शुक्रवार, 6 नवंबर 2026

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भंडारा के लाखांदूर में दिवाली के दिन खेत में बाघ का हमला, पांच साल के मोक्ष की मौत

भंडारा के लाखांदूर में दिवाली के दिन खेत में बाघ का हमला, पांच साल के मोक्ष की मौत तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
शहर PT24 टीम

दिवाली के दिन दोनाड गांव के खेत में माता-पिता के सामने बाघ ने बच्चे पर झपट्टा मारा। गांव में डर है और लोग बाघ के बंदोबस्त की मांग कर रहे हैं।

भंडारा जिले की लाखांदूर तहसील के दोनाड गांव में दिवाली के दिन एक बाघ ने पांच साल के मासूम मोक्ष बुरडे की जान ले ली। जिस वक्त पूरा इलाका त्योहार की खुशियां मना रहा था, उसी वक्त खेत में हुए इस हमले ने एक परिवार का घर उजाड़ दिया। बाघ बच्चे को उसके माता-पिता की आंखों के सामने पकड़कर करीब 200 मीटर तक घसीट ले गया।

मिली जानकारी के मुताबिक दोनाड के किसान सचिन दयाराम बुरडे, उम्र 45 साल, गुरुवार 5 नवंबर को अपनी पत्नी सोनाली के साथ खेत गए थे। बारिश के मौसम वाले धान की कटाई निपट चुकी थी और अब खेत में धान की ढेरियां लगाने और गट्ठे बांधने का काम चल रहा था। दिवाली की वजह से स्कूल की छुट्टी थी, इसलिए उनकी 10 साल की बेटी नक्षत्र और पांच साल का बेटा मोक्ष दोपहर करीब 3 बजे माता-पिता के पास खेत पहुंच गए।

खेत में पहले से छिपकर बैठा बाघ अचानक निकला और मोक्ष पर टूट पड़ा। किसी को कुछ सोचने-समझने का मौका ही नहीं मिला। बाघ ने बच्चे को जबड़े में दबा लिया और खींचते हुए करीब 200 मीटर दूर ले गया।

बेटे पर बाघ को झपटते देख सचिन जोर-जोर से चीखने और मदद मांगने लगे। आवाज सुनकर आसपास के खेतों में काम कर रहे किसान भागते हुए आए। मगर तब तक बाघ मोक्ष को बुरी तरह घायल कर चुका था। थोड़ी दूरी पर बच्चे की लाश मिली। बाघ ने उसे गर्दन से पकड़ा था, जिससे उसे गहरी चोटें आई थीं। जिस दिन घर में दीये जलने थे, उसी दिन बुरडे परिवार पर दुख का पहाड़ टूट पड़ा। पूरे गांव में मातम छाया हुआ है।

हादसे की खबर मिलते ही लाखांदूर वन परिक्षेत्र दफ्तर की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस पाटील भारती रामलाल नागोसे और सरपंच शिवदास बुरडे के सामने पंचनामा बनाया गया। इसके बाद मोक्ष की लाश को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

इस वारदात के बाद दोनाड और आसपास के गांवों में दहशत है। खेतों में काम करने जाने वाले किसानों और उनके घरवालों को अपनी जान का डर सता रहा है, और जंगली जानवरों के हमलों का मसला एक बार फिर उठ खड़ा हुआ है। गांव वालों की मांग है कि इस बाघ का फौरन इंतजाम किया जाए, लोगों की हिफाजत के लिए पक्के उपाय हों और सरकार बुरडे परिवार को अच्छी-खासी आर्थिक मदद दे।

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