पवार भाजपा के साथ जाएंगे या राष्ट्रवादी का विलय होगा? संजय राउत ने क्या कहा
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ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने कहा कि शरद पवार भाजपा के साथ कभी नहीं जाएंगे। राष्ट्रवादी के विलय पर उन्होंने सीधे कुछ नहीं कहा।
महाराष्ट्र में इन दिनों दो सवालों पर चर्चा है। क्या शरद पवार एनडीए में जाएंगे? क्या दोनों राष्ट्रवादी पार्टियों का विलय होगा? हर कोई अपने ढंग से अंदाजा लगा रहा है। मीडिया से बात करते हुए ठाकरे गुट के नेता संजय राउत ने पहली संभावना खारिज कर दी। उन्होंने कहा कि शरद पवार भाजपा के साथ कभी नहीं जाएंगे। राष्ट्रवादी के विलय पर उन्होंने सीधे कुछ नहीं कहा।
राउत के मुताबिक पवार की पार्टी को लेकर लगातार खबरें फैलाई जा रही हैं और जानबूझकर चर्चा खड़ी की जा रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री का फोन आया और मोदी ने कहा कि हम मिलकर देश संभालेंगे। इस पर राउत ने पूछा कि मिलकर देश चलाना था तो हमारी पार्टियां क्यों तोड़ीं, राष्ट्रवादी क्यों तोड़ी, शिवसेना क्यों तोड़ी। उनके मुताबिक ये सारी खबरें बेमतलब हैं और इन्हें नजरअंदाज करना चाहिए। पवार इंडिया गठबंधन के मजबूत स्तंभ हैं और वैसे ही रहेंगे। राउत ने कहा कि कोई कितनी भी अफवाह फैलाए, उनकी प्रगतिशील विचारधारा में गड़बड़ नहीं होगी, इतने सालों में नहीं हुई और आगे भी नहीं होगी।
राउत ने बताया कि वे कल शरद पवार से मिले थे। उनके मुताबिक पवार की तबीयत ऐसी नहीं है कि लंबी चर्चा हो सके, क्योंकि उनका इलाज चल रहा है। पार्टी को लेकर चल रही खबरों को उन्होंने पवार का अंदरूनी मामला बताया। राउत ने कहा कि अजितदादा गुट को महायुति में दिक्कतें हैं और उन्हें मान-सम्मान नहीं मिल रहा, इसलिए वे पवार की लीडरशिप में काम करना चाहते हैं। उन्हें साथ लेना है या नहीं, यह पवार का फैसला है। राउत ने साफ कहा कि सत्ता आपको मिल जाए, इसके लिए पवार दूसरी धारा में नहीं जाएंगे।
विलय पर राउत ने कहा कि अजितदादा के गुट से ही अलग-अलग बयान दिए जा रहे हैं। उनके मुताबिक वे जहां हैं, वहां उनके लिए सब ठीक नहीं है। राउत ने कहा कि सिर्फ हसन मुश्रीफ और प्रफुल्ल पटेल पर लगे केस खत्म हुए और पटेल की संपत्ति मुक्त हो गई। कुछ लोगों को फायदा हुआ, बाकी को नहीं। उनके मुताबिक कुछ लोग पार्टी में पद पर हैं, लेकिन सारी बागडोर पार्थ पवार के हाथ में है और उन्हें पार्थ पवार के साथ काम करना पड़ रहा है।
पार्थ पवार के बारे में राउत ने कहा कि हो सकता है वे उन लोगों को विश्वास में न लेते हों, पर वे अपने तरीके से पार्टी को आगे बढ़ा रहे हैं। वे युवा नेता हैं, पार्टी चलाने की उनकी अपनी दिशा और सोच हो सकती है, शायद वे नई पीढ़ी को मौका देना चाहते हों। उन्हें अपने तरीके से पार्टी चलाने का अधिकार है।
प्रफुल्ल पटेल के पवार से मिलने पर राउत ने कहा कि शरद पवार पूर्णकालिक राजनेता हैं और पिछले 60 साल से राजनीति और समाजसेवा कर रहे हैं। उनके मुताबिक कल पवार से मिलने जयंत पाटिल आए थे, बालासाहेब थोरात भी थे और अदानी भी थे। इसलिए अलग-अलग विषयों पर चर्चा होती रहती है।
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