेंस का न होना और गैरमंजूर फूड कलर के शक वाले इस्तेमाल को खामियों में गिनाया।
राज्यव्यापी अभियान में FDA ने करीब 14,340.78 किलो खाद्य पदार्थ और 204 लीटर कोकम जब्त किया। इनकी कुल कीमत 37,49,611 रुपये बताई गई है। जब्त माल में मिठाई, मोतीचूर के लड्डू, बूंदी, हलवा, दूध के उत्पाद, खुला खोया, घी, फरसाण, चकली, शंकरपाली, पोहा चिवड़ा, मसाले, बादाम, काजू, आटा और खाने के तेल थे।
बड़ी जब्तियों में सांगली के Ashish Traders से 8.98 लाख रुपये के बादाम, नवी मुंबई के Dhanashree Spices से 5.04 लाख रुपये का मिर्च और हल्दी पाउडर, अहिल्यानगर के S S Oil Industries से 3.51 लाख रुपये का रिफाइंड सोयाबीन तेल, जामखेड के Bafna Foods India से करीब 2.54 लाख रुपये के फोर्टिफाइड रिफाइंड तेल और पुणे जिले के Chamunda Maa Rabdiwala से 1.75 लाख रुपये का खाद्य माल शामिल है। FDA के मुताबिक कई जब्त उत्पाद घटिया, मिलावटी, गलत ब्रांडिंग वाले या गलत लेबल वाले होने के शक में लिए गए। कुछ जल्दी खराब होने वाले और असुरक्षित लगने वाले उत्पाद नष्ट कर दिए गए।
प्रतिबंधित उत्पादों के खिलाफ अलग कार्रवाई में FDA ने दो जगहों से 16,86,910 रुपये का गुटखा, पान मसाला, खुशबूदार तंबाकू और ऐसे ही उत्पाद जब्त किए। महाराष्ट्र सरकार ने 20 जुलाई 2026 से राज्य में इनके निर्माण, स्टोरेज, ढुलाई और बिक्री पर पाबंदी लगा रखी है। इस कार्रवाई में दो FIR दर्ज हुईं और तीन लोग गिरफ्तार किए गए। जब्ती का बड़ा हिस्सा पुणे डिवीजन का रहा, जहां 16,84,660 रुपये का प्रतिबंधित माल मिला और दो लोग गिरफ्तार हुए। कोंकण डिवीजन में 2,250 रुपये का माल पकड़ा गया और एक व्यक्ति की गिरफ्तारी हुई।
FDA कमिश्नर तुकाराम मुंढे ने कहा कि घटिया, असुरक्षित या मिलावटी खाद्य पदार्थ बेचने वाले प्रतिष्ठानों पर सख्त कार्रवाई होगी। विभाग ने फूड बिजनेस करने वालों को वैध लाइसेंस रखने, सफाई के मानक निभाने, खाने को सही तरीके से स्टोर करने, गैरमंजूर रंगों से बचने और जरूरी लेबलिंग पक्की करने का निर्देश दिया है।
आम लोगों के लिए FDA की सलाह है कि खाने का सामान सिर्फ लाइसेंसधारी या रजिस्टर्ड विक्रेताओं से खरीदें और खुला या बिना लेबल वाला माल न लें। खरीदने से पहले लेबल, बैच नंबर, पैकिंग की तारीख और Best Before की जानकारी जरूर देख लें।
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