वाशिम: सूची में नाम और KYC के बाद भी तीन किसानों को कर्जमाफी नहीं, कलेक्टर से लगाई गुहार
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रिसोड तालुका के दापुरी और केशवनगर के तीन किसानों ने कलेक्टर को निवेदन सौंपा है कि पहली लाभार्थी सूची में नाम और KYC पूरी होने के बाद भी स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मसला पेन शाखा से उन्हें कर्जमाफी का लाभ नहीं मिला।
वाशिम जिले के रिसोड तालुका के तीन किसानों का कहना है कि कर्जमाफी की सूची में नाम आने और KYC पूरी करने के बाद भी उन्हें अब तक फायदा नहीं मिला। ये किसान दापुरी और केशवनगर के हैं। उनके नाम हैं ज्ञानेश्वर सरनाईक, शामसुंदर खोटे और गजानन लोखंडे। सोमवार को तीनों ने कलेक्टर को निवेदन सौंपा और जल्द से जल्द न्याय देने की मांग की।
निवेदन के मुताबिक तीनों किसानों के नाम पुण्यश्लोक अहिल्यादेवी होळकर किसान कर्जमुक्ति योजना की पहली लाभार्थी सूची में आ चुके हैं। ज्ञानेश्वर सरनाईक ने 27 जुलाई को KYC की प्रक्रिया पूरी की थी। गजानन लोखंडे ने 28 जुलाई को और शामसुंदर खोटे ने 29 जुलाई को। इसके बावजूद स्टेट बैंक ऑफ इंडिया की मसला पेन शाखा से उन्हें कर्जमाफी का लाभ अब तक नहीं दिया गया है।
किसानों ने बताया कि वे कई बार मसला पेन की स्टेट बैंक शाखा के मैनेजर से मिले और पूछा कि कर्जमाफी अब तक क्यों नहीं हुई। निवेदन में यह भी लिखा गया है कि बैंक की तरफ से उन्हें कलेक्टर से पूछने की सलाह दी गई।
किसानों पर आर्थिक और मानसिक बोझ
किसानों का कहना है कि कम बारिश की वजह से खेतों में फसल का पहले ही नुकसान हो चुका है और वे आर्थिक संकट में हैं। ऐसे में सरकार से कर्जमाफी मंजूर होने के बाद भी असली फायदा न मिलने से नया फसल कर्ज लेने का रास्ता भी बंद हो गया है। उनके मुताबिक योजना में पात्र होने के बावजूद बैंक के स्तर पर लाभ अटका हुआ है और इससे उन्हें आर्थिक और मानसिक परेशानी झेलनी पड़ रही है।
इसलिए तीनों किसानों ने कलेक्टर से मांग की है कि संबंधित बैंक को तुरंत जरूरी आदेश दिए जाएं। उनकी मांग है कि दूसरे पात्र किसानों की तरह उनकी भी कर्जमाफी मंजूर की जाए और बाकी लाभ फौरन उनके खातों में जमा किया जाए।
हर किसान को एक लाख की मदद की मांग
इसी बीच अतिवृष्टि और फसल के नुकसान से परेशान किसानों के लिए सरकार ने 5 हजार रुपये की मदद घोषित की है। शिवसेना ठाकरे गुट का कहना है कि यह रकम बहुत कम है और मदद अधूरी है। पार्टी की मुख्य मांग है कि सभी किसानों को बिना किसी शर्त के एक लाख रुपये की आर्थिक मदद दी जाए। इसी मांग को लेकर पार्टी आक्रामक हो गई है।
शिवसेना जिला प्रमुख बालाजी वानखेडे ने बताया कि आने वाले शुक्रवार को सुबह 11 बजे मगरुळपीर तालुका के वनोजा शेलु बाजार में समुद्री महामार्ग पर रास्ता रोको आंदोलन किया जाएगा। उनके मुताबिक यह आंदोलन पश्चिम विदर्भ के पांचों जिलों का है, इसलिए ऐतिहासिक रहेगा।
वानखेडे के अनुसार यह आंदोलन शिवसेना पार्टी प्रमुख उद्धव ठाकरे के आदेश पर हो रहा है। पश्चिम विदर्भ के संपर्क नेता सांसद अरविंद सावंत और वाशिम यवतमाळ लोकसभा संपर्क प्रमुख दिलीप जाधव के मार्गदर्शन में और उपनेता विधायक नितीन बापू देशमुख की अगुवाई में यह आंदोलन होगा। इसमें सरकार की ओर से 5 हजार रुपये की कम मदद घोषित करने का विरोध किया जाएगा और हर किसान को एक लाख रुपये देने की मांग रखी जाएगी।
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