सुरक्षा जांच के नाम पर महिला मजदूरों से अश्लीलता!
महिला मजदूरों का गंभीर आरोप, पूर्व पार्षद पुरुषोत्तम हजारे ने उठाया मामला
नागपुर.
युवा मजदूर की मौत के मामले को लेकर चर्चा में आई वाठोडा की सुस्बीड कंपनी पर महिला मजदूरों को लेकर गंभीर आरोप सामने आया है. आरोप है कि कंपनी में प्रवेश और बाहर निकलते समय सुरक्षा जांच के नाम पर महिला कर्मचारियों के साथ पुरुष सुरक्षा कर्मियों द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है. पूर्व पार्षद पुरुषोत्तम हजारे ने महिला मजदूरों से बातचीत के बाद इस गंभीर मामले का खुलासा किया है. हजारे के मुताबिक, कंपनी में बड़ी संख्या में महिलाएं काम करती हैं। नियमानुसार कंपनी में प्रवेश और बाहर निकलते समय कर्मचारियों की सुरक्षा जांच की जाती है, लेकिन महिला मजदूरों की जांच पुरुष सुरक्षा कर्मियों द्वारा किए जाने का आरोप है. इसी जांच के नाम पर महिलाओं के साथ कथित तौर पर अभद्र व्यवहार किया जाता है. हैरानी की बात यह है कि इतनी बड़ी संख्या में महिला कर्मचारियों के काम करने के बावजूद कंपनी प्रबंधन ने महिला सुरक्षा कर्मियों की तैनाती नहीं की है.
10 मिनट में भोजन करने का फरमान
हजारे ने कंपनी प्रबंधन पर मजदूरों के शोषण का आरोप लगाते हुए बताया कि पहले कर्मचारियों को भोजन के लिए आधे घंटे का समय दिया जाता था, लेकिन अब कथित तौर पर इसे घटाकर महज 10 मिनट कर दिया गया है। मजदूरों को इसी सीमित समय में भोजन करके तत्काल काम पर लौटने का दबाव बनाया जाता है. पूर्व पार्षद ने यह भी आरोप लगाया कि मजदूरों को मिलने वाली न्यूनतम मजदूरी में भी कटौती की गई है. महिला कर्मचारियों के साथ कथित अभद्र व्यवहार, भोजन के समय में कटौती और वेतन संबंधी शिकायतों ने कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं. हजारे ने चेतावनी दी है कि यदि मजदूरों की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया तो वे आंदोलन और हड़ताल का रास्ता अपनाएंगे.अब इस पूरे मामले में पुलिस और संबंधित श्रम विभाग की भूमिका महत्वपूर्ण होगी. महिला मजदूरों के आरोपों की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर कार्रवाई होती है या नहीं, इस पर सभी की नजरें टिकी हैं. इस संबंध में वाठोड़ा पुलिस ने बताया कि उनके पास कोई शिकायत नहीं आई है. यदि शिकायत आती है तो वह कार्रवाई करेगी.
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