शनिवार, 7 नवंबर 2026

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खरीफ की फसल का पंजीकरण अब ई-फेरफार से, राजस्व मंत्री बावनकुले ने पटवारी स्तर पर जांच के निर्देश दिए

खरीफ की फसल का पंजीकरण अब ई-फेरफार से, राजस्व मंत्री बावनकुले ने पटवारी स्तर पर जांच के निर्देश दिए तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 राजनीति डेस्क

तकनीकी और भौगोलिक दिक्कत वाली जगहों पर खरीफ का पीक निरीक्षण ई-फेरफार से होगा। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुले ने विभाग को निर्देश दिए।

राज्य सरकार ने फैसला किया है कि जिन जगहों पर तकनीकी और भौगोलिक दिक्कतों की वजह से खरीफ का ऑनलाइन फसल पंजीकरण नहीं हो पाता, वहां अब 'ई-फेरफार' के जरिए फसल सर्वे किया जाएगा। राजस्व मंत्री चंद्रशेखर बावनकुळे ने राजस्व विभाग को इस बारे में निर्देश दिए हैं। इस फैसले से राज्य के करीब 70 लाख किसानों को राहत मिली है।

खबर के मुताबिक दुर्गम इलाकों के अलावा दूसरी जगहों पर भी भौगोलिक और तकनीकी वजहों से ऑनलाइन फसल सर्वे में बड़ी दिक्कत आती है। ऐसी जगहों पर ऑनलाइन पंजीकरण हो ही नहीं पाता। अब वहां ई-फेरफार प्रणाली से सर्वे होगा, ताकि कोई एंट्री अटकी न रहे। फसल पंजीकरण रुका न रहे, इसलिए सर्वे पटवारी स्तर पर किया जाएगा।

बावनकुळे ने कहा कि उनकी सरकार ने आज बहुत अहम फैसला लिया है। उनके मुताबिक कई आदिवासी जमीन जोत रहे हैं, लेकिन पट्टे पर उनका नाम नहीं है और वे दूसरी योजनाओं में भी शामिल नहीं हैं। राज्य के अलग-अलग हिस्सों में अलग-अलग वजहों से फार्मर आईडी नहीं बन पाई है। राजस्व विभाग के पास ऐसे लोगों के लिए कोई एसओपी नहीं था। अब 1 जनवरी 2015 से पहले का एक भी सबूत या अधिकार हो, तो उसे फार्मर आईडी देने का फैसला हुआ है। बावनकुळे ने कहा कि दीपावली के मौके पर सरकार ने 1 लाख 60 हजार किसानों को यह गिफ्ट दिया है।

उन्होंने बताया कि 1 जनवरी 2015 से पहले किसान किसी भी तरह की जमीन जोत रहा हो, उसका हस्तलिखित रिकॉर्ड बनाया जा रहा है। जमीन सरकारी भी हो, तब भी जो किसान कहता है कि यह मेरा अधिकार है, ऐसे सभी को फार्मर आईडी मिलेगी। फसल सर्वे के लिए ऑफलाइन सर्वे का फैसला लिया गया है। बावनकुळे के मुताबिक 1 लाख से ज्यादा किसानों का अटका हुआ फसल सर्वे अब आसान हो जाएगा।

दिवाली को लेकर बावनकुळे ने कहा कि राज्य के सभी मंत्रियों ने अपने-अपने इलाके में किसान के घर दिवाली मनाने का निश्चय किया है। उन्होंने बताया कि वे लोहारी सांगवा गांव में रात रुकने जा रहे हैं। कई साल से अटका एक प्रोजेक्ट कल बड़े स्तर पर शुरू करके भेंट के तौर पर दिया जाएगा। उनके अनुसार मुख्यमंत्री भी किसान के घर रुकेंगे, इसलिए किसानों की दिवाली मीठी होगी।

बावनकुळे ने यह भी कहा कि मुख्यमंत्री सहायता निधि कक्ष अब तहसील स्तर पर रहेगा। पहले मरीजों को जिला स्तर तक बहुत चक्कर काटने पड़ते थे, इसलिए तहसील स्तर पर यह होना अच्छा है। जलगांव के जामनेर की जमीन सरकार को मिले और उनकी जमीन रेलवे को, इस मांग से दिवाली पर बड़ी राहत मिली। बावनकुळे के मुताबिक गिरीश महाजन और उनकी पत्नी की मांग सरकार ने पूरी कर दी है।

अभिनेता सयाजी शिंदे के आंदोलन पर बावनकुळे ने कहा कि राज्य में हायड्रो प्रोजेक्ट वरदान होता है और इससे आज सस्ती बिजली मिलती है। उनका कहना है कि हायड्रो प्रोजेक्ट से पर्यावरण का नुकसान कभी नहीं होता। सयाजी शिंदे का जो कहना है, उसके हिसाब से कुल कितने पेड़ लगाने हैं, उसके लिए सरकार जमीन देगी। बावनकुळे ने कहा कि पेड़ काटना ठीक नहीं, लेकिन हायड्रो प्रोजेक्ट का वापस चले जाना भी ठीक नहीं। उनके मुताबिक इससे किसानों को दिन में बिजली मिलेगी और राहत होगी।

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