एनसीपी के छह वरिष्ठ नेताओं की अमित शाह से मुलाकात, पार्टी ने मतभेद की खबरों से किया इनकार
तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
दिल्ली में हुई मुलाकात में सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार शामिल नहीं थे। एनसीपी के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता उमेश पाटिल ने कहा कि बैठक पहले से तय थी और पार्टी एकजुट है।
राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एनसीपी) के छह वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को दिल्ली में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की। यह मुलाकात ऐसे वक्त हुई, जब पार्टी के भीतर महाराष्ट्र में वित्त मंत्रालय एनसीपी को वापस दिलाने की मांग पर चर्चा चल रही है।
शिष्टमंडल में धनंजय मुंडे, सुनील तटकरे, प्रफुल्ल पटेल, हसन मुश्रीफ, छगन भुजबल और दिलीप वलसे पाटिल शामिल थे। महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री और एनसीपी की अध्यक्ष सुनेत्रा पवार और सांसद पार्थ पवार इस प्रतिनिधिमंडल में नहीं थे। इसी वजह से पार्टी के नेतृत्व को लेकर कयास लगने लगे।
एनसीपी ने इन खबरों को खारिज किया है कि यह मुलाकात नेतृत्व को किनारे करके की गई। पार्टी ने ऐसे दावों को भ्रामक बताया और कहा कि इनसे अंदरूनी मतभेद का माहौल बनाने की कोशिश हो रही है।
पार्टी के मुख्य राष्ट्रीय प्रवक्ता उमेश पाटिल के मुताबिक यह बैठक पहले से तय थी और सुनेत्रा पवार की जानकारी में हुई। अपने बयान में पाटिल ने कहा कि अजित पवार के निधन के बाद पार्टी के सामने जो मुद्दे खड़े हुए, उन पर चर्चा के लिए सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार इससे पहले खुद शाह से मिल चुके हैं।
पाटिल ने बताया कि उसी मुलाकात में सुनेत्रा पवार ने शाह को खुद बताया था कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं का एक शिष्टमंडल उनसे मिलने आएगा। उन्होंने इसके लिए वक्त देने की गुजारिश भी की थी। पाटिल ने कहा कि इन वरिष्ठ नेताओं को अजित पवार के कार्यकाल के कई अहम मुद्दों, राज्य के हित के सवालों और पार्टी से जुड़ी बातों की गहरी जानकारी है।
पाटिल ने बताया कि मुलाकात में नेताओं ने अपने-अपने चुनाव क्षेत्रों के सवाल रखे। महायुति में शामिल सहयोगी दलों के नेताओं के बीच जैसी अनौपचारिक बातचीत होती है, वैसी बातचीत और विचारों का आदान-प्रदान भी हुआ। उनके मुताबिक यह सहयोगी दलों के वरिष्ठ नेताओं की औपचारिक मुलाकात थी और इसे अंदरूनी कलह का संकेत नहीं समझना चाहिए।
सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार को अलग रखे जाने की खबरों को पाटिल ने "पूरी तरह गलत, तथ्यहीन और भ्रामक" कहा। उनके शब्दों में, "एनसीपी महायुति का अहम घटक है और हमारी पार्टी राष्ट्रीय अध्यक्ष सुनेत्रा पवार के मजबूत नेतृत्व में एकजुट होकर और पूरे तालमेल से काम कर रही है।"
पाटिल ने आरोप लगाया, "ऐसा लगता है कि कुछ अदृश्य ताकतें ऐसी खबरें फैलाकर यह नकली कहानी गढ़ने की कोशिश कर रही हैं कि एनसीपी में अंदरूनी मतभेद हैं और नेतृत्व में तालमेल नहीं है। यह सिर्फ जानबूझकर की गई शरारत है।" उन्होंने मीडिया से भी कहा, "खबर छापने से पहले तथ्यों की पुष्टि करें। सिर्फ कयासों के आधार पर पार्टी के भीतर संघर्ष की तस्वीर पेश करना ठीक नहीं है। सहयोगी दलों के नेताओं की औपचारिक मुलाकात का राजनीतिकरण न करें। फैलाई गई खबरों और असल तथ्यों का फर्क समझिए!"
पार्टी अजित पवार के निधन के बाद से वित्त मंत्रालय वापस मांग रही है। सोमवार के शिष्टमंडल में सुनेत्रा पवार और पार्थ पवार की गैरमौजूदगी से यह सवाल उठा था कि क्या चर्चा पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के बिना हो रही है। सोमवार को शाम 4 बजे मुंबई में अजित पवार के निवास देवगिरी पर एनसीपी की कोर कमेटी की बैठक होनी है।
इससे पहले शुक्रवार को सुनेत्रा पवार ने पार्टी में अंदरूनी मतभेद की खबरों को खारिज किया था। उन्होंने कहा था कि नेताओं के बीच कोई दरार नहीं है और चुनावी हार पर आत्मचिंतन की जरूरत है। उनके शब्द थे, "हमारे बीच कोई दरार नहीं थी। चुनाव होता है तो जीत-हार होती है। हार हो तो आत्मचिंतन की जरूरत होती है। हम जरूर आत्मचिंतन करेंगे।"
उनका यह बयान महाराष्ट्र विधान परिषद चुनाव में एनसीपी को झटका लगने के कुछ दिन बाद आया। छत्रपति संभाजीनगर स्नातक चुनाव क्षेत्र में पार्टी के उम्मीदवार और तीन बार के sitting एमएलसी सतीश चव्हाण एनसीपी (शरदचंद्र पवार) के प्रतापसिंह पाटिल से हार गए।
कमेंट
अभी कोई कमेंट नहीं। पहले आप लिखिए।