चिमूर के खातोडा में खेत पर आराम कर रही महिला किसान पर बाघ का हमला, हाथ में मामूली चोट
चिमूर के खातोडा खेत-खलिहान में रविवार दोपहर धान पर दवा छिड़कने गई साधना जांभूळे पर बाघ ने हमला किया। चिल्लाने पर बाघ जंगल की ओर चला गया।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
चिमूर तहसील के खातोडा के खेतों में रविवार, 25 अक्टूबर को दोपहर करीब 3:30 बजे एक महिला किसान पर बाघ ने हमला कर दिया। महिला की समझदारी से बड़ा हादसा टल गया और वे थोड़े में बच गईं। उनके हाथ में मामूली चोट आई है।
जख्मी महिला का नाम साधना मधुकर जांभुले है। उनकी उम्र 45 साल है और वे खातोडा की रहने वाली हैं। घटना पलसगांव (पि.) नेरी इलाके में तपोभूमि गोंदेडा से लगे खातोडा के खेतों की है।
मिली जानकारी के मुताबिक साधना जांभुले अपने पति के साथ धान की फसल पर दवा छिड़कने खेत गई थीं। पति छिड़काव के काम में लगे थे और वे खेत की मेड़ पर आराम करने के लिए रुकी थीं। इसी दौरान आसपास घात लगाकर बैठा बाघ वहां पहुंच गया। लेटी हुई महिला की हलचल से बाघ ने अपने पंजे से उन्हें पलट दिया।
अचानक हुई इस हरकत से साधना की आंख खुल गई। आंख खोलते ही सामने विशाल बाघ को देखकर वे बुरी तरह डर गईं। फिर भी वे घबराई नहीं और पूरी हिम्मत से जोर-जोर से चिल्लाने लगीं। पत्नी की आवाज सुनकर पति भी फौरन दौड़कर आ गए। दोनों के एक साथ चिल्लाने से बाघ डर गया और वहां से जंगल की ओर भाग गया।
इस छीना-झपटी में बाघ के पंजे के नाखून लगने से साधना जांभुले के हाथ में मामूली चोट आई है। घटना की खबर मिलते ही वन विभाग के नेरी क्षेत्र सहायक अधिकारी तोंडासे, वनरक्षक आलणे और वनरक्षक संभाजी वडझे फौरन मौके पर पहुंचे और पंचनामा बनाया।
जख्मी महिला को तुरंत इलाज के लिए चिमूर के उप-जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल वहां उनका इलाज चल रहा है।
इस घटना से खातोडा और आसपास के इलाके के किसानों में काफी डर का माहौल है। किसानों में दहशत फैल गई है। इलाके के लोगों की जोरदार मांग है कि वन विभाग इस परिसर में बाघ की हलचल पर तुरंत नजर रखे और किसानों की सुरक्षा के लिए जरूरी उपाय फौरन करे।
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