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500 करोड़ की ऑडियो क्लिप पर घमासान: राउत और भाजपा नेता एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप

मनोज जरांगे पाटील को श्रीकांत शिंदे के जरिए 500 करोड़ रुपये दिए जाने के दावे वाली ऑडियो क्लिप पर महाराष्ट्र की सियासत गरमा गई है।

500 करोड़ की ऑडियो क्लिप पर घमासान: राउत और भाजपा नेता एक-दूसरे पर लगा रहे आरोप तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

महाराष्ट्र की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से एक कथित ऑडियो क्लिप को लेकर जबरदस्त तूफान मचा हुआ है। दावा किया जा रहा है कि मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील को सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए 500 करोड़ रुपये दिए गए। इसी दावे से राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। विपक्ष और सत्ताधारी पक्ष के बीच आरोप-प्रत्यारोप चल रहे हैं और मामला दिन-ब-दिन गंभीर और उलझता जा रहा है।

बताया गया है कि मराठा आरक्षण के लिए अनशन चल रहा था, उसी दौरान जरांगे पाटील के हाथ यह ऑडियो क्लिप लगी। क्लिप में दावा है कि शिवसेना सांसद श्रीकांत शिंदे ने जरांगे को 500 करोड़ रुपये दिए। इससे महायुति सरकार, खासकर उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और उनके बेटे श्रीकांत शिंदे के सामने बड़ा सवाल खड़ा हो गया। जरांगे ने खुलकर आक्रामक रुख अपनाया और एकनाथ शिंदे व श्रीकांत शिंदे से सफाई मांगी। क्लिप फैलते ही अलग-अलग पार्टियों की तरफ से तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं आने लगीं।

शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे) के नेता और सांसद संजय राउत ने इस मामले में कूदते हुए भाजपा और गृह विभाग पर गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि यह वायरल क्लिप भाजपा की विधान परिषद के एक विधायक ने लीक की है, जो जरांगे के साथ हुई बातचीत में खुद शामिल था। इस सिलसिले में राउत ने भाजपा विधायक प्रसाद लाड की अगस्त महीने में जरांगे को लेकर हुई चर्चा का हवाला दिया।

राउत ने यह भी कहा कि भाजपा में जानलेवा होड़ चल रही है और यह उसी का नतीजा है। उनके मुताबिक मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का राज्य पर कंट्रोल छूट गया है और गृह मंत्री के तौर पर वे नाकाम रहे हैं। राउत ने दावा किया कि फडणवीस और एकनाथ शिंदे के बीच शीतयुद्ध चरम पर है और राजनीतिक तौर पर एक-दूसरे को खत्म करने के लिए वे किसी भी हद तक जा सकते हैं। उन्होंने फडणवीस से कहा कि पहले केस दर्ज करके फॉरेंसिक जांच कराएं, मगर साथ ही टिप्पणी की कि जांच से कुछ निकलने वाला नहीं है।

भाजपा ने इसका जोरदार जवाब दिया। विधायक प्रसाद लाड ने सनसनीखेज दावा किया कि यह ऑडियो क्लिप संजय राउत ने खुद बनवाई है। उनके मुताबिक दैनिक 'सामना' के दफ्तर के स्टूडियो या वॉर रूम में यह नकली क्लिप तैयार हुई और इसके लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से वॉइस ओवर किया गया। लाड ने मांग की कि पुलिस संजय राउत को उठाकर कड़ी पूछताछ करे और सामना के स्टूडियो में जाकर जांच करे।

भाजपा के प्रदेश मुख्य प्रवक्ता नवनाथ बन ने मुख्यमंत्री से औपचारिक मांग की। उनका दावा है कि यह नकली क्लिप संजय राउत के वॉर रूम में AI की मदद से बनी और छत्रपति संभाजीनगर के एक व्यक्ति के जरिए जरांगे तक पहुंचाई गई। बन के मुताबिक शुरुआत में आंकड़ा 100 करोड़ का तय हुआ था, लेकिन मामले को गंभीर दिखाने के लिए राउत के कहने पर इसे 500 करोड़ कर दिया गया। उन्होंने कहा कि इस पूरी साजिश के मास्टरमाइंड संजय राउत हैं और उनके खिलाफ तुरंत केस दर्ज होना चाहिए।

सांसद श्रीकांत शिंदे ने मीडिया से बात करते हुए 500 करोड़ के दावे का मजाक उड़ाया। उन्होंने कहा, "ये 500 करोड़ रुपये मुझ तक भी नहीं पहुंचे हैं। मनोज जरांगे पाटील को जो सवाल सूझा, वही मुझे भी सूझा है। ये 500 करोड़ रुपये कहां गए? उन्हें ढूंढने मैं अब निकल रहा हूं।" उन्होंने तंज में यह भी कहा कि 500 करोड़ रुपये एक साथ कैसे दिखेंगे और उन्हें ले जाने के लिए कितनी गाड़ियां लगेंगी, इस पर हम सोच रहे थे। श्रीकांत शिंदे के मुताबिक मुख्यमंत्री ने पूरे मामले की जांच के आदेश दिए हैं और दूध का दूध, पानी का पानी हो जाएगा।

शिवसेना के मंत्री संजय शिरसाट ने साफ किया कि यह ऑडियो क्लिप फॉरेंसिक लैब में जांची जाएगी और सामने आएगा कि महायुति में झगड़े लगाने वाला 'आस्तीन का सांप' कौन है। रामदास कदम से जुड़े विवाद पर बोलते हुए उन्होंने कहा कि महायुति को एकजुट रहना चाहिए और जो हुआ सो गंगा में मिल गया। प्रसाद लाड ने भी एकनाथ शिंदे के समर्थन में कहा कि एकनाथ शिंदे हमारे नेता हैं और उनके पीछे मोदी, शाह और देवेंद्र फडणवीस की पूरी ताकत है।

इस तरह 500 करोड़ की कथित ऑडियो क्लिप का मामला अब कीचड़ उछालने का बड़ा अखाड़ा बन गया है। एक तरफ विपक्ष, यानी शिवसेना (उद्धव बाळासाहेब ठाकरे), इसे भाजपा की अंदरूनी होड़ और सरकार की नाकामी मान रहा है। दूसरी तरफ सत्ताधारी भाजपा और शिवसेना इसे विपक्ष की, खासकर संजय राउत की, AI तकनीक से रची साजिश बता रहे हैं। एसआईटी जांच और फॉरेंसिक टेस्ट की रिपोर्ट आने के बाद ही सच सामने आएगा और साफ होगा कि कौन सही है और कौन गलत।

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