तीन दिन में दूसरी बार बैठी एनसीपी की कोर कमेटी, सियासी अटकलों के बीच हुई बैठक
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
एनसीपी की कोर कमेटी बुधवार को फिर बैठी। रविवार को दिल्ली में अमित शाह से मुलाकात के बाद पार्टी में अंदरूनी मतभेद की अटकलें चल रही हैं।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) की कोर कमेटी की बैठक बुधवार को हुई। तीन दिन के भीतर यह दूसरी बैठक थी। दिल्ली में पार्टी के वरिष्ठ नेताओं की केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात हुई थी और उसके बाद से पार्टी के अंदर मतभेद की अटकलें चल रही हैं। उस मुलाकात में न पार्टी अध्यक्ष और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार शामिल थीं, न उनके बेटे।
एनसीपी के एक वरिष्ठ नेता ने पुष्टि की कि कोर कमेटी की बैठक सुबह हुई, लेकिन उन्होंने एजेंडा बताने से मना कर दिया। उस नेता ने कहा, "सार्वजनिक तौर पर बताने जैसा कुछ नहीं है।" सूत्रों के मुताबिक सुनेत्रा पवार बैठक में मौजूद थीं।
ताज़ा बैठक से पहले पार्टी में बातचीत का एक सिलसिला चला है। रविवार को दिल्ली में छह वरिष्ठ नेता अमित शाह से मिले थे। सोमवार को कोर कमेटी की बैठक मुंबई में हुई। मंगलवार की रात पार्टी के विधायक दक्षिण मुंबई में सुनेत्रा पवार के सरकारी निवास देवगिरी पर जमा हुए।
लगातार हो रही इन बैठकों की वजह से पार्टी के अंदरूनी कामकाज को लेकर चर्चा तेज़ है। साथ ही शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी (एसपी) से पार्टी के रिश्तों के भविष्य पर भी अटकलें लग रही हैं। एनसीपी के नेताओं ने उन खबरों को खारिज किया है कि सुनेत्रा पवार और उनके बेटों को किनारे किया जा रहा है। एनसीपी (एसपी) में विलय की अटकलों से भी उन्होंने इनकार किया है।
दिल्ली में रविवार को अमित शाह से मिलने वाले प्रतिनिधिमंडल में प्रफुल्ल पटेल, सुनील तटकरे, दिलीप वलसे पाटील, हसन मुश्रीफ, छगन भुजबल और धनंजय मुंडे शामिल थे। सुनेत्रा पवार और उनके बेटे पार्थ पवार (राज्यसभा सदस्य) और जय पवार इस मुलाकात में नहीं थे। इस गैरमौजूदगी से राजनीतिक गलियारों में अटकलें शुरू हुईं।
बाद में एनसीपी ने अंदरूनी खींचतान की खबरों को खारिज कर दिया। पार्टी के एक नेता ने कहा कि बातचीत का मकसद एनसीपी और महायुति गठबंधन के बाकी घटक दलों के बीच तालमेल बेहतर करना था। महाराष्ट्र की सत्ताधारी महायुति में भाजपा, एनसीपी और एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली शिवसेना शामिल हैं।
मंगलवार को सुनेत्रा पवार ने देवगिरी पर पार्टी के विधायकों से मुलाकात की। वहां उन्होंने भरोसा जताया कि 2029 के चुनाव में एनसीपी ज़्यादा सीटें जीतेगी। करीब 50 विधायक इस बैठक में आए, जिनमें मंत्री भी थे। उनके बेटे पार्थ और जय भी मौजूद थे।
मुंबई एनसीपी के अध्यक्ष जीशान सिद्दीकी ने बाद में कहा कि बैठक में आए विधायकों, मंत्रियों और पदाधिकारियों ने सुनेत्रा पवार के नेतृत्व के लिए एकमत से समर्थन जताया। यह बैठक ऐसे वक्त हुई जब पार्टी के संगठन के कामकाज और नेतृत्व को लेकर मतभेद की खबरें चल रही थीं।
एनसीपी ने शरद पवार की अगुवाई वाली एनसीपी (एसपी) में विलय की खबरों को भी खारिज किया है। दोनों गुट तब बने जब जुलाई 2023 में अजित पवार ने एनसीपी में टूट करवाई और एकनाथ शिंदे की अगुवाई वाली महायुति सरकार में शामिल हो गए। उस वक्त उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाया गया था। नवंबर 2024 के विधानसभा चुनाव के बाद देवेंद्र फडणवीस मुख्यमंत्री बने, तब भी अजित पवार इसी पद पर बने रहे।
जनवरी 2026 में एक विमान हादसे में अजित पवार की मौत हो गई। इसके बाद सुनेत्रा पवार ने एनसीपी अध्यक्ष की कमान संभाली और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री बनीं। तब से पार्टी नेतृत्व और संगठन की दिशा को लेकर चल रही अटकलों के बीच एकजुटता बनाए रखने की कोशिश कर रही है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सुनेत्रा पवार के नेतृत्व में एनसीपी एकजुट है।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।