मुंबई के निर्माण स्थलों की मशीनों में प्रदूषण शून्य, आवाज़ फाउंडेशन ने उठाए सवाल
आवाज फाउंडेशन ने बांद्रा और खार के निर्माण स्थलों पर लगी हवा गुणवत्ता मशीनों के आँकड़ों में भारी फर्क पाया है।
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
मुंबई शहर में सैकड़ों जगह निर्माण कार्य चल रहा है और वहां धूल और प्रदूषण हवा में फैल रहा है। इसके बावजूद इन जगहों पर लगी हवा गुणवत्ता बताने वाली मशीनों पर प्रदूषण का स्तर 'शून्य' या सिर्फ 'एक अंकी' दिखाया जा रहा है। यह चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बांद्रा और खार इलाके के निर्माण स्थलों पर लगी इन मशीनों की सटीकता पर 'आवाज फाउंडेशन' ने सीधे सवाल खड़ा किया है।
फाउंडेशन की प्रमुख सुमायरा अब्दुलअली ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस और नगर निगम आयुक्त अश्विनी भिडे को चिट्ठी लिखी है। उन्होंने जोरदार मांग की है कि ऐसी शक की नजर से देखी जा रही मशीनों की पूरी तकनीकी जांच और प्रमाणीकरण होने तक उनके आंकड़े नगर निगम के आधिकारिक रिकॉर्ड में शामिल न किए जाएं।
आवाज फाउंडेशन ने मार्च से मई और सितंबर से अक्टूबर 2026 के बीच बांद्रा और खार के निर्माण स्थलों पर लगी मशीनों की जांच की। इसके लिए 38 दिनों में 230 बार इन मशीनों की तस्वीरें ली गईं। फिर 23 मार्च से 5 मई के बीच 26 दिन इन मशीनों की रीडिंग की तुलना केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल के 'समीर' ऐप पर मौजूद खेरवाडी और बीकेसी के आधिकारिक हवा गुणवत्ता केंद्रों के आंकड़ों से की गई।
इस तुलना में आधिकारिक केंद्रों और निर्माण स्थलों की मशीनों की रीडिंग में बहुत बड़ा फर्क निकला। लगातार आठ दिन खेरवाडी या बीकेसी के केंद्रों पर 'पीएम 10' की रीडिंग प्रति घनमीटर 100 माइक्रोग्राम से ज्यादा थी। उसी वक्त पास में चल रहे असली निर्माण स्थलों पर ऐसा दिखाया जा रहा था जैसे प्रदूषण है ही नहीं।
पाली हिल में नरगिस दत्त रोड पर एक चालू निर्माण स्थल है। वहां 13 और 24 अप्रैल को खतरनाक सूक्ष्म कण 'पीएम 2.5' की रीडिंग सीधे 'शून्य' दिखाई गई। 24 अप्रैल को 'पीएम 10' की रीडिंग भी शून्य थी। खास बात यह है कि 13 अप्रैल को इसी मशीन पर 'पीएम 10' का स्तर 34 था, फिर भी 'पीएम 2.5' शून्य दर्ज हुआ। चालू निर्माण के बीच ऐसी शून्य रीडिंग आना लगभग नामुमकिन है, इसलिए शक गहरा गया है कि ये मशीनें खराब हैं, इनमें छेड़छाड़ हुई है या ये गुमराह करने वाली हैं।
जांचे गए 26 दिनों में से पूरे 16 दिन कम से कम एक मशीन पर 'पीएम 2.5' की रीडिंग प्रति घनमीटर 10 माइक्रोग्राम से कम दिखाई गई। 29 और 31 मार्च को छह में से पांच मशीनों पर 'पीएम 2.5' शून्य से नौ के बीच था। 3 अप्रैल को खेरवाडी में 'पीएम 10' 91 और बीकेसी में 133 था, लेकिन निर्माण स्थलों की मशीनें ऐसा माहौल बना रही थीं कि हवा की हालत बढ़िया है।
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