ऑडियो क्लिप विवाद: प्रतापराव जाधव बोले, क्लिप सामने आने के समय की जांच हो
केंद्रीय राज्यमंत्री प्रतापराव जाधव ने मनोज जरांगे पाटील की ऑडियो क्लिप पर कहा कि विधान परिषद चुनाव से एक दिन पहले डेढ़ साल पुरानी क्लिप निकालने के मकसद की जांच होनी चाहिए।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
महाराष्ट्र की राजनीति में मनोज जरांगे पाटील की ऑडियो क्लिप को लेकर आरोप-प्रत्यारोप थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब केंद्रीय राज्यमंत्री और शिवसेना के नेता प्रतापराव जाधव ने इस मामले पर अपनी बात रखी है। उन्होंने सबसे ज्यादा सवाल इस पर उठाया कि क्लिप आखिर इसी वक्त बाहर क्यों आई।
जाधव की मांग है कि विधान परिषद चुनाव से एक दिन पहले डेढ़ साल पुरानी क्लिप बाहर निकालने के पीछे क्या मकसद था, इसकी जांच होनी चाहिए। उनका कहना है कि इतनी पुरानी क्लिप को ठीक चुनाव के पहले सामने लाना सवाल खड़े करता है।
प्रतापराव जाधव ने मनोज जरांगे के आरोपों की जांच की जरूरत भी बताई। उनके मुताबिक अगर यह दावा किया जा रहा है कि ऑडियो क्लिप में भाजपा के नेताओं के नाम हैं, तो सबसे पहले भाजपा को ही इस मामले की जांच की मांग करनी चाहिए। जाधव ने कहा कि इस मामले की सच्चाई जनता के सामने आनी चाहिए और किसी की भी आवाज दबाई नहीं जानी चाहिए।
एकनाथ शिंदे के नेतृत्व पर बोलते हुए जाधव ने महायुति की सरकार बनने का हवाला दिया। उनका दावा है कि अगर शिंदे ने हिम्मत भरा फैसला नहीं लिया होता, तो भाजपा के लिए महाराष्ट्र में सत्ता हासिल करना मुश्किल हो जाता।
जाधव ने भाजपा के महाराष्ट्र और बिहार में नेतृत्व को लेकर लिए गए फैसलों का भी जिक्र किया। एकनाथ शिंदे को लेकर जो बयान दिए जा रहे हैं, उन पर उन्होंने नाराजगी जताई और कहा कि शिंदे के नेतृत्व को कम आंकने की कोशिश ठीक नहीं है।
मराठा आरक्षण के मुद्दे पर जाधव ने बताया कि मराठा समाज को दस प्रतिशत आरक्षण देने का फैसला एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली सरकार ने लिया था। उन्होंने यह भी कहा कि विदर्भ के कई लोग ओबीसी वर्ग में होने के बावजूद सामाजिक जिम्मेदारी की भावना से जरांगे के आंदोलन के खिलाफ नहीं गए।
इसके अलावा जाधव ने बताया कि शिवसेना के कार्यकर्ताओं में यह भावना है कि एकनाथ शिंदे और सांसद श्रीकांत शिंदे को बदनाम करने की कोशिश हो रही है।
इस पूरे मामले में आरोपों से ज्यादा अहमियत जांच से निकलने वाले नतीजों की रहेगी। क्लिप कितनी सही है, उसका संदर्भ क्या है और उसे सार्वजनिक करने के पीछे हालात क्या थे, इस बारे में आधिकारिक जानकारी सामने आने के बाद ही विवाद की तस्वीर साफ होगी।
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