सोम‌वार, 19 अक्टूबर 2026

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21:44 IST

गोकुल दूध संघ चुनाव: सतेज पाटील की आघाड़ी को 13, महायुती को 12 सीटें

कोल्हापुर की राजनीति में अहम माने जाने वाले गोकुल दूध संघ के चुनाव में सतेज बंटी पाटील के नेतृत्व वाली आघाड़ी ने 13 सीटें जीतीं, महायुती को 12 सीटें मिलीं।

गोकुल दूध संघ चुनाव: सतेज पाटील की आघाड़ी को 13, महायुती को 12 सीटें तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं

कोल्हापुर की राजनीति में गोकुल दूध संघ का चुनाव काफी अहम माना जाता है। इस बार का चुनाव खूब जमा। सतेज बंटी पाटील की अगुवाई वाली राजर्षी शाहू शेतकरी समविचारी आघाड़ी और महायुती के बीच सीधा मुकाबला था। जानकारी दी गई है कि समविचारी आघाड़ी ने 13 सीटें जीतीं, जबकि महायुती के हिस्से में 12 सीटें आईं। कुल 25 सीटों पर यह लड़ाई थी और गोकुल की सत्ता के संघर्ष में दोनों तरफ से कड़ी टक्कर देखने को मिली।

इस चुनाव पर पूरे राज्य की नज़र थी। कोल्हापुर जिले के बड़े राजनीतिक नेताओं ने इसके लिए जोरदार मोर्चाबंदी की थी, इसलिए नतीजे में कौन बाज़ी मारेगा, इसकी उत्सुकता बनी हुई थी। अब समविचारी आघाड़ी के 13 सीटें हासिल करने का दावा सामने आया है और सतेज पाटील गुट के प्रदर्शन की चर्चा शुरू हो गई है।

सीटों का हिसाब यह है: राजर्षी शाहू शेतकरी समविचारी आघाड़ी, यानी सतेज पाटील गुट को 13 सीटें और महायुती को 12 सीटें। कुल सीटें 25 हैं।

सामान्य वर्ग में सतेज पाटील गुट से अभिजित प्रभाकर तायशेटे, शशिकांत आनंदराव पाटील चुयेक, किसन बापूसो चौगले, बाबासाहेब श्रीपती चौगले, राहुल बजरंग देसाई, विद्याधर बाबुराव गुरबे, बाबासाहेब विष्णू देवकर और विश्वजीत दिनकरराव जाधव जीते। इसी वर्ग में महायुती की ओर से राहुल पांडुरंग पाटील, चेतन अरुण नरक, अजित शशिकांत नरके, अंबरीषसिंह संजय घाटगे, विरेंद्र संजय मंडलिक, मदन बाबुराव देसाई, राजेश नरसिंगराव पाटील, रणजितसिंह दिलीपराव पाटील, रणजितसिंह कृष्णराव पाटील, अजित पांडुरंग पाटील, कर्णसिंह गायकवाड और अमर पाटील (कोडोली) विजयी रहे।

महिला आरक्षित वर्ग की दोनों सीटें सतेज पाटील गुट को मिलीं। यहाँ अंजना केदारी रेडेकर और भाग्यश्री धीरज डोंगळे जीतीं। अन्य पिछड़ा वर्ग से शशिकांत शामराव खोत, अनुसूचित जाति वर्ग से राजू बाबा आवळे और घुमंतू-विमुक्त जनजाति वर्ग से बयाजी शेळके भी सतेज पाटील गुट की तरफ से जीते।

गोकुल दूध संघ का चुनाव सिर्फ एक सहकारी संस्था तक सीमित नहीं माना जाता, कोल्हापुर की राजनीति में भी इसकी अहमियत है। इसीलिए नतीजे के राजनीतिक मायने निकाले जा रहे हैं। समविचारी आघाड़ी को 13 सीटें मिलने की जानकारी आने के बाद माना जा रहा है कि सतेज पाटील के समर्थकों में उत्साह है।

दूसरी तरफ महायुती ने भी 12 सीटें जीतीं, जिससे साफ है कि मुकाबला बेहद कांटे का रहा। सिर्फ एक सीट के फर्क की वजह से अब सबकी नज़र गोकुल के राजनीतिक समीकरणों पर टिकी है।

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