जरांगे की ऑडियो क्लिप पर सत्तार को शक, बोले- शिंदे को बदनाम करने की साजिश, AI से बनी हो सकती है
शिंदे गट के नेता अब्दुल सत्तार ने मनोज जरांगे पाटील की ऑडियो क्लिप के पीछे राजनीतिक साजिश की आशंका जताई और उच्चस्तरीय जांच की मांग की।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मराठा आंदोलक मनोज जरांगे पाटील ने जो ऑडियो क्लिप सामने रखी है, उससे राज्य में बड़ी हलचल मच गई है। इस क्लिप में कहा गया है कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने जरांगे पाटील को देने के लिए भाजपा से 500 करोड़ रुपये लिए। इसके बाद राजनीतिक गलियारों में गंभीर सवाल उठ रहे हैं और अलग-अलग पार्टियों की तरफ से प्रतिक्रियाएं, आरोप और जवाबी आरोप शुरू हो गए हैं।
शिवसेना शिंदे गुट के नेताओं ने कल रात ही मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की। उन्होंने मांग की कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच हो। अब इसी बीच शिंदे गुट के नेता अब्दुल सत्तार ने भी इस पर गंभीर शंका जताई है।
अब्दुल सत्तार ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि इस कथित क्लिप के पीछे राजनीतिक साजिश हो सकती है। उनके मुताबिक एकनाथ शिंदे आगे फिर से मुख्यमंत्री बन सकते हैं। इसलिए यह देखा जाना चाहिए कि कहीं उनकी छवि खराब करने के लिए ही तो यह सब नहीं किया जा रहा। सत्तार ने कहा कि इसकी जांच होनी चाहिए।
सत्तार ने इस बात से भी इनकार नहीं किया कि यह क्लिप कृत्रिम बुद्धिमत्ता यानी AI की मदद से बनाई गई हो सकती है। इसीलिए उनकी मांग है कि मामले की उच्चस्तरीय जांच हो। उन्होंने कहा कि यह पता लगना चाहिए कि क्लिप आखिर किसके पास से आई, किसने दी और इसके पीछे मकसद क्या था।
इसके अलावा सत्तार ने मराठवाड़ा स्नातक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव पर भी बात की। उन्होंने बताया कि वोटिंग के शुरुआती दो घंटों में मतदाताओं में ज्यादा उत्साह नहीं दिखा। उनका अंदाजा है कि इस बार मुकाबला बराबरी का है और मतदाताओं का फैसला अलग भी हो सकता है।
सत्तार ने साफ किया कि महायुति के खिलाफ उनका रुख बना हुआ है। उन्होंने कहा कि सतीश चव्हाण को उनका समर्थन नहीं है और उन्होंने प्रतापसिंह पाटील का प्रचार शुरू कर दिया है। उनका यह भी कहना था कि बार-बार रुख बदलने से पार्टी और नेता की विश्वसनीयता घटती है।
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