राज ठाकरे को मुख्यमंत्री बनते देखना चाहते हैं अमित ठाकरे, गणपति से मांगी दुआ
मनसे अध्यक्ष राज ठाकरे के बेटे अमित ठाकरे ने पुणे दौरे पर कहा कि वो चाहते हैं उनके पिता महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनें, साथ ही सूखा समीक्षा बैठक में सांसदों को काजू बदाम दिए जाने पर भी सरकार को घेरा।
महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के अध्यक्ष राज ठाकरे की राजनीतिक भूमिकाओं की चर्चा तो चलती ही रहती है, लेकिन अब उनके बेटे अमित ठाकरे का एक बयान भी सुर्खियों में आ गया है। पुणे दौरे पर गए अमित ठाकरे ने बताया कि उन्होंने गणपति बप्पा से क्या दुआ मांगी है। अमित ठाकरे ने साफ कहा कि उनकी इच्छा है कि राज ठाकरे महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बनें।
अमित ठाकरे ने अपने पिता के काम का हवाला देते हुए उनकी नेतृत्व क्षमता पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा, "राज ठाकरे जैसा आदमी मुख्यमंत्री पद पर होना चाहिए। मुझे पता है वो आदमी क्या काम कर सकता है। उन्होंने नाशिक शहर में बहुत काम किया है। अगर वो नाशिक शहर में इतना काम कर सकते हैं, तो पूरे राज्य के लिए भी बहुत कुछ कर सकते हैं।"
राज्य में इस वक्त कई सवाल खड़े हैं, ऐसा कहते हुए अमित ठाकरे ने पेपर लीक होने की घटनाएं, किसानों की आत्महत्याएं और रेलवे में सफर करने वाले यात्रियों की सुरक्षा का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने भरोसा जताया कि राज ठाकरे इन सब सवालों पर काम कर सकते हैं। उनका ये बयान इस वक्त राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बना हुआ है।
इससे पहले भी अमित ठाकरे चर्चा में आ चुके हैं। पुणे के एक सरकारी तंत्रनिकेतन कॉलेज में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो को लेकर विवाद हुआ था। कॉलेज के दफ्तर में छत्रपति शिवाजी महाराज की फोटो के बगल में लगी मोदी की फोटो हटाए जाने की घटना के बाद पुलिस ने अमित ठाकरे और कुछ मनसे कार्यकर्ताओं के खिलाफ केस दर्ज किया था।
राज्य में बारिश की कमी की वजह से कई इलाकों के किसान परेशानी में हैं। इसी पृष्ठभूमि में सूखा समीक्षा बैठक में सांसदों को काजू बदाम परोसे जाने के मुद्दे पर भी अमित ठाकरे ने सरकार पर तंज कसा।
अमित ठाकरे ने कहा, "हमारी ये राय नहीं है कि आप खाना खाना बंद कर दें। आपको जो खाना है खाइए। लेकिन जनता के सवालों को हल कीजिए। कमरे में बैठकर आपको किसानों के सवाल समझ नहीं आएंगे। किसानों के घर जाइए।"
इस तरह एक तरफ अमित ठाकरे राज ठाकरे के मुख्यमंत्री बनने की इच्छा जता रहे हैं, तो दूसरी तरफ किसानों के मुद्दे पर सरकार से सीधे सवाल भी पूछ रहे हैं। इन दोनों बयानों की वजह से उनके पुणे दौरे की राजनीतिक चर्चा गरम हो गई है।