गोकुल दूध संघ पर राज ठाकरे ने भाजपा से पूछा, सरकार के 5 संचालक क्यों नियुक्त किए
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना अध्यक्ष राज ठाकरे ने सोशल मीडिया पोस्ट में भाजपा की लोकतंत्र वाली भूमिका पर सवाल उठाए हैं।
महाराष्ट्र के गोकुल दूध संघ में सत्ता की खींचतान को लेकर राजनीति गरमा गई है। अब इस विवाद में महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे भी कूद पड़े हैं। उन्होंने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट शेयर की है और भारतीय जनता पार्टी की लोकतंत्र को लेकर भूमिका पर सवाल उठाए हैं। राज ठाकरे ने सत्ताधारी पार्टी की दोहरी नीति की आलोचना भी की है।
अपनी पोस्ट में राज ठाकरे ने भाजपा को "अजब पार्टी" कहा है। उनका कहना है कि जो पार्टी नीचे से ऊपर तक सत्ता में है, वही लोकतंत्र बचाने के लिए मोर्चे निकाल रही है, यह तस्वीर अजीब है। राज ठाकरे के मुताबिक दुनिया में यह अकेला उदाहरण होगा, जहां सत्ताधारी पार्टी विपक्ष के खिलाफ लोकतंत्र बचाने के नाम पर मोर्चा निकालती है।
गोकुल के मामले पर राज ठाकरे ने सीधा सवाल पूछा है। उन्होंने लिखा कि अगर लोकतंत्र की इज्जत रखने की सच में इतनी इच्छा है, तो गोकुल में भाजपा पैनल के 12 उम्मीदवारों के मुकाबले सतेज पाटील पैनल के 13 लोग जीतकर आए, उसके तुरंत बाद सरकार ने, यानी भाजपा ने अपने ही 5 संचालक क्यों नियुक्त किए? राज ठाकरे ने पूछा कि इन संचालकों को वोट देने का अधिकार देकर भाजपा आखिर क्या साबित करना चाहती है। उन्होंने यह भी कहा कि बाकी लोग बैलेट से वोटिंग वाले और लोकतांत्रिक तरीके से चुनाव लड़कर जीतकर आए थे।
राज ठाकरे ने आगे कहा कि अगर भाजपा को सच में लोकतंत्र की परवाह या फिक्र होती, तो ऐसा काम नहीं किया जाता। उनका आरोप है कि गोकुल में सत्ता हाथ नहीं आई, तो भाजपा ने फौरन अपने सारे उसूल एक तरफ रख दिए और अब कहती है कि लोकतंत्र बचाओ और मोर्चे निकालती है। उन्होंने तंज करते हुए कहा कि महाराष्ट्र में पानी का भीषण सूखा है और भाजपा में समझदारी का भीषण सूखा है, ये दोनों एक साथ कैसे आ गए, इसी बात पर उन्हें हैरानी होती है।
राज ठाकरे ने यह भी कहा कि सत्ता में रहते हुए ये लोग लोकतंत्र बचाने के मोर्चे निकालेंगे और खुद लोकतंत्र का गला घोंटेंगे। उनके शब्दों में, इनके राज में आतंकी हमले हुए और कानून व्यवस्था बिगड़ी, तो ये आतंकवाद से देश बचाओ के लिए मोर्चे निकालेंगे। देश की अर्थव्यवस्था गड्ढे में चली गई है, तो अब अर्थव्यवस्था बचाओ के लिए भी मोर्चे निकालेंगे।
पोस्ट के आखिर में राज ठाकरे ने भाजपा से कहा कि वह रोने वाला खेल, यानी हार पर रोने का खेल खेलना बंद करे। उन्होंने कहा कि जिस भी रास्ते से भाजपा ने बहुमत हासिल किया, उसे सारे विपक्षी दलों ने 12 साल तक सहा। अब देश की जनता विपक्ष की तरफ झुकने लगी है, तो भाजपा को भी सहना सीखना चाहिए।
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