जरांगे ने शिंदे से पूछा 500 करोड़ का सवाल, रामदास कदम बोले: 65 विधायक शिंदे के साथ
मनोज जरांगे पाटील ने नारायणगढ़ के दशहरा मेले में एकनाथ शिंदे से 500 करोड़ रुपये को लेकर सवाल किया। शिवसेना नेता रामदास कदम ने जवाब दिया।
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मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील ने नारायणगढ़ के दशहरा मेले में एकनाथ शिंदे को लेकर 500 करोड़ रुपये के कथित लेन-देन का मुद्दा उठाया। जरांगे ने सीधा सवाल किया कि क्या एकनाथ शिंदे ने भाजपा के नेताओं को बताया था कि श्रीकांत शिंदे के जरिए 500 करोड़ रुपये उन तक पहुंचे हैं। इस बयान पर एकनाथ शिंदे की शिवसेना के वरिष्ठ नेता रामदास कदम ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।
नारायणगढ़ के मेले में बोलते हुए जरांगे ने एकनाथ शिंदे से इस कथित चर्चा पर सफाई मांगी। उनका दावा था कि भाजपा के कुछ नेता आपस में कानाफूसी कर रहे हैं कि उन्हें 500 करोड़ रुपये मिले हैं।
जरांगे ने सवाल रखे, "शिंदेसाहेब, तुम मुझे 500 करोड़ रुपये दिए क्या? श्रीकांत भैय्या शिंदे के जरिए पैसे पहुंचने की बात तुमने भाजपा के नेताओं को बताई क्या?"
जरांगे ने यह मांग भी की कि शिंदे इस मामले में दशहरा मेले में या शाम तक जवाब दें। जरांगे ने कहा कि उन्हें खत्म करने की कोशिश असल में भाजपा की तरफ से हो रही है या एकनाथ शिंदे की तरफ से, इसका पता लगाए बिना वे चुप नहीं बैठेंगे।
जरांगे के बयान पर रामदास कदम ने एकनाथ शिंदे को मिले राजनीतिक समर्थन की बात छेड़ी। कदम ने कहा कि वे जरांगे पाटील को बताना चाहते हैं कि एकनाथ शिंदे के साथ पहले 40 विधायक थे और अब 65 विधायक उनके पीछे हैं। कदम के मुताबिक जब 65 विधायक शिंदे के साथ मजबूती से खड़े हैं, तो फिक्र किस बात की। कदम ने पूछा कि उन्हें कौन खत्म करेगा, और अगर कोई ऐसी कोशिश करे भी, तो क्या जरांगे राजनीति में नए हैं।
रामदास कदम ने यह आरोप भी लगाया कि कुछ लोग शिवसेना और भाजपा के बीच मतभेद पैदा करना चाहते हैं। उन्होंने साफ कहा कि दोनों पार्टियों में झगड़ा लगाने की कोशिशें कामयाब नहीं होंगी।
कदम ने कहा, "जरांगे पाटील ने कुछ मन में नहीं रखा, इसके लिए मैं उनका आभार मानता हूं। वे खुलकर और साफ बोले हैं। उन्होंने कुछ मन में नहीं रखा, इसलिए ज्यादा स्पष्टता आएगी। शिंदे साहब को भी पता चलेगा कि ये कौन लोग हैं। क्या कुछ लोग शिवसेना और भाजपा में दरार पैदा करना चाहते हैं? जो लोग आंदोलन करने के लिए गठबंधन के सामने उतरे हैं, उन्हें हमारे बीच झगड़ा लगवाना है, लेकिन ऐसा नहीं होगा।"
अब राजनीतिक गलियारों की नजर इस पर है कि जरांगे के उठाए सवाल पर एकनाथ शिंदे क्या प्रतिक्रिया देते हैं।