जरांगे की ऑडियो क्लिप पर भड़के गृहराज्यमंत्री योगेश कदम, कहा किसी के कहने पर बोल रहे हैं
रत्नागिरी में गृहराज्यमंत्री योगेश कदम ने मनोज जरांगे की पेश की गई ऑडियो क्लिप को राजनीतिक साजिश बताया और कहा कि महायुति की एकता पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मराठा आरक्षण के मुद्दे पर महाराष्ट्र की राजनीति एक बार फिर गरम हो गई है। मनोज जरांगे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में एक ऑडियो क्लिप पेश की थी और उसी को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। रत्नागिरी से आई खबर के मुताबिक इस क्लिप पर गृहराज्यमंत्री योगेश कदम ने तीखा हमला बोला है।
कदम का कहना है कि इस क्लिप में दो तीसरे लोग आपस में बात कर रहे हैं और इसका कोई ठोस सबूत मौजूद नहीं है। शिवसेना के इस नेता ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि ऐसी ऑडियो क्लिप के भरोसे मुख्यमंत्री पर बेबुनियाद इल्जाम लगाना बिल्कुल गलत है।
गृहराज्यमंत्री योगेश कदम ने बहुत गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि इस पूरे मामले के पीछे सौ फीसदी राजनीतिक साजिश और गंदी राजनीति साफ दिखाई दे रही है। उनके मुताबिक मनोज जरांगे अपने मन से नहीं बोल रहे, बल्कि किसी की सुपारी लेकर इस तरह के बयान दे रहे हैं। कदम ने साफ शब्दों में यह भी कहा कि इस पूरे प्रकरण में मराठा समाज के हित का कोई ख्याल नहीं रखा गया है।
कदम ने तत्कालीन मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के काम की भी याद दिलाई। उनका कहना था कि शिंदे ने मराठा समाज को 10 फीसदी आरक्षण दिलाने के लिए ईमानदारी से और अहम कोशिशें की थीं। उन्होंने जो आरक्षण दिया, उसे कोर्ट में भी टिकाकर दिखाया। इस लिहाज से मराठा समाज के लिए शिंदे ने कीमती काम किया है।
कदम के मुताबिक ऐसे लोकनेता पर लगातार टीका करने और झूठे आरोप लगाने के लिए जरांगे को शर्म आनी चाहिए। उन्होंने कहा कि बिना किसी ठोस सबूत के ऑडियो क्लिप पेश करके राजनीतिक फायदा उठाने की कोशिश बेहद दुर्भाग्यपूर्ण मानी जा रही है। कदम का आरोप है कि जरांगे ने पहले जो अपनी साख बनाई थी, उसे अब खुद ही नीचे गिरा दिया है।
कदम ने यह भी कहा कि राजनीतिक स्वार्थ के लिए मराठा आरक्षण के आंदोलन का इस्तेमाल किए जाने का शक अब जताया जा रहा है। उनके मुताबिक मराठा समाज के हित से ज्यादा राजनीतिक महत्वाकांक्षा की वजह से ये आरोप लगाए जा रहे हैं।
उनसे पूछा गया कि क्या इस ऑडियो क्लिप के बाद महायुति में विवाद पैदा करने और माहौल बिगाड़ने की कोशिश हो रही है। इस पर कदम ने जवाब दिया कि इन राजनीतिक आरोपों का महायुति के रिश्तों पर कोई असर नहीं होगा।
कदम ने कहा कि शिवसेना और भाजपा दोनों पार्टियां बहुत मजबूती और एकजुटता के साथ महाराष्ट्र के विकास के लिए काम कर रही हैं। मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उपमुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने ढाई साल में राज्य में बहुत असरदार काम किया है। पहले जब फडणवीस मुख्यमंत्री थे, तब शिंदे ने उन्हें पूरा साथ दिया था। अब शिंदे के साथ फडणवीस मजबूती से खड़े हैं। इस तरह एक-दूसरे का साथ देते हुए महायुति के सारे नेता राज्य को आगे ले जाने में लगे हैं।
मंत्री कदम ने आखिर में कहा कि एक आदमी के बेवजह और बेबुनियाद बयानों से महायुति का माहौल बिल्कुल खराब नहीं होगा।
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