सूखा प्रभावित किसानों को दिवाली से पहले 5,000 रुपये, 4 नवंबर से पहले खाते में आएगी रकम
कृषिमंत्री दत्तात्रय भरणे ने बताया कि सूखाग्रस्त तालुकों के किसानों के खाते में 5,000 रुपये की अग्रिम मदद 4 नवंबर से पहले जमा होगी।
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इस साल बारिश ने धोखा दिया, जिससे राज्य के हजारों गांवों में खेती संकट में आ गई है। खरीफ सीजन के नुकसान से किसानों की चिंता बढ़ गई है। ऐसे में दिवाली से ठीक पहले राज्य सरकार ने सूखाग्रस्त किसानों को आर्थिक सहारा देने का फैसला किया है।
हर पात्र किसान के खाते में 5,000 रुपये की अग्रिम मदद सीधे जमा की जाएगी। कृषिमंत्री दत्तात्रय भरणे ने बताया है कि यह रकम 4 नवंबर से पहले मिल जाएगी। खास बात यह है कि इस मदद के लिए झंझट वाली ई-केवायसी प्रक्रिया नहीं करनी पड़ेगी, इसलिए किसानों को राहत मिलने की उम्मीद है।
राज्य में इस बार उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं हुई। कई जिलों में सूखे जैसे हालात बन गए हैं। बारिश की कमी की मार खेती पर पड़ी है और किसान आर्थिक मुश्किल में है। यह देखते हुए राज्य सरकार ने दिवाली से पहले हर सूखाग्रस्त किसान को 5,000 रुपये की अग्रिम मदद देने का फैसला लिया। केंद्र सरकार से मदद आने का इंतजार किए बिना राज्य सरकार ने खुद यह फैसला किया है।
रकम कब मिलेगी, इसे लेकर किसानों में उत्सुकता थी। भरणे ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि 4 नवंबर से पहले यह रकम किसानों के खाते में जमा हो जाएगी। इससे दिवाली के दौरान किसानों को आर्थिक मदद मिलने का रास्ता साफ हो गया है।
कृषिमंत्री की दी जानकारी के मुताबिक राज्य के सूखाग्रस्त तालुकों के करीब 92 लाख किसानों को इस फैसले का फायदा मिलेगा। किसानों के एग्रीस्टैक नंबर के आधार पर उनके बैंक खाते में 5,000 रुपये जमा किए जाएंगे।
इस प्रक्रिया में समय खाने वाली और पेचीदा ई-केवायसी की जरूरत नहीं होगी। इसलिए कागजी कार्रवाई की वजह से मदद में देरी होने की आशंका कम होगी। सूखाग्रस्त इलाकों में पंचनामे करते समय संबंधित किसानों का एग्रीस्टैक नंबर और बैंक खाते की जानकारी पहले ही जमा कर ली गई है। मदद सीधे खाते में डालने के लिए इसी जानकारी का इस्तेमाल होगा।
राज्य सरकार की 5,000 रुपये की अग्रिम मदद के बाद बाकी नुकसान भरपाई केंद्र सरकार से फंड मिलने पर बांटी जाएगी। भरणे ने साफ किया कि केंद्र के आपदा निवारण फंड से मदद मिलने के बाद आगे की भरपाई किसानों तक पहुंचाई जाएगी।
इस बीच राज्य सरकार ने फिलहाल हर विभाग के फंड में 20 फीसदी की कटौती की है। इस कटौती से जो पैसा बचेगा, वह सूखाग्रस्तों को मदद देने और सूखा राहत के उपायों में लगाया जाएगा। पानी की कमी, खेती के नुकसान और गांवों की दिक्कतों को देखते हुए यह फंड अहम होगा।
राज्य के हालात को देखते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने शुरू में 265 तालुकों में सूखा घोषित किया था। इसके बाद सूखाग्रस्त तालुकों की गिनती बढ़ाई गई। अब राज्य के कुल 305 तालुकों में सूखा घोषित है।
इन इलाकों के पात्र किसानों को दिवाली से पहले 5,000 रुपये की अग्रिम मदद देने की सरकार की योजना है। फिलहाल इन इलाकों में नुकसान के पंचनामे चल रहे हैं। खेती के नुकसान की जानकारी जमा करने के साथ गांवों की बुनियादी जरूरतों पर भी ध्यान दिया जा रहा है।
सूखे से सिर्फ फसलों का नुकसान नहीं होता, गांवों में पीने के पानी और जानवरों के चारे-पानी का सवाल भी गंभीर हो जाता है। इसलिए सरकार इन समस्याओं पर भी उपाय कर रही है। सूखाग्रस्त इलाकों के लोगों को पीने का पानी मुहैया कराने और जानवरों के चारे-पानी का इंतजाम करने पर जोर दिया जा रहा है।
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