500 करोड़ की क्लिप पर मुनगंटीवार बोले, कोई किसी को खत्म नहीं कर सकता
एक क्लिप में 500 करोड़ के जिक्र को लेकर बीजेपी और शिंदे गुट आमने-सामने हैं। सुधीर मुनगंटीवार ने इस पर मीडिया से बात की।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
एक क्लिप में 500 करोड़ के मुद्दे को लेकर बीजेपी और शिंदे गुट के बीच जोरदार तकरार छिड़ गई है। बीजेपी के नेताओं ने शिंदे गुट पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने पूछा है कि मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को खत्म करने की सुपारी किसने ली थी और इसके लिए जरांगे की मदद किसने की थी।
इस पर बीजेपी के वरिष्ठ नेता और राज्य के पूर्व वित्त मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने अपनी बात रखी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कोई किसी को खत्म नहीं कर सकता। अगर कोई खत्म होता है तो अपनी ही गलतियों से मुसीबत में आता है। उनके मुताबिक जनता का आशीर्वाद पद से नहीं जुड़ा होता, वह काम से जुड़ा होता है।
शिंदे गुट के नेता रामदास कदम ने दावा किया था कि बीजेपी को एकनाथ शिंदे से डर लगता है। इस पर मुनगंटीवार ने कहा कि डर किस बात का? शिंदे हमारे दोस्त हैं और दोस्त ही रहेंगे। उन्होंने कहा कि दोस्तों में डर लगने लगे तो वह राजनीति नहीं रह जाती। महायुति में ऐसे बयान नहीं होने चाहिए। उन्होंने कहा कि काल्पनिक बातों पर ध्यान न दें। यह राजनीति की चाल का हिस्सा हो सकता है और बीजेपी और शिवसेना के बीच दरार डालने की कोशिश है, ऐसा दावा मुनगंटीवार ने किया।
मुनगंटीवार ने सवाल उठाया कि पैसे कोई देगा नहीं और लेगा नहीं, फिर क्लिप की यह कहानी क्या है? उन्होंने इसे एक किस्से जैसा बताया। मुर्गी का चूजा यह सोचकर भागने लगा कि आसमान गिर पड़ा है, बाद में पता चला कि पेड़ का पत्ता गिरा था। उन्होंने एक नए वैज्ञानिक की मिसाल भी दी, जो दूरबीन से आसमान देखकर चिल्लाने लगता है कि बड़ा तूफान आने वाला है, लेकिन बाद में पता चलता है कि लेंस पर मक्खी बैठी थी। उनके मुताबिक इन लोगों का हाल भी ऐसा ही है।
उन्होंने कहा कि काल्पनिक बातों पर टिप्पणी की गई तो राजनीति में ऐसी मिसालें बन जाएंगी। कल कोई भी दो लोग ऐसी क्लिप बना लेंगे और किसी को भी बदनाम कर देंगे। तो क्या हर किसी को गिरफ्तार करते फिरना है, यह सवाल मुनगंटीवार ने किया।
उन्होंने कहा कि 500 करोड़ कोई किसी को देगा क्या? यह कॉमनसेंस की बात है। मनोज जरांगे सच्चे कार्यकर्ता हैं, वे पैसे क्यों लेंगे? ऐसा होता तो वे राजनीति में आ जाते और कोई पद ले लेते। मुनगंटीवार ने कहा कि उन्हें पक्का भरोसा है कि शिंदे साहब देंगे नहीं और जरांगे लेंगे नहीं।
क्लिप की वजह से शिंदे गुट और बीजेपी में दूरी बनी या नहीं, यह भी उनसे पूछा गया। जवाब में उन्होंने कहा कि राजनीति में परिपक्वता बढ़ना जरूरी है। ऐसी ऑडियो क्लिप को गंभीरता से लेने की जरूरत नहीं है। काल्पनिक वीडियो क्लिप आती हैं और वक्त के साथ गायब हो जाती हैं, यह पहले भी देखा जा चुका है। क्लिप में किसके बारे में कौन क्या बोलेगा, यह आपके हाथ में नहीं होता और कभी-कभी वह एआई से बनी भी हो सकती है।
मुनगंटीवार के मुताबिक आम लोगों को लगता है कि चैनलों पर क्लिप से ज्यादा सूखे पर चर्चा होनी चाहिए। जो किसान मेहनत से अनाज उगाकर हमारी-आपकी थाली तक पहुंचाता है, उसकी चर्चा चैनलों से गायब है। उन्होंने कहा कि ऐसी दंतकथा पर आधारित क्लिप की बहस चलाना ठीक नहीं है। यह राजनीति के चक्रव्यूह का हिस्सा बन गया है। आर्टिफिशियल ऑडियो क्लिप बनाना, उस पर बहस करवाना और राजनीति का स्तर गिरते देखना ठीक नहीं, ऐसा भी उन्होंने कहा।
खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।