संजय राऊत का मोदी से सवाल: पवार साहब की पार्टी क्यों तोड़ी, पवार इंडिया गठबंधन के स्तंभ
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शिवसेना ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत ने कहा कि अगर सब मिलकर देश संभालेंगे तो पार्टियां क्यों तोड़ी गईं। उन्होंने शरद पवार को इंडिया गठबंधन का मजबूत स्तंभ बताया।
शिवसेना ठाकरे गुट के सांसद संजय राऊत ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर निशाना साधते हुए सवाल उठाया है। राऊत ने कहा कि शरद पवार और उनकी पार्टी को लेकर जो खबरें चलाई जा रही हैं कि प्रधानमंत्री मोदी का फोन आया और वे यह-वह बोले, उन पर उनका सवाल है। उनके मुताबिक अगर "हम सब मिलकर देश संभालेंगे" वाली बात है, तो फिर हमारी पार्टियां क्यों तोड़ी गईं? पवार साहब की पार्टी क्यों तोड़ी गई? शिवसेना क्यों तोड़ी गई?
राऊत ने कहा कि पवार साहब इंडिया गठबंधन के मजबूत स्तंभ हैं और वैसे ही बने रहेंगे। उन्होंने कहा कि पवार की विचारधारा पक्की है। वे प्रगतिशील शाहू, फुले, आंबेडकर की विचारधारा पर चलते हैं और उसमें कहीं कोई गड़बड़ नहीं होगी।
राऊत के मुताबिक कल वे पवार से मिलने गए थे। पवार की तबीयत ऐसी नहीं है कि वे ज्यादा बातचीत करें, उनका इलाज चल रहा है। राऊत ने कहा कि जो खबरें आ रही हैं, वह उनका अंदरूनी मामला है। राऊत ने यह भी कहा कि अजित पवार का गुट छोड़कर गया है, वहां उन्हें मान-सम्मान नहीं मिलता और कोई उन्हें पूछता नहीं।
राऊत ने कहा कि इस बार इनके जाल में छोटी-बड़ी कोई मछली नहीं फंस रही। उनका कहना था कि बिल पास कराने के लिए सत्ताधारी पार्टी को देश में 36 और सांसद चाहिए। सुनील तटकरे के बारे में राऊत ने कहा कि वे जहां हैं, वहां उनका कुछ ठीक नहीं चल रहा। हसन मुश्रीफ हों या प्रफुल पटेल, राऊत के अनुसार उन पर चल रहे केस खत्म हो गए। उन्होंने कहा कि पार्थ पवार नेता हैं और अब इन लोगों को पार्थ पवार के साथ काम करना पड़ेगा। राऊत ने कहा कि पार्थ पवार शायद उन्हें साथ न लें, फिर भी वे अपने ढंग से पार्टी को आगे ले जा रहे हैं। पार्टी उनकी है और उसे अपने तरीके से चलाने का उन्हें अधिकार है। राऊत के मुताबिक उनकी कोशिश युवा नेतृत्व को आगे लाने की होगी।
राऊत ने कहा कि पवार साहब पूरे वक्त राजनीति में हैं। कल जयंत पाटील और बालासाहेब थोरात भी वहां थे। अदाणी भी थे और राऊत खुद भी थे। तब पवार को एक किताब चाहिए थी। राऊत ने बताया कि वे उन्हें किताब के प्रकाशन समारोह में बुलाने वाले थे। राऊत के मुताबिक पवार ने कहा कि किताब पढ़कर जल्दी पता चल जाएगा।
बातचीत में राऊत ने अश्विनी भिडे की चिट्ठी का भी जिक्र किया। भिडे ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखा है। राऊत के मुताबिक उसमें लिखा है कि मुंबई के कुछ बिल्डर किस तरह गैरकानूनी ढंग से प्रोजेक्ट हासिल कर रहे हैं। उन्होंने नाम भी लिखे हैं। राऊत ने कहा कि सब कुछ मुख्यमंत्री के नाम पर चल रहा है। संजय राऊत ने कहा कि आयुक्त का बेचैन होकर ऐसा पत्र लिखना बहुत गंभीर बात है।
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