शनिवार, 7 नवंबर 2026

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आदिवासी किसानों को फार्मर आईडी, फसल निरीक्षण भी ऑनलाइन: बावनकुळे ने बताए दो फैसले

आदिवासी किसानों को फार्मर आईडी, फसल निरीक्षण भी ऑनलाइन: बावनकुळे ने बताए दो फैसले तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 राजनीति डेस्क

राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने किसानों के लिए दो फैसलों का ऐलान किया। उनके मुताबिक इनसे 2 लाख 60 हजार किसानों को फायदा होगा।

महाराष्ट्र सरकार ने किसानों के लिए आज दो फैसले लिए हैं। पहला फैसला आदिवासी किसानों को फार्मर आईडी देने का है और दूसरा फसल निरीक्षण यानी फसल की जांच ऑनलाइन करने का। राज्य के राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने मीडिया के सामने इसकी घोषणा की। खबर के मुताबिक इन दोनों फैसलों से राज्य के 2 लाख 60 हजार किसानों को फायदा होगा, जिनमें 1 लाख 60 हजार आदिवासी किसान शामिल हैं।

आदिवासी समाज के लोग जमीन जोतते आ रहे हैं, लेकिन पट्टे पर उनका नाम नहीं है और वे दूसरी योजनाओं में भी शामिल नहीं हैं। राज्य के अलग अलग हिस्सों में अलग अलग वजहों से उन्हें फार्मर आईडी नहीं मिल पाए हैं। इसके लिए कोई एसओपी भी नहीं थी। अब ऐसे आदिवासियों को राज्य सरकार फार्मर आईडी देगी।

शर्त यह है कि आदिवासी किसान 1 जनवरी 2015 से पहले का कोई एक भी सबूत दे दें, तो उन्हें फार्मर आईडी मिल जाएगा। अगर कोई आदिवासी किसान 1 जनवरी 2015 से पहले किसी भी तरह की जमीन जोत रहा था, तो उसे हाथ से लिखा रिकॉर्ड दिया जाएगा। बावनकुले ने कहा कि जमीन सरकारी भी हो, तब भी जिन लोगों का उस पर हक बनता है, उन सबको फार्मर आईडी मिलेगा। दिवाली के मौके पर राजस्व विभाग ने 1 लाख 60 हजार आदिवासी किसानों को यह राहत दी है।

दूसरा फैसला फसल निरीक्षण को लेकर है। अब फसल की जांच ऑनलाइन की जाएगी। बावनकुले ने बताया कि इससे एक लाख से ज्यादा किसानों की अटकी हुई फसल की जांच अब आसान हो जाएगी।

कर्जत में पेड़ काटे जा रहे हैं और अभिनेता सयाजी शिंदे ने इसके खिलाफ आंदोलन शुरू किया है। इस पर भी बावनकुले ने अपनी बात रखी। उनका कहना था कि राज्य में हाइड्रो प्रोजेक्ट वरदान होते हैं और उनकी वजह से आज सस्ती बिजली मिलती है। उन्होंने कहा कि हाइड्रो प्रोजेक्ट से पर्यावरण का नुकसान कभी नहीं होता। बावनकुले ने कहा कि सयाजी शिंदे क्या कहना चाहते हैं, यह सरकार सुनेगी और कुल जितने पेड़ लगाने होंगे, उसके लिए जमीन भी देगी। उनके मुताबिक पेड़ काटना ठीक नहीं है, लेकिन हाइड्रो प्रोजेक्ट का वापस चले जाना भी ठीक नहीं है। उन्होंने दावा किया कि इससे किसानों को दिन में बिजली मिलेगी और राहत होगी।

कांग्रेस की नेता सोनिया गांधी का एक अखबार में इंटरव्यू छपा है। बावनकुले ने इस पर भी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि सोनिया गांधी ने क्या कहा, यह उन्हें नहीं पता। लेकिन जिस कांग्रेस पार्टी ने देश पर आपातकाल थोपा, उसे अभिव्यक्ति की आजादी और मौलिक अधिकारों पर नहीं बोलना चाहिए। बावनकुले ने कहा कि सोनिया गांधी पहले अपनी पार्टी का इतिहास देख लें।

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