नांदेड के बोरगाव में किसान शंकर क्षीरसागर ने दशहरे की पूर्वसंध्या पर जान दी, वीडियो में कर्जमाफी की गुहार
अल्पभूधारक किसान ने जान देने से पहले वीडियो बनाकर कलेक्टर और प्रशासन से जांच की मांग की थी। जिलाधिकारी राहुल कर्डिले ने गहरी जांच के आदेश दिए हैं।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
नांदेड जिले के बोरगाव के अल्पभूधारक किसान शंकर आबनराव क्षीरसागर ने दशहरे की पूर्वसंध्या, यानी 19 अक्टूबर को अपनी जान दे दी। जान देने से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो डाला था। इस वीडियो में उन्होंने कलेक्टर और प्रशासन से गुहार लगाई थी। वीडियो में उनकी तकलीफ साफ दिखती है और कर्जमाफी को लेकर उन्होंने सवाल उठाए हैं। इस घटना पर विपक्ष की तीखी प्रतिक्रियाएं भी आ रही हैं।
वीडियो में क्षीरसागर ने कहा कि वे कलेक्टर ऑफिस से विनती करते हैं, क्योंकि उनके हिसाब से तीन कर्जमाफियां हो चुकी हैं। उन्होंने कहा कि सरकार कहती है कर्जमाफी हो गई है, लेकिन अर्जी देने के बाद भी कुछ नहीं हुआ। उनकी मांग थी कि कलेक्टर ऑफिस उनके मामले की जांच करे। उन्होंने यह भी बताया कि उनकी बेटी मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। वे किसान के तौर पर आत्महत्या कर रहे हैं, इसलिए उनकी विनती को गंभीरता से लिया जाए। अपने बाल-बच्चों की कसम देकर उन्होंने कहा कि जांच जरूर की जाए।
आंखों में आंसू लिए क्षीरसागर ने वीडियो में कहा, "कलेक्टर साहब, मैं विनती करता हूं कि कर्जमाफी होनी ही चाहिए। सरकार ने तीन बार कर्जमाफी घोषित की, पर एक भी कर्जमाफी की योजना में मेरा नाम नहीं आया। इसलिए निराश होकर मैं आज आत्महत्या कर रहा हूं।"
कर्ज और खेती के नुकसान के साथ-साथ बच्चों की पढ़ाई का भी उन पर बहुत बोझ था। उनकी बेटी पुणे में मेडिकल की पढ़ाई कर रही है। सरकार ने विद्यार्थियों की शिक्षा फीस माफ करने की बड़ी घोषणाएं की हैं, फिर भी कई बार अर्जी देने के बावजूद उनकी बेटी की फीस माफ नहीं हुई।
क्षीरसागर के पास डेढ़ एकड़ खेती थी। इसमें उन्होंने बड़ी उम्मीद से सोयाबीन की फसल लगाई थी। लेकिन इस साल बारिश लंबे समय तक नहीं हुई और सूखे जैसे हालात बन गए। इससे उनकी पूरी फसल जलकर खराब हो गई।
वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला तो रिश्तेदार और पुलिस फौरन खेत की तरफ दौड़े। लेकिन उनके पहुंचने से पहले ही क्षीरसागर अपने खेत में जान दे चुके थे।
बताया गया है कि उनका नाम सरकार के ऑनलाइन डेटाबेस में दिख रहा था और आने वाली कर्जमाफी की सूची में उनके शामिल होने की संभावना थी। इस बेहद दर्दनाक घटना के बाद नांदेड के जिलाधिकारी राहुल कर्डिले ने मामले की गहरी जांच के आदेश दिए हैं।