बुधवार, 4 नवंबर 2026

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कथित अंदरूनी तनाव के बीच सुनेत्रा पवार ने देवगिरी पर बुलाई NCP कोर कमेटी की बैठक

कथित अंदरूनी तनाव के बीच सुनेत्रा पवार ने देवगिरी पर बुलाई NCP कोर कमेटी की बैठक तस्वीरें सत्यापित नहीं हैं
सियासत PT24 राजनीति डेस्क

सुनेत्रा पवार ने बुधवार को देवगिरी पर NCP कोर कमेटी की बैठक बुलाई है। वरिष्ठ नेताओं और युवा सदस्यों के बीच कथित तनाव की चर्चा है, जबकि पार्टी ने किसी मतभेद से इनकार किया है।

नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी (NCP) की प्रमुख और महाराष्ट्र की उपमुख्यमंत्री सुनेत्रा पवार ने बुधवार को अपने सरकारी निवास देवगिरी पर पार्टी की कोर कमेटी की अर्जेंट बैठक बुलाई है। बताया जा रहा है कि पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और युवा सदस्यों के बीच तनाव चल रहा है, और यह बैठक उसी माहौल में हो रही है।

इससे पहले सोमवार को कोर कमेटी की पहली बैठक हुई थी। उससे एक दिन पहले, यानी रविवार को, NCP के कुछ वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिला था। बताया गया है कि इन नेताओं ने NCP सांसद पार्थ पवार के कथित एकतरफा कामकाज पर चिंता जताई और कहा कि अहम फैसलों से उन्हें बाहर रखा जाता है।

मंगलवार को पार्टी के विधायकों और मंत्रियों ने भी अंदरूनी मतभेदों पर फिक्र जताई थी। उनका कहना था कि एकजुटता की कमी से संगठन कमजोर हो रहा है और जमीनी कार्यकर्ता नेतृत्व की दिशा को लेकर उलझन में हैं।

सूत्रों के मुताबिक बुधवार की बैठक में सूखा प्रभावित इलाकों में मंत्रियों, विधायकों और सांसदों के दौरे पर बात होने की उम्मीद है। पार्टी का संगठन मजबूत करने का कार्यक्रम फिर से सक्रिय करने के कदमों पर भी चर्चा होगी।

मंगलवार की बैठक सुनेत्रा पवार के सरकारी निवास पर हुई थी। बताया गया है कि उसमें राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष प्रफुल्ल पटेल, प्रदेश अध्यक्ष सुनील तटकरे, वरिष्ठ नेता छगन भुजबल और दिलीप वळसे पाटील के साथ 20 से ज्यादा विधायक मौजूद थे। तटकरे ने विधायकों से कहा कि वे सूखा प्रभावित इलाकों में जाएं, किसानों की शिकायतें समझें और सरकारी मदद दिलाने की कोशिश करें।

बताया गया है कि मंत्री मकरंद पाटील और विधायक अनिल भाईदास पाटील व संग्राम जगताप ने वरिष्ठ नेताओं के आपसी मतभेदों पर सवाल उठाए। उनका कहना था कि एकजुटता दिखाई नहीं देगी तो पार्टी कमजोर होती जाएगी। अनिल भाईदास पाटील ने वित्त विभाग वापस लेने की कोशिश करने की भी मांग की। यह विभाग उपमुख्यमंत्री रहे अजित पवार के निधन से पहले NCP के पास था और रिपोर्ट के मुताबिक अभी बीजेपी के पास है।

कई विधायकों ने सत्ताधारी महायुति के सहयोगी दलों को लेकर भी शिकायत की। बताया गया है कि सुनील शेळके समेत ज्यादातर विधायकों ने कहा कि उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के अधीन विभागों में उनके विधानसभा क्षेत्रों के प्रस्ताव न प्रोसेस हो रहे हैं, न मंजूर। मकरंद पाटील ने बीजेपी पर दबदबे का आरोप लगाया और कहा कि पार्टी ने अपने सहयोगियों को कमजोर किया है। उन्होंने सातारा जिला परिषद चुनाव का हवाला देते हुए दावा किया कि बीजेपी ने NCP और शिवसेना को दरकिनार किया था। उनके मुताबिक इसी वजह से हाल ही में हुए सातारा जिला मध्यवर्ती सहकारी बैंक के चुनाव में दोनों पार्टियां बीजेपी के खिलाफ साथ आईं।

विधायक सरोज अहिरे ने आरोप लगाया कि सिंहस्थ कुंभ मेले से जुड़े प्रोजेक्ट्स की जानकारी बीजेपी और नाशिक जिला प्रशासन उन्हें नहीं देते। विधायक हिरमन खोसकर ने चेताया कि फंड का बंटवारा बराबर नहीं हुआ तो 2029 के विधानसभा चुनाव में NCP की संभावनाओं पर असर पड़ सकता है। बताया गया है कि वरिष्ठ नेताओं ने खुलकर बात रखने को कहा था, तो विधायकों ने मौजूदा अंदरूनी टकराव पर पार्टी नेतृत्व से सवाल किए।

सोमवार की कोर कमेटी बैठक में वरिष्ठ नेताओं ने शाह से हुई अपनी बातचीत की जानकारी सुनेत्रा पवार को दी। बताया गया कि प्रतिनिधिमंडल ने कहा कि बीजेपी नेतृत्व NCP के संगठन की हालत से चिंतित है और उसने सुधार के कदम उठाने को कहा है। सूत्रों के मुताबिक सामूहिक नेतृत्व की कमी भी चर्चा के अहम मुद्दों में थी। बैठक की जानकारी रखने वाले पार्टी के एक नेता ने कहा, "पार्टी में सामूहिक नेतृत्व की कमी का मुद्दा उठा, लेकिन उन्हें बताया गया कि NCP नेताओं को पार्टी का कामकाज सुचारू रखना होगा।" सूत्र के मुताबिक इन नेताओं से यह भी कहा गया कि NCP संगठन की दिक्कतों का नुकसान सिर्फ उन्हें नहीं है, महायुति में होने की वजह से पूरे सत्ताधारी गठबंधन पर असर पड़ रहा है, और ये मसले हल नहीं हुए तो गठबंधन को मुश्किल होगी।

NCP ने हालांकि इस बात से इनकार किया कि शाह से मुलाकात किसी अंदरूनी मतभेद का नतीजा थी। राष्ट्रीय प्रवक्ता उमेश पाटील ने कहा कि सुनेत्रा पवार ने पहले ही गृह मंत्री को बता दिया था कि वरिष्ठ नेताओं का एक प्रतिनिधिमंडल उनसे मिलेगा, उसी के बाद यह मुलाकात तय हुई। उमेश पाटील ने कहा, "यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और नेशनलिस्ट कांग्रेस पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के बीच दिल्ली में बुधवार को हुई बैठक को बेवजह राजनीतिक रंग दिया जा रहा है, ताकि पार्टी में अंदरूनी मतभेद की कहानी गढ़ी जा सके।" उन्होंने आरोप लगाया कि "कुछ अदृश्य ताकतें" पार्टी में नेतृत्व के मतभेद और तालमेल की कमी का बनावटी नैरेटिव खड़ा करने की कोशिश कर रही हैं।

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