गुरूवार, 29 अक्टूबर 2026

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एक्सप्रेसवे पर 120 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पर चालान न भेजने के निर्देश: गडकरी

एक्सप्रेसवे पर 120 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पर चालान न भेजने के निर्देश: गडकरी तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि एक्सप्रेसवे पर 120 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पर स्पीडिंग चालान न भेजे जाएं, और उससे 20 प्रतिशत ऊपर तक भी छोड़ दिया जाए।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने कहा है कि एक्सप्रेसवे पर 120 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार से चलने वाली गाड़ियों को स्पीडिंग के चालान नहीं भेजे जाने चाहिए। उन्होंने बताया कि इस बारे में उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दे दिए हैं। स्पीडिंग चालान को लेकर उठ रही शिकायतों पर बोलते हुए उन्होंने यह बात कही। गडकरी के मुताबिक जो वाहन इस रफ्तार से 20 प्रतिशत तक ऊपर निकलें, उन्हें भी छोड़ दिया जाए और जुर्माना इससे ज्यादा रफ्तार पर ही लगे।

कॉन्फेडरेशन ऑफ इंडियन इंडस्ट्री (CII) के एक कार्यक्रम में, जो भारत के हाईवे के भविष्य पर था, गडकरी ने कहा कि इस निर्देश का मकसद एक्सप्रेसवे पर चलने वाले ड्राइवरों को गैरजरूरी नोटिस से राहत देना है। उन्होंने दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे का उदाहरण दिया, जहां स्पीड लिमिट अभी 100 से 120 किमी प्रति घंटे के बीच है।

मंत्री ने कहा, "कुछ लोगों को सड़क पर रफ्तार की वजह से नोटिस मिल रहे हैं। मैंने निर्देश दिया है कि 120 किमी प्रति घंटे तक की रफ्तार पर कोई नोटिस न भेजा जाए। और 120 के ऊपर भी अगर कोई 20 प्रतिशत तक ज्यादा चलाए, तो उसे जाने दो। इससे आगे कोई जाए तो चालान काटो।"

इस 20 प्रतिशत की छूट का मतलब यह निकलता है कि 120 किमी प्रति घंटे वाले हिस्से पर करीब 144 किमी प्रति घंटे तक चालान नहीं बनेगा। हालांकि गडकरी की ये बातें एक्सप्रेसवे पर कार्रवाई के संदर्भ में थीं, पोस्ट की गई स्पीड लिमिट में किसी औपचारिक बदलाव के तौर पर नहीं।

केंद्रीय मंत्री ने उद्योग जगत से यह भी कहा कि वह AI पर आधारित एडवांस्ड ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (ATMS) को शुरू करने में साथ दे। ऐसा सिस्टम लेन अनुशासन तोड़ने वालों को पकड़ने में अधिकारियों की मदद कर सकता है और देश के बढ़ते हाईवे नेटवर्क पर कार्रवाई को मजबूत बना सकता है।

E20 ईंधन पर गडकरी की सफाई

गडकरी ने E20 पेट्रोल की आलोचना का भी जवाब दिया। उन्होंने इसके खिलाफ हुए विरोध को "पेड प्रोपेगैंडा" बताया। उनके मुताबिक 2022 से अब तक 4 करोड़ कारें और 20 करोड़ दोपहिया वाहन E20 पर चल रहे हैं। उन्होंने इस दावे पर सवाल उठाया कि इस मिश्रण से गाड़ियों को बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ।

गडकरी ने CII के कार्यक्रम में कहा, "2022 से 4 करोड़ कारें और 20 करोड़ दोपहिया वाहन E20 ईंधन पर चल रहे हैं। तीन महीने पहले इथेनॉल को लेकर बहुत हल्ला (halla) मचा था। अब सब शांत हो गया है। E20 2022 से इस्तेमाल हो रहा है, क्या अब तक किसी की गाड़ी खराब हुई? यह पूरी तरह पेड प्रोपेगैंडा था।"

उनका यह बयान ऐसे वक्त आया जब एक दिन पहले सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्रालय ने केंद्रीय मोटर वाहन नियम, 1989 में संशोधन किया। इस संशोधन के बाद फ्लेक्स-फ्यूल वाहन 100 प्रतिशत तक इथेनॉल वाले ईंधन, यानी E100, पर चल सकेंगे।

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