गट क संयुक्त पूर्व परीक्षा 2026 में 16,717 पद, राधा समिति की सिफारिशें मंजूर
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महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग की गट क सेवा संयुक्त पूर्व परीक्षा-2026 अब 16,717 पदों के लिए होगी। भाजपा विधायक विक्रम पाचपुते ने मुख्यमंत्री फडणवीस का आभार माना।
महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग (MPSC) की "महाराष्ट्र गट-क सेवा संयुक्त पूर्व परीक्षा-2026" का इंतजार कर रहे लाखों उम्मीदवारों के लिए बड़ी खबर आई है। राज्य सरकार ने इस परीक्षा के पदों की संख्या में रिकॉर्ड बढ़ोतरी की है और अब यह परीक्षा पूरे 16,717 पदों के लिए होगी। इस बारे में आयोग की वेबसाइट पर आधिकारिक शुद्धिपत्र जारी कर दिया गया है।
पदों में यह अभूतपूर्व बढ़ोतरी दो आधार पर की गई है। एक तो भर्ती प्रक्रिया को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए राज्य सरकार ने जो उच्चस्तरीय समिति बनाई थी, उसकी सिफारिशें हैं। दूसरे, अलग-अलग विभागों से अतिरिक्त मांगपत्र आए थे, उन्हें भी जोड़ा गया है।
इस फैसले पर भाजपा विधायक विक्रम पाचपुते ने प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वे MPSC के सभी विद्यार्थियों की ओर से मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस का खास तौर पर शुक्रिया अदा करते हैं। उनके मुताबिक दिवाली के मौके पर मुख्यमंत्री ने सबको इतनी अच्छी खबर दी है। पाचपुते ने बताया कि वी. राधा समिति ने जो-जो सिफारिशें की थीं, वे सब MPSC यानी महाराष्ट्र लोकसेवा आयोग ने मान ली हैं। आज जो परिपत्र आया है, उसके हिसाब से 16,717 पद गट क की आने वाली परीक्षा में ही शामिल होंगे।
पाचपुते ने यह भी याद दिलाया कि जब उनका शिष्टमंडल मुख्यमंत्री से मिलने गया था, तब उन्होंने मांग रखी थी कि पदों और उम्मीदवारों का अनुपात कम से कम 1:100 होना चाहिए। उनका कहना था कि कुछ हजार पद निकलते हैं और परीक्षा में बैठने वाले विद्यार्थी लाखों में होते हैं। इसलिए इन विद्यार्थियों के साथ कहीं न कहीं न्याय होना चाहिए। अगर यह अनुपात 1:100 के भीतर आ जाए तो बहुत अच्छा होगा।
अब 16,717 पदों की वजह से यह अनुपात यकीनन कम से कम रहेगा, और इसका फायदा बहुत से विद्यार्थियों को मिलेगा, ऐसा पाचपुते ने कहा। उन्होंने बताया कि बीच के दौर की जो प्रक्रिया बची रह गई थी, उसे देखते हुए कम से कम एक साल की उम्र सीमा बढ़ाकर कुछ ढील देने की मांग भी की गई थी। वह मांग भी मान ली गई है। साथ ही यह परीक्षा ऑफलाइन होगी।
पाचपुते ने एक बार फिर "देवाभाऊ" का खास शुक्रिया अदा किया। उनके शब्दों में, पहले यह देखने को मिलता था कि किसानों के सवाल सुने जाते थे और माताओं-बहनों के सवालों को भी न्याय मिलता था। अब देवाभाऊ के जरिए युवाओं के सवालों को भी न्याय दिया गया है, ऐसा कहने में कोई हर्ज नहीं। उन्होंने यह भी कहा कि आज इस बात का भरोसा हो गया कि वी. राधा समिति की जो भी सिफारिशें आएंगी, लोकसेवा आयोग उन्हें जरूर मानेगा।
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