जरांगे पाटील की ऑडिओ क्लिप में 500 करोड़ का जिक्र, शिंदे ने लेन-देन से किया इनकार
मनोज जरांगे पाटील ने 22 अक्टूबर की प्रेस कॉन्फ्रेंस में ऑडिओ क्लिप सुनाई। एकनाथ शिंदे ने 500 करोड़ के लेन-देन से इनकार किया है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मराठा आरक्षण आंदोलन के नेता मनोज जरांगे पाटील के 500 करोड़ रुपये के लेन-देन को लेकर किए गए आरोपों से महाराष्ट्र की राजनीति में चर्चा शुरू हो गई है। दशहरा मेले में उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे और सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे को लेकर सवाल उठाने के बाद जरांगे ने 22 अक्टूबर को प्रेस कॉन्फ्रेंस की। जरांगे का दावा है कि इसमें उन्होंने अपने आरोपों के समर्थन में सबूत के तौर पर एक ऑडिओ क्लिप सुनाई। लेकिन इस क्लिप की बातचीत की सच्चाई अब तक स्वतंत्र रूप से साबित नहीं हुई है।
दशहरा मेले में बोलते हुए मनोज जरांगे पाटील ने दावा किया था कि मराठा आरक्षण आंदोलन को रोकने के लिए उन्हें 500 करोड़ रुपये दिए गए, ऐसा भाजपा के कुछ नेताओं को बताया गया था। उन्होंने आरोप लगाया कि इस लेन-देन की जानकारी एकनाथ शिंदे ने भाजपा नेतृत्व को दी और पैसे सांसद श्रीकांत शिंदे के जरिए पहुंचे। जरांगे पाटील ने यह भी मांग की है कि इन आरोपों पर एकनाथ शिंदे सफाई दें।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में जरांगे पाटील ने जो ऑडिओ क्लिप सुनाई, उसमें हिंदी बोलती एक महिला की आवाज सुनाई देती है। इस बातचीत में दावा किया गया है कि जरांगे पाटील को श्रीकांत शिंदे के जरिए पहले ही 500 करोड़ रुपये मिल चुके हैं। क्लिप में कहा गया है: "जरांगे पाटील को ऑलरेडी 500 करोड़ रुपये श्रीकांत शिंदे के पास से पहुंच चुके हैं... अब जरांगे पाटील विधानसभा चुनाव में हमारे फायदे का रहेगा या नहीं फायदे का रहेगा, इसमें मेरा मत अलग है, कैल्कुलेशन अलग है... बाकी आप लोग जो सोचते हैं..."
हालांकि क्लिप में सुनाई देने वाले लोगों की पहचान, बातचीत की तारीख और जगह की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। इसलिए क्लिप में किए गए दावों को असल में पैसों का लेन-देन होने का सबूत नहीं माना जा सकता।
जरांगे पाटील के आरोपों के बाद एकनाथ शिंदे ने अपना पक्ष रखा और 500 करोड़ रुपये के लेन-देन का खंडन किया। उन्होंने कहा कि न उन्होंने किसी से पैसे लिए हैं और न किसी को दिए हैं। शिंदे ने यह भी कहा कि गंभीर आरोप लगाने से पहले तथ्यों की जांच कर लेनी चाहिए।
जरांगे पाटील के पुराने साथी अमोल खुणे ने भी यह ऑडिओ क्लिप पत्रकारों को सुनाई थी। उन्होंने जरांगे के आरोपों पर सवाल उठाए हैं और दावा किया है कि क्लिप बनावटी है। इस मामले में जरांगे पर ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाकर कार्रवाई की मांग भी की गई है।
इस तरह एक तरफ जरांगे के आरोप हैं और दूसरी तरफ शिंदे का खंडन। आरोपों की सच्चाई तय करने के लिए ऑडिओ क्लिप की तकनीकी जांच और बातचीत के संदर्भ की पड़ताल अहम होगी।
मनोज जरांगे पाटील मराठा आरक्षण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। इसी वजह से आंदोलन से जुड़े पैसों का यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक बहस का विषय बन गया है। इन आरोपों से आंदोलन, राजनीतिक पार्टियों के आपसी रिश्तों और आने वाले चुनावों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं।
कुल मिलाकर, 500 करोड़ रुपये के आरोप और ऑडिओ क्लिप से राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है, लेकिन इस बातचीत से पैसों का लेन-देन होना अब तक साबित नहीं हुआ है। आगे की जांच, आधिकारिक प्रतिक्रियाओं और परखे हुए सबूतों से ही मामले की असलियत सामने आ सकेगी।
खबर छप चुकी है, लेकिन लाइव थ्रेड अभी शुरू नहीं हुआ। डेस्क कोई अपडेट डालते ही वह यहाँ दिखेगा।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।