दोनों राष्ट्रवादी के विलय की चर्चा पर गोगावले बोले, यह उनका अंदरूनी फैसला है
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शिवसेना शिंदे गुट के नेता भरत गोगावले ने कहा कि दोनों राष्ट्रवादी गुट साथ आएं या नहीं, यह फैसला वरिष्ठ नेताओं का है।
दोनों राष्ट्रवादी गुटों के विलय की चर्चा पर शिवसेना शिंदे गुट की पहली प्रतिक्रिया आ गई है। शिंदे गुट के नेता भरत गोगावले ने कहा कि राष्ट्रवादी के दोनों गुट एक होंगे या नहीं, यह उनका अंदरूनी मामला है।
गोगावले ने कहा, "राष्ट्रवादी के दोनों गुटों को साथ आना है या नहीं, यह उनका अंदरूनी फैसला है। शरद पवार, सुनेत्रा पवार और वरिष्ठ नेताओं को ही एकीकरण का फैसला लेना चाहिए। अजितदादा के रहते क्या हुआ, यह उन्हें ही पता है, हम इस पर कुछ नहीं बोलेंगे। राष्ट्रवादी के एकीकरण पर हमें कुछ नहीं कहना है, अंतिम फैसला वरिष्ठों को ही लेना चाहिए।"
पिछले कुछ दिनों से राज्य की राजनीति में हलचल तेज है। कुछ दिन पहले राष्ट्रवादी अजित पवार गुट का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह से मिला था। इस प्रतिनिधिमंडल में राष्ट्रवादी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता छगन भुजबल, सुनील तटकरे और धनंजय मुंडे के साथ कुछ और नेता भी थे। उस वक्त ऐसी खबरें आई थीं कि इन नेताओं ने पार्टी नेतृत्व को लेकर अमित शाह के सामने नाराजगी जताई।
इसके बाद राष्ट्रवादी शरद पवार गुट के अध्यक्ष शरद पवार को अस्पताल में भर्ती कराया गया। राष्ट्रवादी अजित पवार गुट के नेता प्रफुल्ल पटेल ने उनसे मिलकर उनकी तबीयत का हालचाल पूछा।
प्रफुल्ल पटेल की शरद पवार से इस मुलाकात के बाद दोनों राष्ट्रवादी के विलय की चर्चा को फिर हवा मिल गई है। इसी बीच राष्ट्रवादी अजित पवार गुट के प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे ने बड़ा खुलासा किया। तटकरे ने कहा है कि अगर अजित पवार होते, तो 12 फरवरी को ही विलय हो गया होता।
तटकरे ने विलय पर बोलते हुए यह भी कहा कि फिलहाल दोनों राष्ट्रवादी के विलय की कोई चर्चा नहीं है। लेकिन उनके मुताबिक, अगर अजित पवार होते तो बारह फरवरी को ही विलय हो जाता। तटकरे के इसी बयान पर शिवसेना शिंदे गुट की तरफ से गोगावले की यह पहली प्रतिक्रिया सामने आई है।
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